Tuesday, December 9, 2025
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छह महीने में 20 हजार 78 करोड़ रुपये का हुआ बासमती का निर्यात

  • बासमती चावल का इस बार हुआ रिकॉर्ड तोड़ निर्यात
  • दुनिया के 150 देशों को निर्यात होता है बासमती का चावल

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: बासमती के निर्यात में इस बार बंपर डिमांड बढ़ी है। यह डिमांड भारत में ही नही बल्कि दुनिया भर के 150 से अधिक देशों में बढ़ी है। क्योंकि 150 देशों में बासमती का निर्यात किया जाता है। इस बार बासमती के निर्यात में मात्र छह महीने में ही रिकॉर्ड टूट गए है। इस बार बासमती के निर्यात में मात्र छह महीने में 20 हजार 78 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है।

24 लाख टन बासमती के चावल का निर्यात हो चुका है। पिछले वर्ष एक साल में 26 हजार 415 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। लगभग 40 लाख टन चावल का निर्यात हुआ। छह माह का यह आंकड़ा अप्रैल से अक्टूबर तक का है। क्योंकि इस छह महीने में इस बार रिकार्ड तोड़ बासमती का निर्यात हुआ।

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इस वर्ष बासमती 83.31 रुपये प्रति किलो के दाम से बिका है। पिछले वर्ष 66.90 रुपये प्रति किलो के दाम बिका था। बीईडीएफ के प्रधान वैज्ञानिक डा. रितेश शर्मा ने बताया कि इस बार बासमती ने मात्र छह महीने में सभी रिकार्ड तोड़ दिए है। क्योंकि छह महीने में इस बार रिकार्ड तोड़ निर्यात हुआ है। बासती का निर्यात दुनिया के 150 देशों में होता है।

बासमती के किसान हुए मालामाल

प्रधान वैज्ञानिक डा. रितेश शर्मा ने बताया कि बासमती उत्पादक राज्यों के किसानों को इस बार बेहद अच्छी कमाई हो रही है। क्योंकि डिमांड इस बार लगातार बढ़ रही है। इस बार बासमती के किसान मालामल हो गए है। हालांकि उत्पादन इस बार कम है। लेकिन डिमांड लगातार बढ़ रही है।

भारत में सत्तर फीसदी होता है बासमती का उत्पादन

दुनिया में बासमती का उत्पादन सत्तर फीसदी भारत में होता है। जबकि तीस फीसदी पाकिस्तान में होता है। इस बार पाकिस्तान में बारिश होने के कारण वहां बासमती की फसल बर्बाद हो गई है। जिसके चलते बासमती की डिमांड़ लगातार बढ़ रही है। दुनिया भर में इस बार भारत से ही बासमती का निर्यात हो रहा है।

ये है बासमती की किस्में

  • 1121 बासमती
  • 1509 बासमती
  • 1092 बासमती
  • पूसा बासमती वन

इन देशों में अधिक बासमती की डिमांड

भारत के बासमती की डिमांड यूरोप, अमेरिका, दुबई, सऊदी अरब, ईराक देशों में अधिक है। क्योंकि यहां बासमती को बेहद पसंद किया जाता है। इसलिए यहां डिमांड़ ज्यादा की जा रही है।

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