- चारों ओर गणेश उत्सव की रहेगी धूम
- जगह-जगह सजे पंडाल, साउंड सिस्टम भी हुए बुक
- जमकर हो रही बप्पा के पसंदीदा मोदक की खरीदारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गणपति बप्पा मोरया की गूंज शहर में गूंजना शुरु हो गया है। सिद्धि विनायक, एकदंत, बप्पा, विघ्नहर्ता न जाने कितने रूपों में भक्तों पर कृपा बरसाने को गौरी पुत्र गणेश आज पंडलों और लोगों के घरों में विराजेंगे। मिठाइयों की दुकानों पर भी बप्पा के सबसे प्रिय मिष्ठान मोदक भी बनने शुरु हो गए हैं, जिनकी मंगलवार को जमकर खरीदारी भी गई। शहर में करीब 150 से अधिक पंडालों में नौ दिन तक भक्तों को प्रभु दर्शन देंगे।
10वें दिन गणपति प्रतिमा का विसर्जन धूमधाम किया जाएगा। शहर में गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। जगह-जगह गणेश प्रतिमाएं पंडालों में सजने के लिए पहुंच गई है। थापरनगर स्थित मूर्ति विक्रेता मनोज ने बताया कि मेरठ में बनाई गई गणेश प्रतिमा की दूर-दूर तक मांग है। यह मूर्तिया दिल्ली,बरेली,मुरादाबाद आदि तक जाती है।

ज्योतिषाचार्य अमित गुप्ता का कहना है कि गणेश का जन्म चतुर्थी तिथि को मध्याह्नन में हुआ था। 31 अगस्त पर गणेश स्थापना के लिए दिनभर में कुल छह मुहूर्त है। सुबह 11 बजकर 20 मिनट से दोपहर 1 बजकर 20 मिनट तक का समय सबसे अच्छा रहेगा। क्योंकि यह समय मध्याह्न काल का रहेगा, जिसमें गणेश भगवान का जन्म हुआ था।
बता दें कि कुछ दिन पहले तक गणेश चतुर्थी का पर्व महाराष्ट्र में जोर-शोर से मनाया जाता था। इस दिन वहां बड़े-बड़े पंंडाल सजाए जाते थे और बप्पा के विर्जन वाले दिन देखने लायक नजारा होता था। मगर बीते कुछ दिनों से शहर में भी बप्पा का यह पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है और शहर में जगह-जगह बप्पा के पंडाल सजाए जा रहे है।
इको-फ्रेंडली गणेशजी लाने और प्लास्टिक बहिष्कार की अपील
एनवायरमेंट क्लब के द्वारा कमिश्नरी चौराहे पर गणेश चतुर्थी के अवसर पर एक पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें क्लब सदस्य आशीष बिष्ट ने भगवान गणेश का रूप धारण कर आमजन को इस गणेश चतुर्थी इको-फ्रेंडली गणेश जी घर लाने के लिए और पूजा-पाठ की सामग्री में प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए जागरूक व अपील की व साथ ही क्लब के सदस्यों ने लोगों को इस बात के लिए जागरूक किया कि विसर्जन के दिन किसी भी नदियां, नहर के किनारे गंदगी ना फैलाएं और प्लास्टिक का सामान उसमें ना फेंके।

इस मौके पर घर न मैदान में कूड़ा कूड़ेदान में, आओ मनाएं त्योहारों को इको फ्रेंडली, प्लास्टिक को ना कहें, जल ही जीवन है जैसे नारे लगाकर जागरूकता फैलाई गई। अंत में सभी डीएफओ राजेश कुमार के कार्यालय पहुंचे जहां इस पहल के बारे में उन्हें अवगत कराया, डीएफओं ने क्लब की इस अनूठी पहल की मुक्तकंठ से सराहना की और लोगों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने दायित्वों को निभाएं।

