- आगामी 30 मई को गांव लिसाढ़ में रस्म तेरहवीं और पगड़ी
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक का चार दिन पहले बीमारी के चलते निधन हो गया था। आज उनकी अस्थियां सुनने के बाद शुक्रताल स्थित गंगा घाट पर विसर्जित की गई। आगामी 30 मई को बाबा की रस्म तेरहवीं और पगड़ी का आयोजन गांव लिसाढ़ में किया जाएगा।
गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक का 94 साल की उम्र में गत 19 मई को निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार 20 मई को गांव के श्मशान घाट पर किया गया। अंतिम संस्कार में हरियाणा और मुजफ्फरनगर तथा शामली की खापों के चौधरी शामिल हुए थे।
शनिवार को बाबा हरिकिशन मलिक की अस्थियां प्रात: के गांव के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में सुनी गई। उसके बाद स्वर्गीय बाबा हरिकिशन मलिक के ज्येष्ठ पुत्र अस्थियां विसर्जित करने शुक्रताल में गंगा घाट पर पहुंचें। वहां विधि-विधान बाबा हरिकिशन मलिक की अस्थियां गंगा में विसर्जित की गई। इस दौरान युवा रालोद नेता डा. विक्रांत जावला और अन्य भी मौजूद रहे।
दूसरी ओर, स्व. बाबा हरिकिशन मलिक के जेष्ठ पुत्र राजेंद्र मलिक ने जानकारी देते हुए बताया कि बाबा की रस्म तेरहवीं एवं रस्म पगड़ी का कार्यक्रम आगामी 30 मई, दिन रविवार को गांव लिसाढ गांव में आयोजित किया जाएगा।
डा. विक्रांत जावला ने बातया कि कि पिछले कुछ सालों में उन्हें गठवाला खाप के चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक का सानिध्य खूब प्राप्त प्राप्त हुआ। वह हमेशा हिंदू मुसलमान भाईचारे को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयास करने को कहते थे। 2013 के दंगों से उन्हें बहुत ठेस पहुंची थी, उन्हीं के कहने पर कांधला में हिन्दू-मुस्लिम एकता के लिए ’पैगाम ए इंसानियत’ कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

