Saturday, December 4, 2021
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रिमझिम बारिश के बीच रेलवे ट्रैक पर डटे किसान

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  • किसानों ने रेल रोको अभियान को बनाया सफल, सकौती रेलवे स्टेशन पर किसानों ने ट्रैक पर दिया धरना

जनवाणी संवाददाता |

दौराला: संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर रविवार को भाकियू कार्यकर्ताओं ने रेल रोको आंदोलन को सफल बनाने के लिए रेल की पटरी पर धरना दिया। बारिश के बीच कार्यकर्ता सकौती रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। सुरक्षा की दृष्टि से स्टेशन पर पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात रहा।

भाकियू के पूर्व जिला सचिव प्रशांत चौधरी व पूर्व जिला संगठन मंत्री संजय दौरालिया के नेतृत्व में कार्यकर्ता व किसान सकौती रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। उन्होंने कृषि कानून के विरोध में रेल की पटरी पर धरना दिया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दोपहर चार बजे तक कार्यकर्ता रेल की पटरी व स्टेशन पर धरना देकर बैठे रहे। सीओ दौराला आशीष शर्मा ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। परंतु, वह नहीं माने।

वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से स्टेशन पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। धरना स्थल पर एसडीएम सरधना संदीप श्रीवास्तव पहुंचे। किसानों ने चार बजे धरना समाप्त कर एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से लखीमपुर खीरीकांड में नामजद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को पद से हटाने, कृषि कानून वापस लिए जाने, फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी का कानून बनाने की मांग की। धरने में अजय दबथुवा, नरेश चौधरी, डा. विकास, गुरप्रीत सिंह, महकार सिंह, उपेंद्र सिंह, डा. अभय आदि मौजूद रहे।

यात्रियों को खूब हुई परेशानी

वेस्ट यूपी में ट्रेनों का आवागमन पूरा दिन बंद रहा। मेरठ में किसान कंकरखेड़ा, परतापुर और सिटी स्टेशन पर कब्जा किये रहे। मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर में किसानों ने ट्रेन रोकी। इसी तरह से मोदीनगर से ठीक पहले भी किसानों ने ट्रेन रोकी। खुर्जा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर ले को रोका गया। शामली व बड़ौत में भी ट्रेन रोकने की कोशिश हुई, वहां पर पुलिस फोर्स तैनात थी। ट्रेन रोकने को लेकर कई स्थानों पर टकराव के हालात भी बने। आंदोलित किसानों की मांग थी कि लखीमपुर कांड में शामिल केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त करें तथा उसे गिरफ्तार किया जाए।

लखीमपुर कांड में गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र की बर्खास्तगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर किसानों द्वारा सोमवार को रेल रोको आंदोलन चलाया गया, जिससे रेल यातायात सोमवार को प्रभावित रहा। मेरठ वाया होकर दिल्ली व सहारनपुर जाने वाली कई ट्रेनों को संचालन घंटो देरी से हुआ। जिस वजह से यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

रेल पटरियों पर बैठे किसानों के कारण मेरठ वाया होकर जाने वाली कई ट्रेनों पर सीधा प्रभाव पड़ा, जिसमें सहारनपुर से दिल्ली की ओर से जाने वाली ट्रेनों में जालंघर इंटरसिटी, चेन्नई व कोच्चीवली और दिल्ली से आने वाली ट्रेनों में अंबाला इंटरसिटी, उत्कल एक्सप्रेस, गोल्डन टेंपल और जनशताब्दी कई घंटे की देरी से संचालित हुईं। किसानों से सुबह दस बजे से लेकर करीब शाम चार बजे तक रेलवे ट्रेक बाधित रखा। ऐसे में इस बीच संचालित होने वाली सभी ट्रेनों के यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

कंकरखेड़ा फाटक पर चार घंटे भाकियू कार्यकर्ताओं का कब्जा

भारतीय किसान यूनियन के जिला मेरठ के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज त्यागी के नेतृत्व में कंकरखेड़ा फाटक पर रेल रोको अभियान के तहत धरना दिया गया। यह आंदोलन संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर लिया गया था। सोमवार को पूर्व जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चार घंटे कंकरखेड़ा फाटक पर धरना दिया। इस दौरान पुलिस बल तैनात रहा और आंदोलनकारियों ने अपना मांग पत्र एसीएम फास्ट सुनीता सिंह को सौंपा। जिसके बाद धरना समाप्त किया।

