जनवाणी संवाददाता |
चांदपुर: राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों के विरोध तथा एमसपी का कानून बनाये जाने व पेट्रोलियम पदार्थों के साथ ही विद्युत की बढ़ी दरे वापस लेने की मांग को लेकर गांव-गांव क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। अनशन कारी किसान कृषि कानूनों के साथ ही पेट्रोलियम बिजली की बढ़ी दरों का विरोध कर रहे हैं।
कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों का आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है। दिल्ली में कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे धरने से अपना हाथ पीछे खींच चुके भारतीय किसान मजदूर संगठन ने एमएसपी के लिए कानून बनाए जाने की मांग को लेकर गांव गांव में क्रमिक अनशन शुरु कर दिया है।
क्षेत्र के ग्राम मिठनपुर व बाबरपुर के साथ ही दर्जनों गांवों में भारतीय किसान मजदूर संगठन के तत्वाधान में किसान क्रमिक अनशन कर रहे हैं। अनशन पर बैठे किसान कृषि कानूनो का विरोध करने के साथ ही सरकार द्वारा लगातार बढ़ाए जा रहे हैं पेट्रोल-डीजल व गैस के साथ ही बिजली की बढ़ी दरों से परेशान हैं और उन्हें वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
अनशनकारी किसानों का कहना है कि जब तक की सरकार कृषि के लिए एमएसपी का कानून नहीं बनाएगी और साथ ही डीजल व पेट्रोल के साथ ही गैस के दामों में की गई बेतहाशा वृद्धि वापस नहीं लेती है किसानों का आंदोलन थमने वाला नही है।
अनशनकारी किसान बिजली की बढ़ी दरो का को मुद्दा बनाते हुए उसे कमकम करने की मांग भी कर रहे है। ग्राम मिठनपुर में क्रमिक अनशन पर बैठने वालों में मामराज सिंह, कुलविंदर सिंह, भूपेंद्र सिंह, सुनील कुमार, कमल सिंह तथा ग्राम बाबरपुर में राजपाल सिंह, बाबू सिंह, भूरे सिंह, पुनीत कुमार, बृजपाल सिंह आदि शामिल रहे।

