Sunday, May 3, 2026
- Advertisement -

गेहूं कटान पर यमुना में संघर्ष: फायरिंग, एक किसान की मौत

  • पुलिस प्रशासन की लापरवाही से हुई घटना, फसल कटानको न्यायालय से लेकर आए थे आदेश
  • नंगला बहलोलपुर व हरियाणा के खुर्रमपुर गांव के किसानों के बीच चल रहा है विवाद
  • किसान की मौत के बाद ग्रामीणों में पनप रहा आक्रोश, एक नेता पर लगाया हमले का आरोप

जनवाणी संवाददाता |

बागपत: गुरूवार को गेहूं फसल कटान को लेकर यमुना नदी में यूपी-हरियाणा के किसानों में खूनी संघर्ष हो गया और हरियाणा के खुर्रमपुर के एक नेता ने अपने एक दर्जन साथियों के साथ पहुंचकर फसल कटान को रोका और उसके बाद वहां अंधाधूंध फायरिंग कर दहशत फैला दी।

नंगला बहलोपुर के एक किसान को पेट में गोली लगने से मौत हो गयी और नेता हवा में हथियार लहराते हुए वहां से फरार हो गया। हरियाणा पुलिस खड़ी हुई तमाशा देखती रही। किसान की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश की लहर दौड़ गयी और ग्रामीणों का आरोप है कि उनके किसान की हत्या बागपत के पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते हुई। यहां का प्रशासन उनकी सुरक्षा करने में नाकाम साबित हो रहा है।

वहां का पुलिस प्रशासन सुरक्षा के बीच किसानों की फसल कटवाता है, लेकिन यहां उनका साथ तक नहीं दिया जा रहा। यहां नंगला बहलोलपुर व खुर्रमपुर के किसानों के बीच काफी वर्षों से विवाद चलता आ रहा है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस ने गांव में पहुंचकर जानकारी ली। वहीं पुलिस ने मामला हरियाणा क्षेत्र का बताते हुए अपना पल्ला झाड लिया।

नंगला बहलोलपुर गांव के किसानों ने 1250 बीघा जमीन पर हरियाणा के खुर्रमपुर में स्थित अपनी जमीन पर गेहूं की फसल बो रखी है और यहां के किसान गेहूं कटान के लिए चंडीगढ से आदेश लेकर आए थे और न्यायालय ने उन्हें कटाई के दौरान पुलिस सुरक्षा देने के आदेश दिए थे।

वह गुरूवार को अपनी फसल कटान के लिए हरियाणा में गए और वहां पुलिस भी तैनात थी। किसानों का आरोप है कि जब वह फसल कटाई कर रहे थे तो वहां एक नेता अपने एक दर्जन साथियों के साथ पहुंचा और मशीन से गेहूं फसल कटाई का कार्य कराने लगा।

उनके गांव के किसानों ने विरोध किया तो फायरिंग कर दी और उनके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। आरोपी नेता पार्षद है और वह उनको वहां से भगाकर उनकी फसल पर कब्जा करना चाहता था। किसानों के विरोध करने पर अंधाधूंध फायरिंग शुरू की तो एक गोली किसान अनिल पुत्र कांशीराम के पेट में लग गयी और उसको ले जाते समय रास्ते में मौत हो गयी।

इससे वहां अफरा तफरी मच गयी और किसान वहां से भाग लिए। गोपी, अमर सिंह व कांशीराम, मुकेश, राकेश, अनिल, सुशील ने आरोप लगाया कि यहां का प्रशासन उनका साथ नहीं दे रहा है और पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते ही उनके किसान की हत्या कर दी गयी है और इससे किसानों में आक्रोश पनप रहा है।

किसानों का कहना है कि यदि उनको न्याय नहीं मिला तो वह आंदोलन करेंगे। आरोप है कि जब आरोपी पार्षद उनपर गोली चला रहा था तो वहां की पुलिस तमाशा बनकर देख रही थी ओर उन्होंने उसके खिलाफ भी कार्रवाई करना जरूरी नहीं समझा।

पिछले वर्ष भी हुआ था गेहूं कटान को लेकर विवाद

गौरतलब है कि करीब 1250 बीघा जमीन पर न्यायालय ने नंगला बहलोलपुर गांव के किसानों को कब्जा दिया था। यह मामला वर्तमान में उच्च न्यायालय में विचाराधीन है, लेकिन जब तक कोई निर्णय नहीं आ जाता, तब तक हाईकोर्ट ने यथा स्थिति के आदेश दे रखे हैं। नंगला बहलोलपुर बागपत जनपद के काठा गांव का मजरा है।

