- चमरावल गांव में दो दिन में शराब से पांच लोगों की मौत की सूचना से अधिकारियों में हड़कंप
- ग्रामीणों ने गांव में अवैध शराब की बिक्री का किया दावा, पुलिस-प्रशासन कर रहा शराब से मौत का इंकार
जनवाणी संवाददाता |
चांदीनगर/रटौल: चांदीनगर थाना क्षेत्र के चमरावल गांव में दो दिन में पांच लोगों की शराब से मौत की सूचना पर बागपत से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मच गया। सुबह सूचना मिलते ही डीएम से लेकर एएसपी तक मौके पर पहुंचे।
यही नहीं लखनऊ से आबकारी अधिकारियों को जांच के लिए भेजा गया। मेरठ से आबकारी आयुक्त गांव पहुंचे और परिजनों से बातचीत की। ग्रामीणों ने शराब के सेवन का आरोप लगाया। दिनभर अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति रही और गांव में ही डेरा डाले रहे।
चमरावल गांव में गुरुवार को श्यामलाल पुत्र तिलकराम की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। श्यामलाल की मौत शराब के सेवन करने से होने की सूचना फैल गई। जिसके बाद ग्रामीण भारी संख्या में एकत्र हो गए।

परिजनों ने सुबह इस बात को स्वीकार किया था कि शराब पीने से ही श्यामलाल की मौत हुई है और उसकी जेब से भी शराब का पव्वा निकला है। लेकिन थोड़ी ही देर बाद उसके बेटे ने शराब के सेवन से पुलिस के सामने इंंकार कर दिया।
हालांकि बुधवार को भी गांव में चार लोगों की मौत हुई थी। उनके परिजनों ने शराब पीने से ही मौत की बात को स्वीकार किया है। पुलिस के सामने भी उन्होंने शराब की बात को स्वीकार किया है।

बताया जाता है कि बुधवार को 25 वर्षीय लामू पुत्र असगर, 40 वर्षीय शिव कुमार पुत्र बल्लू, 50 वर्षीय बल्लू पुत्र शिवदयाल, 40 वर्षीय शिक्कम पुत्र प्रकाश की भी मौत हुई थी। इनके परिजनों ने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी थी। सुबह श्यामलाल के बेटे ने भी किसी भी तरह की कार्रवाई से इंकार कर दिया था।
हालांकि ग्रामीण पोस्टमार्टम कराकर कार्रवाई की मांग पर अडिग थे। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में ही शराब बेची जाती है और उसी के सेवन से यह मौतें हुई है। बाद में परिजन श्यामलाल का अंतिम संस्कार करने के लिए चल दिए थे, लेकिन रास्ते में ही डीएम शकुंतला गौतम मय अधिकारियों के साथ वहां पहुंच गई और उन्हें रोक लिया।
डीएम ने परिजनों से बातचीत की और उन्हें पोस्टमार्टम कराने के लिए समझाया। जिसके बाद परिजनों की सहमति बनी और शव को पीएम के लिए भेजा गया।
समाचार लिखे जाने तक पीएम रिपोर्ट नहीं आई थी। डीएम का कहना था कि पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही असलियत का पता चलेगा। जांच की जा रही है। शराब की बात को परिजन इंकार कर रहे हैं।
शराब की बात की जांच की जा रही है, अगर ऐसा है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अभी यह नहीं कहा जा सकता है कि इनकी शराब से मौत हुई है।
उधर, लखनऊ तक मामले की गूंज हो गई और उच्चाधिकारी पल-पल की जानकारी लेने में जुट गए। डीएम ने गृह अपर मुख्य सचिव से भी बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी दी थी। बाद में मेरठ से संयुक्त आबकारी आयुक्त राजेश मणि त्रिपाठी भी गांव पहुंचे और ग्रामीणों व मृतकों के परिजनों से बातचीत की। गांव में अधिकारियों ने डेरा डाले रखा।
एक युवक की तबियत खराब
गांव के ही एक युवक की तबियत भी गत दिवस शराब पीने से खराब हो गई थी। वह खेकड़ा के एक निजी अस्पताल में भर्ती है। बताया जाता है कि वह गांव के ही एक व्यक्ति से शराब लेकर आया था, उसके बाद से ही उसकी तबियत खराब हो गई थी।
ग्रामीण बोले, गांव में बेची जाती है अवैध शराब
ग्रामीणों ने गांव में अवैध रूप से शराब बेचने के आरोप लगाए हैं। एक ग्रामीण ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उसके चाचा की कल मौत हुई है। शराब पीने के बाद उसके चाचा की तबियत खराब हुई थी, जिसके बाद उन्हें चिकित्सक के यहां ले जाने लगे तो रास्ते में ही दम तोड़ दिया था।
बताया कि मुंह से खून व उल्टी आई थी। आरोप लगाया कि गांव में जहरीली शराब बेची जाती है, जिस पर पुलिस भी कोई अंकुश नहीं लगा पा रही है। इसके अलावा कई ग्रामीणों ने इस बात को स्वीकार किया है कि एक दिन में चार मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई थी और सभी मौत शराब के सेवन से हुई है।
अधिकारियों के छूट रहे पसीने
चमरावल गांव में दो दिन में पांच लोगों की मौत की सूचना के बाद अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। डीएम, एडीएम, एएसपी, सीओ व आसपास थानों की पुलिस गांव में पहुंच गई थी। यही नहीं आबकारी विभाग के मेरठ व बागपत के अधिकारी भी गांव में पहुंच गए थे।
अधिकारी शराब की बात को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। सभी का कहना है कि जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इतना जरूर है कि हर अधिकारी के पसीने छूट रहे थे। पोस्टमार्टम पर इसलिए जोर दिया जा रहा था ताकि पता चल सके कि हकीकत क्या है? देखा जाए तो अधिकारियों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ झलक रही थीं। अगर, शराब के सेवन से मौत की पुष्टि होती है तो अधिकारियों को भारी भी पड़ सकती है।

