जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भारतीय वुशु खेल जगत के लिए यह अत्यंत गौरव और ऐतिहासिक उपलब्धि का अवसर है। वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया को पहली बार वुशू फेडरेशन ऑफ़ एशिया द्वारा वर्ष 2028 में 11वीं एशियन सीनियर वुशु चैंपियनशिप की मेजबानी की जिम्मेदारी प्रदान की गई है।
इस महत्वपूर्ण निर्णय पर जापान के आइची-नागोया में आयोजित वुशू फेडरेशन ऑफ़ एशिया की कांग्रेस में आधिकारिक रूप से मुहर लगाई गई। बैठक में वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से श्री सुहेल अहमद ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
वर्ष 2028 में भारत में आयोजित होने वाली इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में एशिया के लगभग 42 देशों के करीब 500 खिलाड़ी भाग लेने की संभावना है। इसके अलावा विभिन्न देशों से प्रशिक्षक, निर्णायक, तकनीकी अधिकारी एवं खेल पदाधिकारी भी भारत पहुंचेंगे।
यह पहली बार है जब भारत को एशिया की वरिष्ठ वर्ग की इतनी प्रतिष्ठित वुशु प्रतियोगिता की मेजबानी का दायित्व मिला है। यह उपलब्धि केवल भारतीय वुशु के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे भारतीय खेल जगत के लिए गौरव का विषय है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया के श्री भूपेंद्र सिंह बाजवा जिन्हे इस कांग्रेस मे वुशु फेडरेशन ऑफ़ एशिया की कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया ने पूरे वुशु परिवार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरे भारतीय वुशु परिवार के लिए गर्व का विषय है। अब इस ऐतिहासिक सफलता का जश्न मनाने के साथ-साथ भारत में एक भव्य, सुव्यवस्थित और सफल एशियन सीनियर वुशु चैंपियनशिप के आयोजन की तैयारी में पूरी ताकत के साथ जुटने का समय है।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन को यादगार और ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरे भारतीय वुशु परिवार को एक मिशन, एक दृष्टि और एक संकल्प के साथ मिलकर कार्य करना होगा। हमारा प्रयास होना चाहिए कि भारत में आयोजित होने वाली यह चैंपियनशिप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट आयोजन व्यवस्था और भव्यता के लिए एक नया मानदंड स्थापित करे।
वुशु एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए विश्व वुशु महासंघ का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया है कि भारत इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप का आयोजन उच्चतम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सफलतापूर्वक करेगा।
भारत मे एशियन सीनियर वुशु का आयोजन होना और श्री बाजवा का वुशु फेडरेसन ऑफ़ एशिया की कार्यकारिणी मे नामित होना भारतीय वुशु के बढ़ते प्रभाव, क्षमता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी मजबूत पहचान का प्रमाण है। पूरे भारतीय वुशु परिवार में इस घोषणा को लेकर उत्साह और खुशी का माहौल है।

