Monday, June 14, 2021
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जिपं सदस्य अश्वनी की बीडीओ पत्नी निलंबित

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  • अश्वनी शर्मा बोले-सत्ता के दबाव में की जा रही कार्रवाई
  • बीडीओ पहले ही दर्ज करा चुके हैं मुकदमा

जनवाणी संवाददाता |

सरधना: सरधना में मतगणना के दौरान हुए ड्रामे के बाद से वार्ड-10 के जिला पंचायत सदस्य अश्वनी शर्मा पक्ष के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई जारी है। अब जानी खुर्द ब्लॉक में बीडीओ के पद पर तैनात अश्वनी की पत्नी को निलंबित कर दिया गया है। उन पर मतगणना के दौरान उपद्रव करने, मत पेटी को सील करने से रोकने और बीडीओ सरधना से अभद्रता करने समेत कई आरोप लगाए गए हैं।

बीडीओ सरधना पहले ही अश्वनी शर्मा व उनकी पत्नी समेत कई लोगों के खिलाफ इस बाबत सरधना थाने में मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। वहीं, अश्वनी शर्मा ने इस कार्रवाई को सत्ता की तानाशाही बताया है। उनका कहना है कि भाजपा नेताओं द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए वोट का दबाव बनाया जा रहा है। इंकार करने पर दबाव बनाने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।

जिला पंचायत सदस्य की वार्ड-10 की सीट काफी चर्चाओं में रही है। मतगणना के दौरान इस सीट को लेकर खूब ड्रामा हुआ था। बसपा समर्थित प्रत्याशी व उनके समर्थकों ने प्रशासन पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। हालांकि देर रात अश्वनी को विजयी घोषित कर दिया गया था।

इस घटना के एक सप्ताह बाद बीडीओ सरधना के द्वारा सरधना थाने में अश्वनी शर्मा व उनकी पत्नी कंचन समेत कई लोगों के खिलाफ अभद्रता करने समेत विभिन्न आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया था। बात यहीं खत्म नहीं हुई है। अब प्रशासन ने अश्वनी की पत्नी पर कार्रवाई का चाबुक चलाया है। अश्वनी की पत्नी कंचन बीडीओ यानी ग्राम पंचायत अधिकारी के तौर पर जानी खुर्द ब्लॉक में तैनात थी।

मंगलवार को जिला पंचायत राज अधिकारी मेरठ के द्वारा कंचन को निलंबित कर दिया गया। कंचन पर मतगणना के दौरान उपद्रव करने समेत विभिन्न आरोप हैं। जिनके चलते उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। वहीं इस कार्रवाई को अश्वनी शर्मा ने सत्ता की तानाशाही बताया है। उन्होंने राजनीतिक दबाव में अधिकारियों के कार्रवाई करने की बात कही है।

वहीं, इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य वार्ड-10 अश्वनी शर्मा का कहना है कि अधिकारी सत्ता के दबाव में काम कर रहे हैं। मुझ पर भाजपा के बड़े नेताओं द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए पार्टी के पक्ष में वोट करने का दबाव बनाया जा रहा है। मैंने वोट देने से इंकार किया तो इस तरह की कार्रवाई शुरू करा दी गई। मैं किसी भी कार्रवाई या तानाशाही से डरने वाला नहीं हूं।

उधर, इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार सिन्हा का कहना है कि जानी खुर्द ब्लॉक में तैनात वीडीओ कंचन शर्मा को निलंबित किया गया है। उन पर मतगणना के दौरान बीडीओ सरधना के साथ अभद्रता करने समेत कई आरोप हैं। उनसे नोटिस जारी करके जवाब मांगा गया था, लेकिन उनके द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जिसके चलते निलंबन की कार्रवाई अमल में लाई गई है।

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