Sunday, October 17, 2021
- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
- Advertisement -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeUttar Pradesh NewsShamliबेलगाम रोडवेज ने बुझा दिए गए घरों के चिराग

बेलगाम रोडवेज ने बुझा दिए गए घरों के चिराग

- Advertisement -
  • कैबिनेट मंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य महकमा हुआ अलर्ट
  • घायलों की चीख-पुकार से अस्पताल का सन्नाटा टूटा

जनवाणी संवाददाता |

थानाभवन: कस्बा थानाभवन में बेलगाम रोडवेज द्वारा रौंदे जाने से जहां तीन घरों के चिराग बुझ गए, वहीं हादसे के समय घटनास्थल पर मचे चित्कार से आह ही निकल पाई। इसके बाद हर कोई घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सीय उपचार दिलाने के लिए घायलों को उठाने लगा।

ब्लैक फ्राइडे पर कस्बा थानाभवन में बेलगाम रोडवेज ने चरथावल बस स्टैंड पर बस की प्रतीक्षा में खड़े यात्रियों को रौंद दिया। हादसे में जहां तीन बच्चों मयंक, रोहित तथा इशिका की मौत हो गई, वहीं करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। हादसे में मृतक 12 वर्षिय रोहित अपनी मां नीशू तथा पिता देवीचन्द के साथ शामली से थानाभवन पहुंचें थे, उसके बाद यहां चरथावल बस स्टैंड पर मुजफ्फरनगर के गांव लुहारी खुर्द जाने के लिए बस की प्रतीक्षा कर रहे थे। रोहित चार बहनों का इकलौता भाई था। रोहित की मौत से पूरे परिवार पर गमों का पहाड़ टूट गया है। हादसे में रोहित की मां भी गंभीर रूप से घायल है।

दूसरी ओर, मोहित अपनी पत्नी अंजू, नौह माह के बेटे मयंक तथा भाई कार्तिक के साथ गढ़ीपुख्ता थाना क्षेत्र के गांव गांव युनूसपुर अपनी ससुराल से अपने गांव निरपुड़ा, जनपद बागपत जाने के लिए बस की प्रतीक्षा में खड़ा था। हादसे में दूधमुंहे मयंक की मौत हो गई जबकि गंभीर हालत में अंजू तथा कार्तिक को रैफर किया गया है। अंजू के दोनों पैरों पर रोडवेज बस का पहिया चढ़ने से उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। इसी तरह हरिद्वार के ग्राम इब्राहिमपुर निवासी प्रवेश की पत्नी जूली अपनी तीन वर्ष की बेटी ईशिका और भतीजी जाह्नवी के साथ कस्बा जलालाबाद में रिश्तेदारी से वापस अपने घर लौट रही थी। ये भी बस के इंतजार में खड़े थे। हादसे में ईशिका की मौत हो गई जबकि जूली तथा जाह्नवी गंभर रूप से घायल हैं।

हादसे के बाद घटनास्थल के आसपास चारों ओर चीख-पुकार मच गई। अफरा-तफरी के बीच एक ओर भीड़ ने जहां रोडवेज बस के चालक-परिचालक को दबोच लिया, वहीं लोग तुरंत पुलिस और सीएचसी थानाभवन को सूचना दी। महज 400 मीटर की दूरी से एंबुलेंस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। एंबुलेंस से सभी घाायलों को सीएचसी भेजा गया, जहां मयंक, रोहित तथा ईशिका को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे में घायल दो बच्चे तथा तीन महिलाओं को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

अस्पताल चित्कारों से गूंजा

पुलिस एंबुलेंस से घायलों को अस्पताल लेकर पहुंची। तब तक हादसे की खबर जंगल में आग की तरह कस्बे में फैल चुकी थी। जिस पर बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के बाहर जमा हो गए। अस्पताल के अंदर घायलों की चीख पुकार मची हुई थी। घायलों को उपचार देने के लिए स्वास्थ्य विभाग पहले ही अलर्ट हो गया। उस समय जो भी स्वास्थ्यकर्मी अपने आवास पर था, वह तुरंत अस्पताल पहुंचा और घायलों की चिकित्सा में लग गया।

अतिक्रमण बना हादसे का मुख्य कारण

कस्बा थानाभवन में के दिहली-सहारनपुर मार्ग पर शामली बस स्टैंड हो या फिर चरथावल बस स्टैंड मार्ग, हर जगह दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। नगर पंचायत थानाभवन अतिक्रमण पर बुल्डेजर चलाने में हिचकती रहती है। इसका एक बड़ा कारण कई तरह का हस्तक्षेप बताया जाता है। इसके बाद दुकानों के आगे ठेली वाले ठेली लगाकर खड़े हो जाते हैं। जिससे यात्रियों को आधी सड़क तक मजबूरी में खड़े होने पड़ता है। चरथावल बस स्टैंड होने के बाद भी बसें बस स्टैंड में ना जाकर यात्रियों को बाहर सड़क से ही उठाती हैं। जिसके चलते मार्ग पर भारी भीड एकत्र रहती है।

कैबिनेट मंत्री के आदेश पर स्वास्थ विभाग मुस्तैद

सड़क हादसे की सूचना पर कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने शामली और मुजफफरनगर के मुख्य चिकित्साधिकारियों को घायलों को तुरन्त चिकित्सा मुहिया कराने के निर्देश दिये। जिस पर सीएमओ वीर बहादुर ढाका स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के साथ थानाभवन पहुंचें तथा घायलों को उपचार दिलाया। वहीं कैबिनेट मंत्री के कैम्प प्रभारी नरेन्द्र त्यागी ने घटनास्थल पर घायलों को मदद पहुंचाई।

What’s your Reaction?
+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

+1
0

- Advertisement -

Leave a Reply

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

- Advertisment -spot_img

Recent Comments