Saturday, April 11, 2026
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लाइलाज नहीं है स्तन कैंसर

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कैंसर एक ऐसी अवस्था है, जिसमें शरीर की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ती हैं। यही लक्षण जब स्तनों में पाया जाता है तो उसे स्तन कैंसर कहा जाता है। स्तन कैंसर पूरे विश्व में महिलाओं के लिए आतंक बना हुआ है, अमेरिका और यूरोपीय देशों में सौ में से ग्यारह महिलाओं को स्तन कैंसर होने की आशंका रहती है। भारत में स्तन कैंसर होने की आशंका सौ में से चार महिलाओं को है। भारत में यह ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी क्षेत्रों में अधिक है।

स्तन कैंसर के कारण

  • स्तन कैंसर होने के कई कारण हैं।गर्भाशय में बनने वाला हार्मोन इसका मुख्य कारण है।
  • अगर मासिक धर्म का चक्र लंबा है तो भी वह स्तन कैंसर का प्रमुख कारक हो सकता है।
  • स्तन कैंसर के बारे में एक आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि महिलाएं जितनी ज्यादा बार गर्भवती होंगी, उनमें स्तन कैंसर होने की आशंका उतनी ही कम होगी।
  • बच्चों को स्तनपान नहीं करवाने वाली महिलाओं में इसकी आशंका अधिक बढ़ जाती है।
  • स्तन कैंसर के कारकों में सबसे बड़ा कारण इस रोग का आनुवंशिक होना भी है यानी यदि परिवार में कोई सदस्य इस रोग
  • से जूझ चुका है तो शेष लोगों को स्तन कैंसर की आशंका अधिक होती है।

स्तन कैंसर के लक्षण

  • यदि स्तनों में किसी प्रकार की गांठ का अनुभव हो।
  • स्तनों में उजले रंग का स्राव या रक्तस्राव होता हो तो यह स्तन कैंसर का प्रमुख लक्षण है।

स्तन कैंसर से बचाव

  • कैंसर की रोकथाम के लिए अभी तक कोई दवा कारगर सिद्ध नहीं हुई है। हां, इसके जल्दी पहचान करने के उपाय हैं।
  • 18 वर्ष से हर लडकी को स्वयं स्तन परीक्षण करना चाहिए। यह प्रक्रिया माहवारी खत्म होने के बाद करनी चाहिए क्योंकि उस समय स्तनों में सूजन नहीं होती है। यदि स्तनों में किसी प्रकार की गांठ का अनुभव हो तो तुरंत चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए। यह जरूरी नहीं है कि हर गांठ कैंसर ही हो।
  • 40 वर्ष के बाद साल में एक बार मेमोग्राफी करवानी चाहिए।
  • जिन महिलाओं के परिवार में स्तन कैंसर के मामले हैं उन्हें ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

स्तन कैंसर का उपचार

  • स्तन कैंसर के इलाज की व्यापक संभावना है। लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है बीमारी किस अवस्था तक पहुंच चुकी है।
  • प्रथम चरण की बीमारी में यह 70 से 80 प्रतिशत तक ठीक हो जाता है।
  • प्रथम चरण में 25 प्रतिशत मामलों में, दूसरे चरण में 50 प्रतिशत मामलों में और तीसरे चरण में 75 प्रतिशत मामलों में यह बीमारी ठीक नहीं होती है, इसलिए बीमारी जितनी जल्दी पकड़ में आ जाएगी, इलाज उतना अच्छा होगा।
  • स्तन कैंसर के इलाज के लिए तीन प्रमुख तकनीक सर्जरी, रेडियो थेरेपी और कीमोथेरेपी अपनायी जाती है।
  • सर्जरी के द्वारा इस रोग का पूरी तरह से इलाज संभव है।
  • रेडियो थेरेपी के फायदे 20 प्रतिशत से 90 प्रतिशत हैं।
  • रेडियो थेरेपी तथा कीमोथेरेपी से संबंधित भ्रांतियां
  • रेडियो थेरेपी और कीमोथेरेपी को लेकर बहुत-सी भ्रांतियां हैं। ज्यादातर लोग इनके साइड इफेक्ट से डरते हैं, लेकिन अधिकतर साइड इफेक्ट तात्कालिक होते हैं।
  • रेडियोथेरेपी से बाल चले जाते हैं, यह एक गलत धारणा है। हां, स्तन के आस-पास और बगलों के बाल पर कुछ प्रभाव जरूर पड़ता है।
  • कीमोथेरेपी से जो सिर के बाल जाते हैं वो थोड़े समय बाद वापस आ जाते हैं।
  • हमारे देश में हर बीमारी के साथ समस्या यह है कि लोग देर से चिकित्सा के लिए आते हैं इसलिए जहां विदेशों में सौ में से साठ लोग ठीक हो जाते हैं वहीं भारत में सौ में से तीस ही स्तन कैंसर के रोगी ठीक हो पाते हैं।

मुसर्रत परवीन


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