जनवाणी ब्यूरो ।
नई दिल्ली: शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सीबीआई को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सीबीआई और महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है। जस्टिस एल नागेश्वर राव और पीएस नरसिम्हा की पीठ ने सीबीआई और राज्य सरकार से मुखर्जी की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें 16 नवंबर, 2021 को बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। जिसमें उनकी जमानत खारिज कर दी गई थी। सुनवाई की अगली तारीख तीन मार्च है।
इंद्राणी मुखर्जी ने बाम्बे हाईकोर्ट से जमानत मांगी थी जो उन्हें नहीं मिल सकी थी। इंद्राणी की दलील थी कि उसका मुकदमा छह साल से भी ज्यादा समय से चल रहा है। अभी इसके जल्द निपटने की कोई संभावना नहीं है।
उनकी तरफ से वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि इंद्राणी करीब साढ़े छह साल से जेल में हैं। अगले 10 साल में भी ट्रायल खत्म नहीं होगा क्योंकि अभी 185 गवाहों का परीक्षण अभी बाकी है। इंद्राणी मुखर्जी दिमागी बीमारी से पीड़ित भी हैं, लिहाजा उन्हें जमानत दे दी जाए।
पहले भी कई बार हो चुका है जमानत से इनकार
शीना बोरा की हत्या को लेकर अगस्त 2015 में इंद्राणी मुखर्जी की गिरफ्तारी हुई थी। वे गिरफ्तारी के बाद से मुंबई की बायकुला महिला जेल में बंद हैं। सीबीआई 2012 से इस मामले की जांच कर रही है।
सीबीआई ने आरोपी इंद्राणी मुखर्जी की याचिका पर सीबीआई की विशेष अदालत में अपना जवाब दाखिल किया था जिसमें शीना के जिंदा होने के उसके दावे की जांच की मांग की गई थी। सीबीआई की विशेष अदालत पहले भी मुखर्जी को जमानत देने से कई बार मना कर चुका है।
क्या है इंद्राणी मुखर्जी पर लगा आरोप
इंद्राणी मुखर्जी पर अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या का आरोप है। 24 अप्रैल 2012 को शीना बोरा की हत्या करने के आरोप में ट्रायल चल रहा है। शीना बोरा इंद्राणी के पहले पति की संतान थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने मुंबई के बांद्रा में अपनी बेटी शीना की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को रायगढ़ जिले में दफना दिया था।
जांच एजेंसियों का दावा था कि शीना बोरा के अवशेष भी मिले हैं। पिछले साल दिसंबर में इंद्राणी मुखर्जी ने एक बहुत बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनकी बेटी शीना बोरा जिंदा है और कश्मीर में है। इस बात को लेकर उन्होंने सीबीआई डाइरेक्टर को एक चिट्ठी भी लिखी।

