Wednesday, June 16, 2021
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रोडवेज बसों में कोरोना गाइडलाइन को ठेंगा

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  • 50 प्रतिशत क्षमता के साथ बस चलाने के हैं निर्देश
  • रोडवेज नियमों का पालन करने में नाकाम

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए शासन स्तर से लगातार गाइडलाइन जारी की जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पालन कितना हो रहा है, यह साफ नजर आ रहा है। सरकारी विभाग में ही सरकार की गाइडलाइन तार-तार होती साफ तौर पद देखी जा सकती हैं।

हाल ही में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए परिवहन निगम द्वारा 50 प्रतिशत क्षमता के साथ बसों को चलाने के निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन निगम के ही कर्मचारी इसका पालन कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं। बसों में लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है।

मेरठ में रोजाना हजारों की संख्या में संक्रमित मरीज मिल रहे हैं, लेकिन बावजूद इसके शहर की भीड़ पर लगाम नहीं कसी जा रही है। गाइडलाइन जारी करने के बाद भी प्रशासन लगातार उसका पालन कराने में फेल हो रहा है। रोडवेज बसों में 50 प्रतिशत क्षमता के साथ यात्रियों को सवार करने के आदेश काफी दिन पहले ही निगम द्वारा दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक इसका पालन नहीं किया जा रहा है।

शहर के बस अड्डों पर सिर्फ लॉकडाउन के दिनों में सन्नाटा देखने को मिलता है। भैंसाली बस अड्डे पर शुक्रवार को यात्रियों की भीड़ देखने को मिली है।

दैनिक जनवाणी की टीम ने जब मौके का जायजा लिया तो गाइडलाइन का पालन न के बराबर ही होता दिखा। कई रोडवेज कर्मियों ने ही मुंह पर मास्क तक नहीं लगाया हुआ था। वहीं, बसों में यात्रियों की भीड़ हद से ज्यादा ही भरी जा रही है। रोडवेज की बसें सड़कों पर गाइडलाइन को तार-तार कर संचालित की जा रही है। जोकि बढ़ते संक्रमण की दृष्टि से घातक साबित हो सकती हैं।

चालक-परिचालक के जिम्मे गाइडलाइन का पालन कराना

संक्रमण के चलते रोडवेज को काफी घाटा पिछले दिनों झेलना पड़ा है। सिर्फ भैंसाली बस अड्डे की ही बात करें तो यहां से निगम को लाखों का नुकसान हुआ है। यात्रियों की संख्या पिछले दिनों कम देखी गई। वहीं, अब यात्रियों की बढ़ती भीड़ रोडवेज के काबू में नहीं आ रही है।

निगम की गाइडलाइन खुद उन्हीं के कर्मचारी तोड़ रहे हैं। चालक-परिचालकों को साफ तौर से बसों में गाइडलाइन का पालन कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन चालक-परिचालक हद से ज्यादा यात्रियों को बसों में सवार कर रहे हैं, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन कराना मुश्किल हो जाता है।

चुनाव ड्यूटी में लगी बसें भी लौटी, फिर भी यात्री परेशान

पिछले दिनों पंचायत चुनावों की ड्यूटी में रोडवेज बसों को लगाया गया था। जिस कारण यात्रियों की लिए बसों की कमी झेलनी पड़ रही थी, लेकिन अंतिम चरण के चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं। ऐसे में सभी बसें भी वापिस अपने रुट पर दौड़ने लगी हैं, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों को बसों के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। जिस वजह से बसों में भी भीड़ बढ़ने लगी है। वहीं, संक्रमण के कारण अपने शहर लौट रहे कामकाजी लोगों के कारण भी यात्रियों की संख्या बढ़ी है।

बंद हुआ कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम

कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम शुक्रवार को शासन के निर्देशानुसार बंद कर दिया गया। बढ़Þते संक्रमण को देखते हुए जारी की गई। गाइडलाइन के बाद शहर के सभी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद किए जा रहे हैं। वहीं, जिम और स्विमिंग पूल भी बंद करने के निर्देश हैं। कैलाश प्रकाश स्टेडियम के मुख्य द्वारा ताला लटका दिया गया है।

क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी आले हैदर ने बताया कि शासन के निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जाएगा। स्टेडियम में सभी खिलाड़ियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। वहीं, खिलाड़ियों को घर पर रहते हुए ही अभ्यास करने के लिए कहा जा रहा है। घर पर रहते हुए खिलाड़ी अपनी फिटनेस का ध्यान दें और व्यायाम करें। बताते चले कि कोचों द्वारा खिलाड़ियों को आॅनलाइन अभ्यास भी कराया जा रहा है।

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