Sunday, September 19, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsBaghpatकिसानों को धान में लगने वाले रोगों से बचाव की जानकारी दी

किसानों को धान में लगने वाले रोगों से बचाव की जानकारी दी

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  • नगर के राजकीय कृषि बीज भंडार पर दो दिवसीय धान गोष्ठी का आयोजन किया

जनवाणी संवाददाता |

खेकड़ा: राजकीय कृषि बीज भंडार पर मंगलवार से दो दिवसीय धान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को धान में लगने वाले रोगों व उनसे बचाव के उपचार के विषय मे जानकारी दी।

मंगलवार को राजकीय कृषि बीज भंडार पर धान की खेती करने वाले किसानों के लिए एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में डॉ रविंद्र कुमार कृषि वैज्ञानिक ने धान के रोगों के विषय में बताते हुए कहा कि फसलों में बालियां आने के समय मिथ्या कंडुवा रोग आने की संभावना होती है।



यह एक फफूंदी जनक रोग है, जिससे बचाव के लिए किसान प्रोपिकोनाजोल व ईसी 500 को 500 लीटर पानी मे घोलकर छिड़काव करना चाहिए। डॉ तेजवीर सिंह उप संभागीय अधिकारी ने बताया कि धान की फसल में झुलसा रोग फैलने का खतरा भी बना रहता है इस रोग में धान की पत्तियां पीली होकर सूखने लगती है।

इससे बचाव के लिए स्ट्रिपटोसाइक्लीन 15 एमएल व 500 ग्राम कापरक्लोराइड 500 लीटर पानी मे घोलकर फसलों में डालने से फसले रोग मुक्त हो जाती है। सहायक विकास अधिकारी ने कहा कि बारिश में फसलों में कीट आने की ज्यादा संभावना रहती है। इसलिए खेतों में रासायनिक खादों का प्रयोग कम से कम करें, क्योंकि रासायनिक खादों से कीड़े लगने की संभावना बनी रहती है। इस अवसर पर उपेंद्र सिंह, श्याम सिंह, मोनू त्यागी, सत्ते, बिजेंद्र आदि मौजूद रहे।

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