Wednesday, December 1, 2021
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डीएम ने आवंटित बजट के सापेक्ष कम व्यय की स्थिति पर नाराजगी जताई

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जनवाणी ब्यूरो |

हरिद्वार: जिलाधिकारी, हरिद्वार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद हरिद्वार की समग्र शिक्षा की वार्षिक कार्य योजना हेतु जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित हुई।

बैठक में अधिकारियों ने जिलाधिकारी सी रविशंकर को वार्षिक कार्ययोजना की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से बजट व्यय के सम्बन्ध में पूछा तो अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही निदेशालय से बजट जारी होता है, वैसे ही तुरन्त विद्यालयों को जारी हो जाता है।

जिलाधिकारी ने आवंटित बजट के सापेक्ष कम व्यय की स्थिति पर नाराजगी जताते हुये निर्देश दिये कि सम्बन्धित का स्पष्टीकरण लिया जाय तत्पश्चात कार्रवाई की जाये।

अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि सभी माध्यमिक विद्यालयों में नौ से तीन बजे तक कक्षायें चल रही हैं, जिनमें छात्रों की उपस्थिति 24 प्रतिशत के लगभग है, जमातपुरकलां में तो छात्रों की उपस्थिति शत-प्रतिशत है। सभी अध्यापक उपस्थित रहते हैं। उन्होंने छात्रों की आनलाइन कक्षाओं के सम्बन्ध में बताया कि आनलाइन कक्षायें हमारी लगातार चल रही हैं, जो वर्तमान में 80 प्रतिशत के करीब है।

राजकीय प्राथमिक विद्यालय जसवावाला के प्रधानाध्यापक पंकज चौहान ने जिलाधिकारी को बताया कि वे कक्षा-चार व पांच के छात्रों के लिये छह से नौ बजे तक रोज गूगल मीट चलाते हैं, जिसमें 47 बच्चे शाम को जुड़ रहे हैं, इसके लिये कलस्टर मैथड सबसे बढ़िया है। सबको वर्कशीट दी जाती है।

उन्होंने बताया कि हमारे पढ़ाये हुये 28 में से 15 छात्रों का चयन आवासीय विद्यालय में हुआ है। जिलाधिकारी ने चौहान के प्रयासों की प्रशंसा की तथा इस प्रयास के लिये उन्हें जिलाधिकारी की ओर से प्रशस्ति पत्र प्रदान करने के साथ ही सचिव शिक्षा को भी इनके प्रयासों से अवगत कराने की बात कही।

जिलाधिकारी ने इस अवसर पर ऊधम सिंह नगर के माॅडल-जिसमें एक स्कूल को कोई कम्पनी या संस्था गोद लेती है, का जिक्र करते हुये कहा कि यह माॅडल भी अच्छा है। जिलाधिकारी ने शिक्षा के क्षेत्र में अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन के द्वारा किये जा रहे योगदान की भी प्रशंसा की।

अध्यापकों के महत्व को इंगित करते हुये जिलाधिकारी ने पिथौरागढ़ के मुनस्यारी की एक छात्रा का उदाहरण देते हुये कहा कि उसको हमने कई चीजें देने की बात कही, लेकिन उस छात्रा ने कहा कि अगर आपको देना ही है तो हमारे स्कूल को एक अध्यापक दे दीजिये। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अध्यापकों को चिह्नित करते हुये प्रत्येक विषय के अध्यायवार वीडियो बनाना सुनिश्चित करें।

सी0 रविशंकर ने बैठक में अधिकारियों से आवासीय विद्यालय, आउट आफ स्कूल चिल्ड्रन, विकलांग बच्चे, मीड-डे-मील आदि के सम्बन्ध में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे स्कूलों का निरीक्षण करें, उसकी रिपोर्ट प्रमाण पत्र सहित जिला शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुत करें अन्यथा की स्थिति में कार्रवाई की जायेगी।

बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ आनन्द भारद्वाज, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित सम्बन्धित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।

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