- ऋषभ एकाडेमी को सीबीएसई बोर्ड की ओर से नोटिस भेजकर मांगा जवाब
- जांच कमेटी ने दी है स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ रिपोर्ट, 30 तक देना है उत्तर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मैनेजमेंट के कथित घपलों और घोटालों के चलते कैंट स्थित ऋषभ एकाडेमी के कक्षा 9 से 12 तक के करीब एक हजार बच्चों की पढ़ाई खासतौर से उनकी परीक्षा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सीबीएसई बोर्ड ने स्कूल मैनेजमेंट को नोटिस भेजकर 30 सितंबर तक मांगी गयी जानकारी भेजने को कहा है।
यदि स्कूल मैनेजमेंट ने तय मियाद में जानकारी नहीं भेजी तो सीबीएसई इस स्कूल की मान्यता खत्म कर देगी। बीते 3 सितंबर को स्कूल में पहुंचे नोटिस में करीब आठ माह पूर्व जांच के लिए भेजी गयी दो सदस्यीय टीम की रिपोर्ट का हवाला देकर स्कूल मैनेजमेंट से पूछा गया है कि जिन बच्चों को पुन परीक्षा कराकर उत्तीर्ण किया गया है उनकी परीक्षा कापियां कहां हैं।
स्कूल की टीचरों व दूसरे स्टाफ को बजाए बैंक एकाउंट के कैश में सेलरी क्यों दी गयी है। जिस भवन में स्कूल चल रहा है, उसके तथा भवन के पास कराए गए नक्शे के भी पेपर सीबीएसई ने तलब कर लिए हैं। जबकि पता चला है कि जिस कोठी में यह स्कूल चल रहा है, उसके बडेÞ हिस्से में समाज के खुद को प्रभावशाली बताने वाले दो लोगों ने कब्जा किया हुआ है।
सीबीएसई के नोटिस में कुल 13 बिंदुओं पर ऋषभ के मैनजमेंट जिसमें प्रधानाचार्या और सचिव मुख्य तौर पर शामिल हैं से उत्तर मांगा है। वहीं दूसरी ओर उत्तर जाएगा ऐसा लगता नहीं है। क्योंकि, प्रधानाचार्या याचना भारद्वाज व सचिव रंजीत जैन भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर जेल में बंद हैं। उनकी जमानत में तमाम अड़चने हैं। इस पूरे मामले की कीमत सीबीएसई के बच्चों को चुकानी पड़ सकती है।

