- डीएम ने की जिला सलाहकार समिति बैठक में समीक्षा
जनवाणी संवाददाता |
शामली: जिलाधिकारी ने लंबित ऋण से संबंधित फाइलों की बैंकवार समीक्षा करते हुए समय से ऋण संबंधी पत्रावलियों का निस्तारण न करने वाले बैंकों के खिलाफ कठोर कार्यवाही चेतावनी दी। शनिवार को जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति की बैठक में बैंकों में लंबित ऋण संबंधी फाइलों की बैंक वार समीक्षा करते हुए लंबे समय से ऋण संबंधी पत्रावलियों का निस्तारण न करने वाले बैंकों के खिलाफ चेतावनी देते हुए ऋण संबंधित लंबित पत्रावलियों को दिसंबर माह में निस्तारित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूहों को बैंक द्वारा दिए जाने वाले ऋण एवं खादी ग्रामोद्योग विभाग, उद्योग विभाग आदि से संबंधित विभागों के विभिन्न योजनाओं के बैंकों में प्रेषित किए गए आवेदनों की समीक्षा की। जिलाधिकरी ने संबंधित बैंकों के समन्यवकों को निर्देश देते हुए कहा संबंधित विभाग एवं बैंक आपस में समन्वय स्थापित करते हुए लंबित प्रकरणों का निस्तारण समय से करें। यदि उसके बावजूद भी बैंकों द्वारा लापरवाही की जाती है, उसके संबंध में संबंधित विभाग अवगत कराएं जिससे संबंधित बैंक के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई
जा सके।

बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया कि बैंकों द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में 30 सितंबर 2020 तक 1008.10 करोड रुपये प्राथमिक क्षेत्र में एवं 127.20 करोड रुपये गैर प्राथमिक क्षेत्र में वितरित किए गए। मुद्रा ऋण के तहत 9890 व्यक्तियों को 46.63 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त जनधन योजना के तहत वित्तीय वर्ष सितंबर माह तक 19551 खाते खोले गए। बैठक में बैंकों से जुड़े अन्य बिंदुओं पर चर्चा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शंभू नाथ तिवारी, लीड बैंक मेनेजर शैलेष कुमार, एनआरएलएम के उपायुक्त शैलेष व्यास, कृषि उप निदेशक डा. शिव कुमार केसरी, जिला कृषि अधिकारी डा. हरिशंकर आदि उपस्थित रहे।

