- केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह ने किया द्रोण मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रोमा सेंटर का उद्घाटन
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: बुधवार को केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह ने सरधना पहुंच कर बिनौली रोड स्थित नवनिर्मित द्रोण मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल एंड ट्रोमा सेंटर का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवांए मिल रही हैं। साथ ही कहा कि सरकार द्वारा चलाई जा रही आयुष्मान योजना गरीबों के लिए संजीवनी साबित हुई है। आयुष्मान योजना विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। जिसका लाभ देश के करोड़ों लोगों को मिल रहा है। उन्होंने हॉस्पिटल के डायरेक्टर संजय त्यागी को बधाई दी। साथ ही कार्यक्रम में पहुंचे कार्यकर्ताओं और लोगों को आभार प्रकट किया। इस मौके पर भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सर्वप्रथम केंद्रीय राज्यमंत्री चौधरी जयंत सिंह ने विधिवत रूप से फीता काटकर हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। इसके बाद पूरे अस्पताल का भ्रमण किया। तत्पश्चात लोगों के बीच पहुंचे। यहां स्कूली बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आधुनिक मशीनों से युक्त अस्पताल खुलना क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात है। इसका लाभ आसपास की जनता को मिलेगा।
अस्पताल खोलने के लिए डायरेक्टर संजय त्यागी को उन्होंने बधाई दी। साथ ही कहा कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं आज ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंच रही हैं। आयुष्मान योजना गरीबों के लिए संजीवनी साबित हुई है। जिसमें जनता को पांच लाख तक का सुरक्षा कवच मिल रहा है। सरकार इस रकम को बढ़ा भी सकती है। आगे उम्मीद है कि देश की दो तिहाई जनता को इसका लाभ मिलेगा। वर्तमान में करोड़ों लोगों को आयुष्मान योजना का लाभ मिल रहा है।
नौकरी की कतार में नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा: जयंत
केन्द्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि युवाओं को नौकरियों की कतार में खड़ा न होना पड़े, बल्कि वे अपनी काबिलियत के माध्यम से नौकरियां और रोजगार देने के अवसर प्रदान कर सकें, इसके लिए प्रयास जरूरी हैं। गुरुवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित सुभाष चंद्र बोस प्रेक्षागृह में जन शिक्षण संस्थान जोनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि पद से संबोधित करते हुए कहा कि रालोद सुप्रीमो और केन्द्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि जन शिक्षण संस्थान के माध्यम से रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
जरूरत इस क्षेत्र को जमीन पर समीक्षा करने और सुधार के प्रयास की है। जेएसएस ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शनी लगाकर अपने स्किल के बारे में एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। यह विभाग की ओर से संचालित जेएसएस संस्था के जरिये जमीन होने वाली गतिविधियों को दर्शाता है। उन्होंने बदलते समय का उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय आईआईटी में दाखिला मिलना ही इस बात की गारंटी माना जाता था कि अब सरकारी नौकरी मिल जाएगी। जबकि वर्तमान स्थिति यह है कि वर्ष 2024 के आंकड़ों के मुताबिक ऐसे केवल 38 प्रतिशत युवाओं को ही रोजगार मिल सका है, यह जॉब सेक्टर का एक कड़वा सत्य है।
चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि आर्थिक स्ट्रक्चर में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। इसमें भारतीय समाज के लिए खुद को तैयार करने की आवश्यकता है। इसका उदाहरण देते हुए कहा कि कंप्यूटर से लेकर कृषि तक के क्षेत्र में विभिन्न तब्दीलियां बीते दो-तीन दशक में हुई है, जिसे सभी ने अपनी आंखों से देखा है। जन शिक्षण संस्थान में कार्यदायी संस्था भी खुद जनता है, युवाओं को चाहिए कि इन योजनाओं का लाभ उठाया जाए। मेरठ और बागपत जिलों में अभी जेएसएस की कोई इकाई नहीं है, जबकि यहां के युवाओं को इसकी बहुत आवश्यकता है। जेएसएस के दायरे को बढ़ाने और कौशल विकास की योजनाओं को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने की आवश्यकता पर उन्होंने बल दिया। चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में भी योजनाओं का लाभ मिले,
इसके लिए कदम उठाए जाएंगे। उत्तर प्रदेश सरकार में कौशल विकास विभाग के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि स्किल का जीवन में होना बहुत जरूरी है। छोटे-छोटे उत्पाद आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने वर्ल्ड स्किल सेंटर को आगे बढ़ने पर बल दिया। समारोह के दौरान राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, रालोद सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान, चंदन सिंह चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज, कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, सचिव अतुल तिवारी, सिवालखास विधायक गुलाम मोहम्मद आदि मंचासीन रहे।

