Monday, January 24, 2022
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutनहीं थम रहा कोरोना का कहर: 876 नए संक्रमित

नहीं थम रहा कोरोना का कहर: 876 नए संक्रमित

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  • सक्रिय मामले 4067, सोमवार के मुकाबले संक्रमित घटे पर कोरोना संक्रमण में कमी नहीं
    4039 होम आइसोलेशन में, 34 हुए ठीक, 28 नए मरीज भर्ती

जनवाणी संवाददाता  |

मेरठ: जनपद में सोमवार के मुकाबले मंगलवार को संक्रमितों की संख्या कम रही, मगर कोरोना के संक्रमण में कमी नहीं आई है। मंगलवार को 876 केस मिले हैं, जबकि कल यह तादाद 1030 थी। राहत की बात जरूर है, पर स्थिति में अभी सुधार नहीं है। जिले में अब सक्रिय मरीज 4067 हो गए हैं। वहीं, होम आइसोलेशन में 4039 लोग बताए गए हैं। छह लोगों को अब तक कोरोना लील चुका है।

सर्विलांस अधिकारी डा. अशोक तालियान ने बताया कि मंगलवार को 6995 सैंपल की जांच में 876 लोगों की रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि 34 लोगों को ठीक होने के बाद अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया जबकि 28 नए मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया है। 8858 लोगों के सैंपल जांच को लैब भेजे गए हैं। गनीमत है कि मंगलवार को कोरोना से जिले में किसी मरीज की मौत नहीं हुई है।

कल तक छह लोगों की इससे मृत्यु हुई थी। वहीं, सरधना क्षेत्र में कोरोना का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। रोजाना हो रही जांच में नए केस सामने आ रहे हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 125 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए। वहीं एक दिन पूर्व भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट आने पर पता चला कि तीन लोग कोरोना पॉजिटिव हैं। जिनमें दो व्यक्ति ग्राम कैली तथा एक मोहल्ला छावनी में मिला है।

जांच रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी को होम आईसोलेट करा दिया। वहीं सीएचसी में भी स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। बिना मास्क के अस्पताल में प्रवेश पर रोक लगा दी है। बिना मास्क प्रवेश करने वालों से पांच सौ रुपये का जुर्माना लिया जाएगा। इसके लिए अस्पताल परिसर में नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डा. सचिन कुमार का कहना है कि तीन केस सामने आए हैं। बिना मास्क के अस्पताल में प्रवेश करने वालों से जुर्माना लिया जाएगा।

जांच घटी तो केस आए कम

मंगलवार को सोमवार की अपेक्षा कोरोना की जांच में कमी आई है। शायद यही वजह है कि केस भी कम मिले हैं। जहां सोमवार को 8958 लोगों की जांच रिर्पोट में 1030 मामले थे, वहीं मंगलवार को 6995 की जांच में 876 संक्रमित केस हैं। इस हिसाब से मंगलवार को कल के मुकाबले करीब 2000 कम जांच की गई है। इसी का फर्क संक्रमित मरीजों की संख्या पर दिखाई पड़ रहा है।

संक्रमण मामले में शहर आगे

शहर में देहात क्षेत्र से अधिक कोरोना के मरीज मिल रहे हैं। मंगलवार को भी शहरी क्षेत्र में नए केस देहात से अधिक मिले हैं। सीएमओ कार्यालय से जारी आंकड़ों में बताया गया कि जय भीम नगर, रजबन पलहेड़ा, कैंट, नंगला बट्टू, पुलिस लाइन, जाकिर कॉलोनी, संजय नगर, राजेंद्र नगर व कंकरखेड़ा में संक्रमित अधिक मिले हैं। कुल 876 मामलों में 588 नए केस और 288 संपर्क में आने के मामले पाए गए हैं।

जजों और कर्मचारियों की हुई कोरोना टेस्टिंग

कोविड-19 के प्रकोप एवं फैलाव को देखते हुए मंगलवार को जनपद न्यायालय परिसर मेरठ के 14 न्यायालय भवन में प्रथम तल पर स्थित मीटिंग हॉल में 88 न्यायिक अधिकारी व कर्मचारियों की कोविड-19 की टेस्टिंग चिकित्सा विभाग द्वारा की गई। सोमवार को जिला जज रजत सिंह जैन ने समस्त न्यायिक अधिकारी एवं समस्त कर्मचारीगण को निर्देशित किया था कि वे 11 जनवरी मंगलवार को 14 न्यायालय भवन में कोविड-19 की टेस्टिंग कराएं। मंगलवार को सीएमओ द्वारा भेजी गई। चिकित्सा टीम ने 88 न्यायिक अधिकारीगण व कर्मचारीगण की कोरोना टेस्टिंग की गई।
पीएसी के जवानों में फूटा कोरोना बम, 99 संक्रमित मिले

