Wednesday, June 16, 2021
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लूट करने वाले प्राइवेट अस्पतालों पर की जाए कार्रवाई

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  • अफसरों पर खूब खफा दिखे मुख्यमंत्री

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को जब क्रांतिधरा पर पहुंचे तो उनके चेहरे पर सख्ती के भाव साफ झलक रहे थे। लग रहा था कि अव्यवस्था के जिम्मेदारों पर गाज गिर सकती है। अधिकारी भी भयभीत दिखे। शाम 4.33 बजे जैसे ही कमिश्नरी सभागार में सीएम की मीटिंग चालू हुई तो बाहर घूम रहे उनके अधीनस्थ अफसर भी घबराएं हुए थे। लग रहा था कि सिस्टम पर बड़ी कार्रवाई हो सकती हैं, लेकिन करीब 30 मिनट चली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस मीटिंग में मेडिकल के प्राचार्य को सलीके से बचा लिया गया तथा मुख्यमंत्री के गुस्से के निशाने पर प्राइवेट हॉस्पिटल कर दिये गए।

मुख्यमंत्री ने मीटिंग में दो टूक कह दिया कि प्राइवेट अस्पतालों में लूट हो रही है। मरीज का इलाज करने से पहले रुपया जमा कराया जाता है। वह भी मनमाफिक रुपया लिया जा रहा है। आॅक्सीजन के भी पैसे ज्यादा लिये जा रहे हैं। ऐसे तथ्य सामने आते है तो प्राइवेट अस्पताल मालिकों के खिलाफ सीधे कार्रवाई करने के भी सीएम ने निर्देश दिये। कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में लूट कतई स्वीकार नहीं।

यदि कोई अस्तपाल लूट कर रहा है तो कार्रवाई के लिए तैयार हो जाए। इसमें किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी। क्योंकि एक तो मरीज कोरोना के संक्रमण से जूझ रहा है, वहीं दूसरे प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर मरीजों के साथ लूट कर रहे हैं। अफसरों से भी सीएम साहब? खूब खफा दिखे, लेकिन चेतावनी देकर छोड़ गए। कहा कि सिस्टम सुधर जाना चाहिए, कहीं से कोई लापरवाही सामने आयी तो कार्रवाई होगी।

हालांकि कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह ने बड़े ही सलीके से सीएम साहब को मंडल भर में कोरोना संक्रमण फैलने की वजह बतायी तथा मौत के आंकड़े भी उन्हें गिनाये, लेकिन कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह बड़े ही सलीके से सीएम साहब का गुस्सा शांत कराने में कामयाब रहे। कमिश्नर ने ही पूरी मीटिंग को हैंडल किया। उनके अलावा कोई दूसरा अधिकारी नहीं बोला, लेकिन मीटिंग में जो भाजपा नेता मौजूद थे, उन्होंने खामिया गिनाने की बजाय अधिकारियों की शान में कसीदे पढ़े।

सपा के शहर विधायक रफीक अंसारी ने मेडिकल से लेकर प्राइवेट अस्पतालों तक की पोल सीएम के सामने खोल दी। मेडिकल के लचर सिस्टम पर भी शहर विधायक ने सीएम से शिकायत की तथा यहीं नहीं, सरकारी मौत के आंकड़े को भी झूठला दिया। कहा कि बहुत बच्चे अनाथ हो गए हैं। परिवारों पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है। इसके बाद ही सीएम ने प्राइवेट हॉस्पिटल मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिये।

मीटिंग में सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, बागपत के सांसद सतपाल सिंह, राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम, केन्द्रीय राज्यमंत्री डा. संजीव बालियान, विधायक सत्यवीर त्यागी, सत्यप्रकाश अग्रवाल, जितेन्द्र सतवाई, दिनेश खटीक, सपा विधायक रफीक अंसारी आदि जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों के अलावा कमिश्नर सुरेन्द्र सिंह, डीएम के.बालाजी, नगरायुक्त मनीष बंसल, सीडीओ, ऊर्जा निगम के एमडी आदि मौजूद रहे।

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