Saturday, May 2, 2026
- Advertisement -

गन्ने की ट्राली रोके जाने पर किसानों ने किया हंगामा

जनवाणी संवाददाता |

मंगलौर: लिब्बरहेड़ी चीनी मिल में गन्ने की गुणवत्ता चेक करने को लेकर तैनात कर्मचारियों ने एक ट्रैक्टर-ट्राली को रोक दिया। इस बात को लेकर हंगामा हो गया। किसानों ने अन्य किसानों के गन्ने को रोक दिया। हंगामे की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने किसी तरह से मामले को शांत कराया।

बुडपुर जट गांव निवासी किसान हिमांशु गन्ने से भरी ट्रैक्टर-ट्राली लेकर मिल में पहुंचा था। यहां पर कर्मचारियों ने ट्राली को रोकते हुए कहा कि गन्ना खराब है। इसकी तोल नहीं होगी। जिस पर किसान एवं कर्मचारियों के बीच नोकझोंक हो गई। इसी बीच भाकियू के गढ़वाल मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री, राममूर्ति, अशोक, धर्मपाल, अमित पाल, महफूज एवं गुलफाम आदि मौके पर पहुंच गए।

किसानों ने हंगामा करते हुए आरोप लगाया कि मिल प्रबंधन मनमानी कर रहा है। किसानों को बिना वजह परेशान करने का काम किया जा रहा है। इसके बाद उन्होंने दूसरे किसानों की भी ट्रैक्टर-ट्राली रुकवाना शुरू कर दिया। हंगामा होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने किसानों को समझाने की कोशिश की। किसी तरह से उनको शांत किया। किसान गन्ना विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े है।

वहीं चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना अनिल कुमार सिंह ने बताया कि चीनी मिल साफ-सुथरा गन्ना ही लेगी। पहले ही किसानों को बता दिया गया है कि बासी गन्ने की आपूर्ति नहीं होगी। गन्ना आपूर्ति के लिए किसानों को 72 घंटे का समय दिया गया है। मिल प्रबंधन पर बिना वजह दबाव बनाया जा रहा है। युवा भाकियू के प्रदेश सचिव अंकुर चौधरी ने बताया है कि मिल प्रबंधनों का रवैया किसानों के प्रति बड़ा गैर जिम्मेदाराना है।

गन्ना तुलाई के समय किसानों को बेवजह परेशान किया जाता है। अभी तक किसानों की सुविधा के भी इंतजाम नहीं किए गए हैं । ठंड बढ़ गई है। लेकिन अलाव की कोई व्यवस्था मिल प्रबंधन की ओर से नहीं की गई है। यहां तक कि पिछले सीजन का भुगतान भी अभी तक नहीं हो सका है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

बच्चों में जिम्मेदारी और उनकी दिनचर्या

डॉ विजय गर्ग विकर्षणों और अवसरों से भरी तेजी से...

झूठ का दोहराव सच का आगाज

जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सारा बारबर द्वारा किए...

लोकतंत्र का आईना या मीडिया का मुखौटा

जब आंकड़ों की चकाचौंध सच का मुखौटा पहनने लगे,...

वेतन के लिए ही नहीं लड़ता मजदूर

मजदूर दिवस पर श्रमिक आंदोलनों की चर्चा अक्सर फैक्टरी...
spot_imgspot_img