Friday, July 19, 2024
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कैंट की सफाई पर फोकस, सड़कों के प्रति उदासीनता

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कैंट क्षेत्र की सड़कों की हालत बेहद खराब हैं। उन सड़कों की मरम्मत तक नहीं हो पाई हैं। कभी माल रोड की क्वालिटी का उदाहरण दिया जाता था, मगर वर्तमान में सड़कों के साथ माल रोड का फुटपाथ भी क्षतिग्रस्त हैं। उसकी मरम्मत तक करने की कैंट बोर्ड अधिकारियों के पास बजट नहीं हैं। हर समय बजट का रोना रोया जा रहा हैं। सॉलिड वेस्ट निर्माण के लिए धन हैं, मगर सड़कों के लिए नहीं। जब इतने लंबे समय तक टोल की वसूली कैंट क्षेत्र में हुई, वो धनराशि आखिर कहां गई? सफाई पर फोकस अच्छी बात हैं, लेकिन सड़के भी ठीक होनी चाहिए।

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: कैंट बोर्ड ने सफाई पर पूरा फोकस कर रखा हैं, लेकिन सड़कों के प्रति उदासीन हैं। बोर्ड बैठक में तमाम मुद्दों को लेकर चर्चा हुई। सफाई के लिए चालीस लाख के ई-रिक्शा खरीदने पर स्वीकृति की मुहर लगा दी, लेकिन सड़कों के गड्ढे भरने की कोई चर्चा तक नहीं की गई। कैंट क्षेत्र की सड़कों की हालत बेहद दयनीय हैं। माल रोड की कभी मिसाल दी जाती थी, उसकी हालत भी खराब हैं। सड़कों की आखिर सुध कैंट बोर्ड के अधिकारी क्यों नहीं ले रहे हैं।

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ब्रिगेडियर भी माल रोड से होकर अपने आॅफिस पहुंचते हैं। कई स्थानों पर सड़क खराब हैं, लेकिन इसको ठीक करने की दिशा में कोई चर्चा बोर्ड बैठक में नहीं की गई। बजट का रोना हर बार रोया जाता हैं। सड़कों के लिए फूटी कोड़ी तक कैंट बोर्ड खर्च नहीं कर रहा हैं। कैंट भाजपा विधायक अमित अग्रवाल भी शनिवार को ब्रिगेडियर राजीव कुमार और कैंट सीईओ ज्योति कुमार से मिले थे। तब उन्होंने नालों की सफाई और सड़कों को नये सिरे से अच्छी बनाने की मांग की थी।

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उनका कहना था कि कैंट की सड़कों की लोग मिसाल देते थे, लेकिन वर्तमान में हालात खराब हैं। इन सड़कों को तत्काल ठीक कराने के लिए भी कहा गया। शनिवार को कैंट बोर्ड की बैठक थी। इसमें सफाई को लेकर बोर्ड का पूरा फोकस रहा। सफाई का ठेकेदार का टेंडर सितंबर में पूरा हो रहा हैं। इसके बाद खुद सफाई की कमान कैंट बोर्ड कर्मचारी संभालेंगे, यह निर्णय तो ले लिया।

अच्छी बात हैं, लेकिन सफाई के साथ-साथ कैंट क्षेत्र की सड़कें भी बेहतर होनी चाहिए। माल रोड खराब हैं। साइड में बने फुटपाथ तक क्षतिग्रस्त हैं। यहां पैदल चलने का मतलब है कि चोटिल होना। इसकी भी कैंट बोर्ड के अधिकारियों को परवाह नहीं हैं। कभी माल रोड पर मार्निंग वाक करने के लिए लोगों की भीड़ रहती थी, अब वो हालत नहीं हैं। सिविल आबादी क्षेत्र में तो सड़क पता नहीं कब बनी थी।

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अब उनकी मरम्मत तक नहीं की जा रही हैं। जनता परेशान हैं। सड़क वहां नहीं बन रही। नालों की सफाई वहां नहीं हो रही। नालों से गंदगी से लोग परेशान हैं। आखिर कैंट बोर्ड के अधिकारियों को इन समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं हैं, तभी तो जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।

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