Saturday, June 12, 2021
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फोर्टिस में आपरेशन, इलाज कराने मेडिकल में भर्ती

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जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: ब्लैक फंगस ने तेजी से पैर पसारना शुरु कर दिया है। मेरठ मेडिकल कालेज में एक दर्जन जनपदों के मरीज इलाज के लिये आ रहे हैं। एक मरीज तो फोर्टिस में आपरेशन कराने के बाद भर्ती हुआ है क्योंकि प्राइवेट में दवा न होने के कारण मजबूरन लोगों को भर्ती होना पड़ रहा है।

एक ओर वेस्ट यूपी में ब्लैक फंगस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं और दूसरी तरफ दवाओं का संकट निजी अस्पतालों में बना हुआ है। हालात यह हो गए हैं कि लोगों को सब्सीटयूट दवाओं से काम चलाना पड़ रहा है।

मेडिकल कालेज में बनाए गए म्यूकर वार्ड में रामपुर, नोएडा, सहारनपुर, बागपत, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और मेरठ के अलावा कई जगहों के 68 मरीज भर्ती हैं और इनके लिये शासन से दवाएं भी दोबारा आ गई है। म्यूकर वार्ड प्रभारी डा. वीपी सिंह ने बताया कि मेडिकल कालेज में ब्लैक फंगस का इलाज सटीक हो रहा है।

नोएडा के फोर्टिस अस्पताल से एक मरीज भर्ती होने आया है, उसको वहां दवाएं नहीं मिल पा रही थी जिस कारण से उसकी जान खतरे में बनी हुई थी। मेडिकल कालेज में भर्ती 68 मरीजों में 30 मरीज ठीक होकर जा चुके हैं। वहीं मंडल के जिलों में ब्लैक फंगस के इलाज के लिए इंजेक्शन कमिश्नर और अपर निदेशक स्वास्थ्य के माध्यम से मिलेंगे। साथ ही प्राइवेट अस्पतालों को इंजेक्शन मेडिकल कॉलेज से दिए जाएंगे।

कालाबाजारी रोकने के मद्देनजर इंजेक्शन के लिए एडी आॅफिस और मेडिकल कॉलेज को नोडल सेंटर बनाया गया है। यहां से मंडल के सभी जिलों को इंजेक्शन जरूरत के हिसाब से मुहैया कराए जाएंगे। प्राइवेट अस्पतालों को इंजेक्शन मरीजों का ब्योरा देखने के बाद ही दिए जाएंगे।

अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. राजकुमार ने बताया कि 100 इंजेक्शन मिले थे, जिन्हें रविवार को आवंटित कर दिया गया। उधर, रविवार को मेडिकल कॉलेज में इंजेक्शन लेने पहुंचे, लेकिन उपलब्ध इंजेक्शन आवंटित होने के कारण सभी को नहीं मिल सके।

हालांकि कुछ लोगों को इंजेक्शन मिल भी गए। वहीं मेरठ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री रजनीश कौशल ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से बार बार कहने के बाद भी ब्लैक फंगस की दवाएं बाजार में नहीं है।

सरकार 50 फीसदी दवा प्राइवेट अस्पतालों और 50 फीसदी सरकारी अस्पतालों को दे। सोमवार को खैरनगर में तमाम लोग मेडिकल स्टोरों पर ब्लैक फंगस की दवाएं लेने के लिये गए और निराश होकर लौट आए।

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