- कई इलाकों की लाइट आधी रात के बाद गुल, भरी दोपहरी में नाम ट्रिपिंग का, कई-कई घंटे हो रही विद्युत कटौती
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एक तो भीषण गर्मी से हाहाकार और उस पर अघोषित कटौती की मार ने लोगों का पसीना निकाल कर रख दिया है। रविवार की तड़के शहर के कई इलाकों की सप्लाई अचानक फेल हो गई। तड़के करीब ढाई बजे का वक्त और उस पर लाइट का गुल हो जाना। ऐसे में यदि कॉल करें तो किसे करें। ऐसे में न तो कोई कॉल करेगा और न ही रिसीव करेगा। वहीं, भरी दोपहर में करीब ढाई बजे लाइन में ट्रिपिंग के नाम पर बत्ती गुल कर दी गयी। मई का आखिरी सप्ताह और दोपहर का वक्त, उस दौरान यदि लाइट चली जाए तो क्या बीतेगी आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है।
आसमान से बरस रही आग
आसमान से आग बरसाती मई विदा होने को है। जून में सूरज का तांडव मुंह बाएं खड़ा है। एक तो गर्मी की बेतहाशा मार उस पर बिजली कटौती। भीषण गर्मी के चलते बिजली की अंधाधुंध कटौती। लिसाड़ी रोड स्थित रशीदनगर मंदिर वाली गली में रात 3:00 बजे से विद्युत आपूर्ति ठप। गर्मी और लाइट न होने की वजह से लोग है परेशान। रामलीला ग्राउंड बिजलीघर से है, विद्युत आपूर्ति का कनेक्शन। नहीं हो रही कोई सुनवाई। लोग पानी के लिए भी तरसे। ऐसे में पब्लिक हाहाकर न करें तो फिर क्या करें? नौतपा चल रहा है।
आसमान से आग बरस रही है। लोगों को इंद्रदेव के नींद से जागने का इंतजार है। साथ ही पीवीवीएनएल की अघोषित कटौती से भी मुक्ति की मांग लगातार जारी है। वहीं, पीवीवीएनएल अफसरों की बात करें तो वो मानने को तैयार नहीं कि कटौती की जा रही है। उनका कहना है कि जिसको आप कटौती कह रहे हैं। दरअसल में वो ट्रिपिंग है। ट्रिपिंग और कटौती में अंतर है। यह ट्रिपिंग भी इसलिए क्योंकि एक तय मियाद में बिजनेस प्लान के तहत पीवीवीएनएल 135 करोड़ से वेस्ट के 14 जनपदों में काम करा रहा है। मई का अंतिम सप्ताह चल रहा है और जून के आने का इंतजार किया जा रहा है। बारिश हो नहीं रही हैं और बिजली कटौती होने से पूरी नहीं मिल रही है।
इससे शहर से लेकर देहात तब सभी गर्मी से बेहाल हैं। लोगों का आक्रोश फूट रहा है। शहर में बिजली की अघोषित कटौती को लेकर भाजपा नेता अंकित चौधरी ने बताया कि वह आज चीफ से मिलेंगे। उन्होंने बताया कि कई ऐसे गांव हैं जहां बिजली न आने से बंबा में पानी नहीं आ रहा है। आखिर बिना पानी के किसान अपनी फसल की कैसे सिचाई करेगा। कांग्रेस नेता व पीसीसी के पूर्व सचिव चौधरी यशपाल सिंह का कहना है कि बिजली के दाम बढ़ा दिए गए हैं।
न बिजली के आने का कोई समय है और न जाने का। सबसे बुरा हाल देहात का है। वहां आठ घंटे की सप्लाई में मुश्किल से छह घंटे बिजली मिल पा रही है। अगर सरकार का किसानों के प्रति यही हाल रहा तो फसल जुतवानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि शहर में लगातार हर घंटे पर विद्युत कटौती हो रही है। घरों में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो रही है। व्यापारी भी प्रभावित हैं।
उपकरणों का नहीं है कोई पुरसाहाल
वहीं, दूसरी ओर उपकरणों की यदि बात की जाए तो ट्रांसफार्मर में आग व लाइन टूटने की घटनाएं लगातार जारी हैं। हालांकि चीफ धीरज सिन्हा का कहना है कि मांग बढ़ी है। इसलिए कुछ स्थानों हो सकता है कि ट्रिपिंग हो। जहां तक उपकरणों की बात है तो वो काफी दुरुस्त कराए गए हैं और काम भी अभी जारी है। इसलिए घबराने की जरूरत नहीं।