दूसरी लहर के दौरान भी जवान बड़ी संख्या में मिले थे पॉजिटिव

मंगलवार को पीएसी के जवानों में कोरोना बम फूट गया। पीएसी की दोनों छावनियों में करीब 100 संक्रमित जवान मिले हैं। इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग की कई टीम आनन-फानन में जवानों की जांच करने के लिए लगाई गई है। मोदीपुरम स्थित छठी वाहिनी पीएसी में 50 और हापुड़ रोड स्थित 44वीं पीएसी वाहिनी में 49 जवानों में जांच के बाद कोरोना की पुष्टि हुई है। बता दें, कोरोना की दूसरी लहर के समय भी पीएसी के जवान बड़ी संख्या में पॉजिटिव मिले थे। तीसरी लहर के समस एक बार फिर पीएसी के जवान कोरोना से बड़ी संख्या में संक्रमित मिले हैं। उधर, कोरोना का संक्रमण आरटीओ दफ्तर भी पहुंच गया है। मंगलवार को यहां के कुछ स्टाफ के लोगों के संक्रमित होने की भी पुष्टि हुई है।

63 और बच्चों में मिला कोरोना संक्रमण

कोरोना का बड़ा अटैक सोमवार को बच्चों पर हुआ था और 103 केस मिले थे। वहीं, मंगलवार को भी 63 बच्चों में कोरोना संक्रमण होने की पुष्टि हुई है। सभी संक्रमित बच्चे स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के हैं। कुल संक्रमितों में 289 महिला और 587 पुरुष हैं।
केस में बढ़ोतरी पर भर्ती कम, न बढ़े बेड और न ही डॉक्टर
कोरोना: झंझट से बचने को होम आइसोलेशन का सहारा

कोरोना की लहर में झंझट से बचने को स्वास्थ्य विभाग ने इस बार होम आइसोलेशन का बेहतर तरीका ईजाद कर लिया है। जनपद में संक्रमित मरीजों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, मगर उनकी कोविड अस्पतालों में भर्ती कम है। इसकी एक बड़ी वजह यही है कि मरीजों को अस्तपाल में भर्ती करने के बजाय बड़ी संख्या में होम आइसोलेशन में रखा जा रहा है। यह नायाब तरीका स्वास्थ्य महकमे को रास भी आ गया है। अस्पतालों में बेड और इलाज देने से निजात भी मिली और साथ ही इमरजेंसी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर की गई तैयारियों की पोल भी खुलने से बच गई है।

बता दें कि इस बार अभी तक कोरोना के सक्रिय केस और होम आइसोलेशन के मामले लगभग बराबर हैं। 10 जनवरी तक के आंकड़ों पर गौर करें तो जहां संक्रमित मरीजों की संख्या सीएमओ कार्यालय ने 3225 होना बताया है। वहीं, होम आइसोलेशन में 3203 मामले हैं। इस से यह बात निकलकर सामने आती है कि रोजाना मिल रहे संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती करने के बजाय चिकित्सकों द्वारा उनको होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दी जा रही है।

इसके पीछे की वजह महकमे के जिम्मेदार इस बार के वायरस की घातकता कम होना बता रहे हैं, मगर इसके उलट एक सच यह भी है कि जिले में बेड और डॉक्टरों की संख्या में विभाग की ओर से कोई इजाफा नहीं किया गया है। भले ही चाहे लाख दावे इनकी बढ़ोतरी के किए गए हो। नाम न छापने की शर्त पर हेल्थ विभाग के ही एक चिकित्सक ने बताया कि दूसरी लहर वाली ही संख्या पर अभी तक विभाग काम किया जा रहा है, वह चाहे डॉक्टर हो या फिर जिले में बेड की तादाद। इस बारे में कई विभागीय अधिकारियों से बातचीत का प्रयास किया गया, मगर सभी ने गेंद एक-दूसरे के पाले में सरका दी।

सावधानी बरतें, घबराने की जरूरत नहीं: डा. विपुल

कोरोना महामारी का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में कोरोना गाइडलाइन का पालन भी नहीं हो पा रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दौराला में मरीजों की तादाद लगातार बढ़ रही है। कोरोना के बढ़ते मरीजों को देखते हुए चिकित्सक घर में रहकर ही उपचार करने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि चिकित्सकों का साफ कहना है कि इस बीमारी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह बीमारी इस बार ज्यादा खतरनाक नहीं है।

क्योंकि इस बीमारी में नजला, जुकाम और खांसी के लक्षण होते हैं। जो नियमित रूप से दवाई लेने और उसका बचाव करने से ठीक हो जाते हैं। सामुदायकि स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डा. विपुल का कहना है कि कोरोना वैश्विक महामारी का प्रकोप इस समय लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में इस बीमारी को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। क्योंकि मास्क का नियमित रूप से प्रयोग करने और दो गज की दूरी बनाना बेहद जरूरी है।

हालांकि इस बार जो मरीज पॉजिटिव पाए जा रहे हैं। उनमें नजले, खासी और जुकाम की शिकायत सबसे ज्यादा है। इसलिए यह ज्यादा गंभीर बीमारी नहीं है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं है और बिल्कुल संयम और नियमित रूप से अपना इलाज कराए। जिससे एक सप्ताह के अंदर ही यह बीमारी पूर्ण रूप से ठीक हो जाएगी।

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