जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास और अन्य ठिकानों पर शुक्रवार तड़के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की। लुधियाना स्थित उनके निवास पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी के बीच ईडी के अधिकारी दस्तावेजों की जांच में जुटे हैं।
जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और जमीन सौदों से जुड़ी पुरानी कथित अनियमितताओं की जांच के तहत की जा रही है। लुधियाना तक ही सीमित नहीं, बल्कि मंत्री से जुड़े अन्य स्थानों पर भी एक साथ दबिश दी गई। ईडी मुख्य रूप से वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों के रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है।
इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी संजीव अरोड़ा जांच के दायरे में आए थे। उस समय उन पर औद्योगिक जमीन को रिहायशी प्रोजेक्ट में बदलने के गंभीर आरोप थे। तब वे राज्यसभा सांसद थे। अब कैबिनेट मंत्री होने के नाते उनकी जांच ने राज्य के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर भी छापेमारी
हाल ही में राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर हुई ईडी की कार्रवाई के बाद अब संजीव अरोड़ा भी जांच एजेंसी के रडार पर हैं। मित्तल के मामले में जालंधर, फगवाड़ा और गुरुग्राम में डिजिटल साक्ष्यों और कंप्यूटर सिस्टम की व्यापक जांच की गई थी। दोनों मामलों में अभी तक ईडी ने किसी निष्कर्ष या जब्ती की विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
मुख्यमंत्री मान का बयान
इस कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता डरपोक नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हम न तो भाजपा सरकार, न ईडी और न ही किसी अन्य एजेंसी से डरते हैं।”
करीबी के घर पर भी छापेमारी
जालंधर में अरोड़ा के करीबी चंद्रशेखर अग्रवाल के घर भी ईडी ने छापेमारी की। आरोप है कि उन्होंने “खिलाड़ी बुक” प्लेटफॉर्म के माध्यम से सट्टेबाजी की कमाई यूएई में हवाला के जरिए भेजी और इसे संजीव अरोड़ा के जरिए भारत में रियल एस्टेट निवेश के रूप में लाया।