संयुक्त किसान मोर्चा के आ”ान पर भारतीय किसान यूनियन के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज त्यागी, विनोद जाटोली और रविंद्र दौरालिया के नेतृत्व में पदाधिकारी कंकरखेड़ा फाटक पर पहुंचे। यही पर दरी बिछाकर फ्लाईओवर के नीचे धरने पर बैठ गए। इस दौरान कंकरखेड़ा थाना पुलिस, सदर बाजार थाना पुलिस और आरएएफ पुलिस बल तैनात रहा। किसानों का कहना था केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त किया जाए, तीनों कृषि कानून रद्द किए जाए, एमएसपी को कानून का दर्जा, नया बिजली अध्यादेश वापस लेने और पत्ती व पराली पर बना कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर किसान मोर्चा के पदाधिकारी धरने पर बैठे रहे।

पदाधिकारी सुबह 11 बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक धरने पर रहे। इस दौरान एसीएम फास्ट सुनीता सिंह धरना स्थल पर पहुंची और उन्होंने (किसानों) ने अपना मांग पत्र ज्ञापन एसीएम को सौंपा। इस दौरान गजेंद्र सिंह, जिला मीडिया प्रभारी, बब्लू जाटौली, जगबीर सिंह, वीरपाल, विनीत सांगवान, विनेश प्रधान, धीर सिंह, देवेंद्र शर्मा, हरवीर सिंह पनवाड़ी और आदेश सिंह सहित काफी लोग मौजूद रहे।

अपने ही गढ़ शामली में ट्रेन रोकने में टिकैत बंधु विफल

शामली भारतीय किसान यूनियन का गढ़ हैं, वहां भी भाकियू नेता ट्रेन नहीं रोक पाए। यह राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का गढ़ कहा जाता है, लेकिन राकेश टिकैट अपने ही घर में ट्रेन को रुकवाने में विफल रहे। इस तरह से शामली-बड़ौत व अन्य क्षेत्र भारतीय किसान यूनियन का किला कहा जाता है, लेकिन यहां पर रेल रोको आंदोलन पूरी तरह से फ्लाप रहा।

भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता तो शामली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रोकने के लिए पहुंचे थे, लेकिन पुलिस का इतना सख्त पहरा था कि भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं को कदम पीछे खींचने पड़े। इससे स्पष्ट है कि भारतीय किसान यूनियन अपने ही घर में रेल रोको अभियान को सफल नहीं बना सकी।

यही नहीं, इससे पहले यह भी बता दें कि पंजाब और हरियाणा में किसानों ने तमाम टोल फ्री करा रखे हैं, लेकिन यूपी में जिस दिन से यह किसान आंदोलन चला तभी से एक भी टोल किसान फ्री नहीं करा सके। औपचारिक रूप से देखा जाए तो मेरठ के सिवाया में टोल की दो लाइन बंद है, बाकी टोल रोजमर्रा की तरह से चल रहा है। ऐसा करने से जनता तो परेशान हो रही है।

क्योंकि हर रोज टोल पर जाम की अवस्था बनती है, लेकिन जिस तरह से हरियाणा और पंजाब में टोल फ्री करा रखे हैं, उस तरह से भारतीय किसान यूनियन यूपी में टोल फ्री नहीं करा पा रही है। क्योंकि पंजाब और हरियाणा में किसानों ने टोल फ्री करा कर सरकार को सीधी चोट पहुंचाई है, लेकिन यूपी में टोल फ्री कराने में भारतीय किसान यूनियन विफल रही है। यहां पर सिवाया में जो टोल बंद कराया था, सिर्फ उसकी दो लाइन बंद कराने का नुकसान जनता को हो रहा है।

10 माह से भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत यूपी में टोल बंद नहीं करा सके। यह भी उनकी विफलता में जुड़ गया है। ट्रेन रोको अभियान सोमवार को चलाया गया, जिसमें भारतीय किसान यूनियन का शामली गढ़ कहा जाता है, यह भी चर्चा है कि अपने ही घर में राकेश टिकैत ट्रेन नहीं रुकवा सके। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही है।

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