हरियाणा के खुर्रमपुर व नंगला बहलोलपुर गांव के किसानों के बीच जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद चला आ रहा है। नवंबर माह में गेहूं की बुआई के समय फायरिंग, आगजनी हुई थी। उस समय नंगला बहलोलपुर गांव के किसानों ने सब्जी व अन्य फसल तैयार कर रखी थी, जिसे हरियाणा के किसानों ने तबाह कर दिया था। उसके बाद उन्होंने उस जमीन पर तारबंदी कर दी थी।

13 अप्रैल 2019 को जब गेहूं की फसल पककर तैयार हुई तो हरियाणा के किसान फिर से यमुना में पहुंच गए हैं। कई दिनों से वह नंगला बहलोलपुर गांव के किसानों पर फायरिंग कर उन्हें खदेड दिया था और इसको लेकर काफी हंगामा हुआ था। बाद में प्रशासन के समझाने के बाद वह शांत हुए थे। यही नहीं सोनीपत जनपद का पुलिस-प्रशासन भी वहां मौजूद था।

भारी संख्या में हरियाणा पुलिस बल तैनात था। नंगला बहलोलपुर गांव के किसानों ने वहां जाकर विरोध करने का प्रयास किया तो हरियाणा के किसानों ने उनके साथ मारपीट कर दी और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया।

खेतों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे किसान
नंगला बहलोलपुर गांव के किसान खेतों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे है। गुरूवार को जिस तरह से हरियाणा का पुलिस-प्रशासन वहां मौजूद था उसके आगे यहां के किसान कुछ नहीं कर सकते। हरियाणा के किसान जब भी आते हैं वह वहां के पुलिस-प्रशासन को साथ लेकर आते हैं और फसलों को काटकर ले जाते हैं। उन्होंने बताया कि अब तो उन्हें खेतों में जाने से भी डर लगने लगा है।

…और बर्बाद हो जाएंगे
नंगला बहलोलपुर के किसानों ने बातचीत के दौरान बताया कि उनकी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। न्यायालय ने जब उन्हें यह जमीन दे रखी है, उसके बावजूद उनकी फसलों को तबाह कर कब्जा किया जा रहा है। अगर उनकी जमीन चली गई तो उनका सबकुछ छिन जाएगा। वह बर्बादी के मुहाने पर खड़े हो जाएंगे। जमीन के अलावा जीवन यापन करने के लिए उनके पास अन्य कोई साधन भी नहीं है। किसानों ने कहा कि दो वक्त की रोटी का भी वह जुगाड़ नहीं कर पाएंगे। वह भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। यहां के पुलिस-प्रशासन को उनकी सुनवाई करनी चाहिए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

सुलग सकती है बवाल की चिंगारी
नंगला बहलोलपुर के किसानों व हरियाणा के किसानों के बीच बवाल की चिंगारी कबागी भी सुलग सकती है। पूर्व में भी दोनों गांवों के किसानों के बीच खूब बवाल हुआ है। नवंबर माह में हुई आगजनी, फायरिंग में दर्जनभर किसान गंभीर रूप से घायल भी हुए थे। इसके अलावा हर साल यहां बवाल होता आ रहा है। वर्ष 1998 मेें नंगला बहलोलपुर गांव में आगजनी की घटना भी हुई थी, उस समय ग्रामीणों के घरों को आग के हवाले कर दिया गया था। अब गेहंू की कटाई को लेकर फिर से दोनों गांवों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। अगर ऐसे ही हालात रहे तो कभी भी दोनों गांवों के बीच बवाल की चिंगारी सुलग सकती है।

नहीं थम रहा यूपी-हरियाणा सीमा विवाद
यहां हरियाणा-यूपी सीमा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और कई बार दोनों जनपदों के प्रशासन के बीच वार्ता भी हो चुकी है, लेकिन उसके बाद भी हरियाणा के किसान रुकने का नाम नहीं ले रहे है। इससे विवाद बढ़ता जा रहा है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

Punjab News: संदीप पाठक पर कानूनी शिकंजा, पंजाब में दो गैर-जमानती मामले दर्ज

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: राज्यसभा सांसद संदीप पाठक, जिन्होंने...
spot_imgspot_img