Wednesday, September 22, 2021
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HomeUttar Pradesh NewsMeerutतीसरे ओलंपिक की लाइव कवरेज करेंगे जितेन्द्र सिंह बाजवा

तीसरे ओलंपिक की लाइव कवरेज करेंगे जितेन्द्र सिंह बाजवा

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  • दैनिक जनवाणी के लिये इससे पहले लंदन और रियो ओलंपिक भी कवर कर चुके

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: यह निश्चित रुप से न केवल दैनिक जनवाणी के लिये बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की पत्रकारिता के लिये गौरव की बात है कि गॉडविन ग्रुप के निदेशक जितेन्द्र सिंह बाजवा लगातार तीसरे ओलंपिक की लाइव कवरेज करने के लिये जापान की राजधानी टोक्यो में होने वाले ओलंपिक को कवर करने जा रहे हैं।

हिमालयन कार रैली में सदैव अग्रणी रहने वाले और सफल निशानेबाज जितेन्द्र सिंह बाजवा की खेलों की पत्रकारिता में खासी रुचि है। यही कारण है कि हिंदी पत्रकारिता में लगातार तीन ओलंपिक कवर करने वाले पहले खेल पत्रकार बनने जा रहे हैं।

गॉडविन ग्रुप के निदेशक जितेन्द्र सिंह बाजवा ने 19 जुलाई 2012 में शुरु हुए लंदन ओलंपिक को बखूबी लाइव कवरेज करके एक नया आयाम कायम किया था, क्योंकि इससे पहले उत्तर प्रदेश में किसी भी पत्रकार को ओलंपिक कवर करने को मौका नहीं मिला था।

खेलों के प्रति उनके समर्पण और खास रुचि के कारण 5 अगस्त 2016 को एक बार फिर जितेन्द्र सिंह बाजवा दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील के रियो डी जेनेरो शहर में हुए ओलंपिक को बेहतरीन ढंग से लाइव कवरेज कर पाठकों को एक से बढ़कर एक स्टोरीज लोगों को पढ़ने को मिली थी।

इस बार 23 जुलाई से शुरु हो रहे टोक्यो ओलंपिक की कवरेज के लिये जा रहे देश के चुनिंदा पत्रकारों की टीम में जितेन्द्र सिंह बाजवा को भी शामिल किया गया है। इस संबंध में उनको एक्रीडियेशन कार्ड भी मिल चुका है।

उनको खेलों के कवरेज के लिये ठहरने और ओलंपिक गांव में भ्रमण करने की पूरी छूट रहती है। गौरतलब है कि जितेन्द्र सिंह बाजवा का पूरा परिवार खेलों के प्रति समर्पित है। बड़े भाई भूपेन्द्र सिंह बाजवा भारतीय वुशु संघ के अध्यक्ष हैं। खुद जितेन्द्र सिंह बाजवा भी भारतीय वुशु संघ से जुड़े हुए हैं।

दो ओलंपिक गेम्स की लाइव रिपोर्टिंग कर चुके जितेन्द्र सिंह बाजवा का कहना है कि लगातार तीन ओलंपिक करना यह न केवल दैनिक जनवाणी के लिये गर्व की बात है बल्कि नेशनल टीम के साथ रिपोर्टिंग करना गौरवमयी है।

सबसे बड़ी बात यह है कि हिन्दी पत्रकारिता के लिये यह अच्छे संकेत हैं कि खेलों के महाकुंभ ओलंपिक को कवर करने के लिये हर बार दैनिक जनवाणी को यह श्रेय मिल रहा है। उन्होंने बताया कि चाहे लंदन हो या फिर रियो ओलंपिक हर जगह के अपने अपने भौगोलिक अंतर भले हो लेकिन, पत्रकारिता हर जगह न केवल जीवित है बल्कि अपना एक प्रभावशाली मुकाम कायम किये हुए है।

उन्होंने कहा कि कोरोना के बाद असमंजस के दौर से गुजर रहे टोकियो ओलंपिक को हरी झंडी मिलना और उसके लिये एक्रीडियेशन कार्ड मिलना निश्चित रूप से क्रांतिधरा के लिये गर्व की बात है, क्योंकि पूरे देश में मेरठ एक मात्र शहर है जिसे लगातार तीन बार ओलंपिक कवर करने का मौका मिला है।

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