- धरनास्थल पर पहुंच समर्थन पत्र सौंपकर धरने को दी धार
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर जनपद के समस्त कार्मिकों ने खेड़ीकरमू स्थित मंडल कार्यालय पर सरकार के पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजिकरण के फैसले के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारियों के धरने को भाकियू, जिला कांग्र्रेस कमेटी और जिला ब्राह्मण सभा ने समर्थन दिया।
मंगलवार को भी विद्युत कर्मचारियों ने खेड़ीकरमू स्थित विद्युत वितरण मंडल कार्यालय पर सरकार के निजीकरण के फैसले के विरोध में धरना-प्रदर्शन जारी रहा। संघर्ष समिति के जिला संयोजक ने बताया कि निजीकरण होने के बाद निजी कंपनियों द्वारा किसी भी श्रेणी के उपभोक्ता को लागत से कम मूल्य पर बिजली नहीं बेची जाएगी। जिसका सबसे ज्यादा असर ग्रामीण क्षेत्रों के घरेलू और किसानों की खेती के विद्युत बिलों पर पड़ेगा।
जिन किसानों को वर्तमान में लगभग 02 रुपये यूनिट की बिजली विद्युत विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है, उन्हें 7.90 रुपये प्रति यूनिट से कम बिजली नहीं बेची जाएगी। निजी नलकूपों को 8-10 हजार रुपये प्रति माह बिजली बिल चुकाना पड़ेगा। जिससे किसानों की फसल की लगात बढ़ जाएगी।
इस अवसर पर भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, जिला अध्यक्ष संजीव राठी, नगराध्यक्ष योगेंद्र पंवार और ब्लॉक अध्यक्ष दीपक शर्मा, मास्टर जाहिद अली, विभाग से अभियंता संघ से अतुल यादव, अरूण कुमार, जेई संगठन से भानू प्रताप कुशवाह, सिकंदर यादव, अजय कुमार, विजय शंकर कुशवाहा, नितिश कुमार, सुरजीत सिंह, लेखा संघ से सत्यव्रत, विकास कुमार, कार्यालय सहायक संघ से ललित कुमार, जुगेंद्र सैनी, सत्यवेंद्र सिंह, राहुल त्रिपाठी, अमित कुमार शर्मा, अमित यादव, कुमार गौरव, वारिस अली, सानंद कुमार, संतोष कुमार, सचिन कुमार, प्राविधिक कर्मचारी संघ से शिव कुमार, तरूण शर्मा, जंग बहादुर, अशोक कुमार आदि उपस्थत रहे।

