जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। सोमवार की भारी गिरावट के बाद मंगलवार को भी बाजार लाल निशान में खुला। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मंगलवार के शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 525.44 अंक टूटकर 75,489.84 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 164.5 अंक फिसलकर 23,651.35 पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले सोमवार को भी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जब सेंसेक्स 1,312.91 अंक और निफ्टी 360.30 अंक लुढ़ककर बंद हुए थे।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.93 प्रतिशत बढ़कर 105.2 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण तेल आपूर्ति को लेकर आशंकाएं बढ़ी हैं, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ रहा है।
ट्रंप के बयान से बढ़ी अनिश्चितता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि युद्धविराम “लाइफ सपोर्ट” पर है। इसके बाद वैश्विक निवेशकों में जोखिम लेने की क्षमता कमजोर हुई और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुझान बढ़ा।
इस तनाव का असर भारतीय मुद्रा पर भी दिखा। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे गिरकर 95.63 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने सोमवार को 8,437.56 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक पश्चिम एशिया में हालात सामान्य नहीं होते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
आईटी और वित्तीय शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में टीसीएस, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, अदाणी पोर्ट्स और बजाज फिनसर्व के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में इंफोसिस और एशियन पेंट्स करीब 3 प्रतिशत तक टूट गए।
हालांकि गिरते बाजार में भारती एयरटेल और एनटीपीसी के शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली, जिससे निवेशकों को थोड़ी राहत मिली।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में भी मिश्रित संकेत देखने को मिले। दक्षिण कोरिया का कोस्पी और चीन का शंघाई कंपोजिट गिरावट में रहे, जबकि जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं अमेरिकी बाजार सोमवार को सकारात्मक बढ़त के साथ बंद हुए थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया के हालात भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

