जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: देश के 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन मंगलवार, 22 सितंबर को गुजरात के एकता नगर (केवडिया) में भव्य तरीके से होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों और फिल्मकारों को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। करीब 70 वर्षों के इतिहास में यह दूसरी बार है, जब राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह का आयोजन दिल्ली से बाहर हुआ है। इससे पहले 1971 में यह समारोह चेन्नई में आयोजित किया गया था।
अन्य राज्यों में भी समारोह आयोजित करने की तैयारी
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह को देश के अलग-अलग राज्यों में आयोजित करने की योजना पर काम कर रहा है। मंत्रालय के अनुसार, भारतीय सिनेमा ‘अनेकता में एकता’ की भावना का प्रतीक है। इसी विचार को ध्यान में रखते हुए इस बार समारोह के लिए गुजरात के एकता नगर को चुना गया।
कार्तिक आर्यन ने जताई खुशी
फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने वाले कार्तिक आर्यन भी समारोह में शामिल हुए। वह पहले ही गुजरात पहुंच चुके थे और मंगलवार को उन्होंने केवडिया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का दौरा किया। इस मौके पर कार्तिक आर्यन ने अवॉर्ड पर खुशी जताते हुए कहा, ‘मुझे ‘चंदू चैंपियन’ के लिए अपना पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। मैं बेहद खुश हूं। मेरा पूरा परिवार और हमारी पूरी टीम रोमांचित है। ‘चंदू चैंपियन’ के साथ शुरू हुई हमारी यात्रा और जिस तरह से यह फिल्म इतने सारे लोगों विशेषकर पैरालिंपियनों को प्रेरित करती है, उसे देखते हुए मैं जूरी और पूरे भारत के दर्शकों का हमें चुनने के लिए आभार व्यक्त करता हूं।’
रणदीप हुड्डा के लिए खास रहा सफर
फिल्म ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर’ के लिए अभिनेता रणदीप हुड्डा को सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलेगा। इस पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए एक्टर ने कहा, ‘यह मेरा पहला राष्ट्रीय पुरस्कार है। इन पुरस्कारों का हिस्सा बनकर मैं बहुत आभारी हूं। फिल्म के लिए सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने की घोषणा मेरे लिए एक ऐसा क्षण है जिसे मैं अभी भी समझने की कोशिश कर रहा हूं। इस फिल्म ने मुझसे अब तक किए गए किसी भी काम से कहीं अधिक अपेक्षाएं रखीं’
रणदीप ने आगे कहा, ‘इस फिल्म की यात्रा हर मोड़ पर चुनौतियों से भरी थी, लेकिन मुझे खुशी है कि हमने इसे पूरा किया और हर चुनौती का सामना किया। और इसके बावजूद, किसी न किसी तरह हमें आगे बढ़ने की शक्ति मिलती रही। एक अभिनेता, सह-लेखक और पहली बार निर्देशन कर रहे निर्देशक के रूप में, मैंने इस फिल्म को अपना सब कुछ दिया क्योंकि वीर सावरकर की कहानी को ईमानदारी और निष्ठा से बताने की मुझ पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी’
जीवी प्रकाश को तीसरी बार मिला राष्ट्रीय पुरस्कार
फिल्म ‘अमरन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन का पुरस्कार पाने वाले संगीतकार जीवी प्रकाश के लिए भी यह खास अवसर रहा। यह उनके करियर का तीसरा राष्ट्रीय पुरस्कार है। उन्होंने समारोह को लेकर खुशी जाहिर की और कहा कि वह पहली बार एकता नगर आए हैं। साथ ही उन्होंने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने को लेकर भी उत्साह जताया।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में कई श्रेणियां
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में हर साल अलग-अलग श्रेणियों में फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया जाता है। फीचर फिल्म श्रेणी में 26 और गैर-फीचर फिल्म श्रेणी में 16 पुरस्कार दिए जाते हैं। विजेताओं को स्वर्ण कमल, रजत कमल और श्रेणी के अनुसार दो से तीन लाख रुपये तक की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।
सर्वश्रेष्ठ कहानी लेखन के लिए स्वर्ण कमल के साथ एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाती है। वहीं, भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार के तहत नकद पुरस्कार, प्रमाण पत्र और विशेष रूप से तैयार की गई पुरस्कार पट्टिका प्रदान की जाती है।

