Sunday, October 17, 2021
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मकानों पर चला हथौड़ा, पट्टाधारकों का विरोध

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  • एनएचएआई की टीम को ग्रामीणों ने घेरा
  • ग्रामीण बोले-जमीन और मलबा उठाने का मिले मुआवजा, आबादी का नहीं

जनवाणी संवाददाता |

मवाना: एनएच-119 पर सड़क चौड़ीकरण का कार्य शुरू होने लगा। तहसील अंतर्गत आने के वाले गांव नंगली ईसा से लेकर मवाना खुर्द बाइपास पर सड़क किनारे बने ग्रामीणों के मकान पर महाबली चलाने से पहले सरकार से मुआवजा भी ले लिया और उनको गिराने के आदेश भी जारी कर दिया गया था। मुआवजा देने के बाद भी अभी तक मकान ध्वस्त नहीं किये गये हैं।

कई बार चेतावनी देने के बाद भी मुआवजा दाता मकानों को ध्वस्त नहीं कर पाए हैं। सोमवार को पहुंचे एनएचएआई जेई और एसडीएम कमलेश गोयल ने ग्रामीणों से जल्द ही मकानों को ध्वस्त करने के निर्देश दिये। एसडीएम की सख्ती को देख ग्रामीण घरों को स्वयं ध्वस्त करने में जुट गए।

हालांकि कुछ पट्टाधारकों ने एनएचएआई और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से जमीन का मुआवजा नहीं मिलने पर विरोध जताते हुए मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है। एनएच-119 मेरठ-पौड़ी मार्ग का चौड़ीकरण का कार्य शुरू होने पर मुआवजा धारकों ने स्वयं अपने मकानों पर हथौड़ा चलाना शुरू कर दिया है।

एनएचएआई टीम के जेई राहुल कुमार ने मुआवजा लेने के बाद भी मकान नहीं तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। इसी क्रम में मौके पर पहुंचे एसडीएम कमलेश गोयल, सीओ उदय प्रताप सिंह ने ग्रामीणों से बातचीत कर मकानों को ध्वस्त करने के लिए कहा।

हालांकि कुछ ग्रामीणों द्वारा मकानों पर हथोड़ा चलाते देख आसपास सड़कों में आए मकानों को ध्वस्त करने के निर्देश दिये। एनएचएआई जेई राहुल कुमार ने बताया कि गंगानगर के अम्हेड़ा से लेकर बहसूमा के गांव समसपुर तक चौड़ीकरण की जद में आई भूमि पर 40 प्रतिशत कब्जा कर लिया है।

जबकि 60 प्रतिशत पर कब्जा करने की तैयारी शुरू कर दी है। फोर्थ लाइन बनाने का कार्य पीएनसी कंपनी को छोड़ा गया है। मेरठ-पौड़ी मार्ग पर जल्द ही चौड़ीकरण का कार्य शुरू किया जा रहा है। बताया कि एक साल पहले एनएचएआई सर्वे के दौरान जद में आए सभी मकान स्वामियों को जमीन और मलवा का मुआवजा दिया जा चुका है।

इस दौरान कुछ ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए कहा कि वर्ष 1975 में इंंदिरा गांधी सरकार में दलित समाज के लोगों को 100-100 गज के पट्टे दिये गये थे। जोकि बनने वाले हाइवे में जा रहे हैं। पट्टाधारकों ने एसडीएम कमलेश गोयल को सौंपा ज्ञापन में कहा कि उनकी जमीन ओर मकान ध्वस्त करने का अभी तक कोई सरकार ने मुआवजा नहीं दिया है। गुस्साएं ग्रामीणों ने मुआवजा नहीं मिलने तक कोई भी ध्वस्तीकरण करने से इनकार कर दिया है। एसडीएम कमलेश गोयल जांच कर समस्या को समाधान करने का आश्वासन दिया है।

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