Tuesday, June 15, 2021
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नवनीत कालरा पर ईडी ने दर्ज किया मनी लॉन्ड्रिंग केस

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जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय-ईडी ने ऑक्सजीन कंसंट्रेटर जमाखोरी व कालाबाजारी मामले में गिरफ्तार आरोपी नवनीत कालरा और उसके सहयोगियों के खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है। ईडी ने ये केस दिल्ली पुलिस की पांच मई की एफआईआर के आधार पर दर्ज किया है। दिल्ली पुलिस ने कालरा के कई रेस्तरां व अन्य स्थानों से 500 से ज्यादा कंसंट्रेटर बरामद किए थे।

सूत्रों के मुताबिक ईडी ने धन शोधन रोकथाम अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया है। एजेंसी इस मामले में इस्तेमाल पैसे के स्रोत का पता लगाएगी। एजेंसी ये भी पता लगाएगी कि क्या ऑक्सीजन कंसंट्रेटर गैर कानूनी तरीके से जमा किए गए थे और जरूरतमंद मरीजों के परिजनों को बेहद ऊंची कीमत पर बेचे गए थे।

धन शोधन रोकथाम अधिनियम के तहत ईडी आरोपियों से पूछताछ करने और संपत्ति को जब्त करने का अधिकार है। केस से जुड़े दस्तावेज का आदान-प्रदान दिल्ली पुलिस और ईडी के बीच हो चुका है।

फोरेंसिक जांच के लिए दोनों मोबाइल फोन भेजे गए एफएसएल 

ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की जमाखोरी और कालाबाजारी करने के आरोप में गिरफ्तार खान चाचा रेस्तरां के मालिक नवनीत कालरा से दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उसके दोनों मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और दोनों मोबाइल फोन जांच के लिए एफएसएल को भेज दिया है।

क्राइम ब्रांच को आशा है कि उसके फोन से अभी और कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लग सकती हैं। जांच के इसी क्रम में क्राइम ब्रांच की टीम मंगलवार को उसे लेकर उसके तीनों रेस्तरां गई थी। इसके बाद उसे आवश्यक चिकित्सकीय जांच के लिए भी ले जाया गया था।

क्राइम ब्रांच की टीम ने नवनीत कालरा को रविवार रात को गुरुग्राम से पकड़ा था और औपचारिक रूप से सोमवार को उसे गिरफ्तार किया था। करीब एक सप्ताह से अधिक समय से वह पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था। दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया था। जबकि दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को कालरा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।

उसके स्वामित्व वाले खान चाचा, टाउन हॉल, और नेगा-जू रेस्तरां से 500 से अधिक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जब्त किए गए थे। कालरा के रेस्तरां से जब्त ऑक्सीजन कंसंट्रेटर चीन से आयात किए गए थे। इनकी कीमत 16000 रुपये से 22000 रुपये बताई गई है, जबकि मजबूर और जरूरतमंद लोगों से इनके बदले 50000 रुपये से 70000 रुपये वसूले जा रहे थे।

नवनीत कालरा के खिलाफ 5 मई को भारतीय दंड संहिता, आवश्यक वस्तु अधिनियम और महामारी रोग अधिनियम की धारा 420 (धोखाधड़ी), 188 (लोक सेवक द्वारा घोषित आदेश की अवज्ञा), 120-बी (आपराधिक साजिश) और भी कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।


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