नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) ने अपने गठन के 58 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर एजेंसी के संस्थापक और देश के महान जासूस रामेश्वर नाथ काव (आर.एन. काव) के जीवन पर बनने वाली एक बड़ी फिल्म का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। फिल्ममेकर करण जौहर ने इस प्रोजेक्ट की घोषणा की है, जो स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अगस्त 2028 में सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
किताब पर आधारित होगी फिल्म
इंस्टाग्राम पर एक विशेष पोस्ट साझा करते हुए करण जौहर ने लिखा कि आर.एन. काव ने पर्दे के पीछे रहकर देश के लिए एक ऐसी शक्तिशाली संस्था की नींव रखी, जिसके प्रभाव को इतिहास हमेशा याद रखेगा। यह आगामी फिल्म लेखक नितिन गोखले की चर्चित किताब ‘जेंटलमैन स्पाईमास्टर’ पर आधारित होगी, जो 11 अगस्त 2028 को बड़े पर्दे पर आएगी।
कौन थे आर.एन. काव?
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 10 मई 1918 को जन्मे रामेश्वर नाथ काव ने देश की आजादी के बाद खुफिया एजेंसी की दुनिया में कदम रखा था। साल 1947 में उनकी नियुक्ति इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में हुई थी, जहां उन्हें दिग्गज भोला नाथ मुल्लिक की देखरेख में प्रशिक्षित किया गया था। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई ऐतिहासिक और संवेदनशील मामलों की कमान संभाली, जिसमें 1950 के दशक का ‘कश्मीर प्रिंसेस’ मामला और 1971 में बांग्लादेश के निर्माण में उनका अहम योगदान शामिल है।
तीन प्रधानमंत्रियों के रहे थे करीबी सलाहकार
आर.एन. काव देश के तीन प्रमुख प्रधानमंत्रियों के बेहद करीबी और विश्वसनीय सुरक्षा सलाहकार रहे थे। साल 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद बने सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएस) के संस्थापकों में उनकी मुख्य भूमिका थी। इसके अलावा, वह ‘एविएशन रिसर्च सेंटर’ (एआरसी) के पहले प्रमुख और बाद में रॉ के भी प्रमुख बने। जासूसी के हुनर के अलावा वे एक बेहतरीन मूर्तिकार भी थे। उन्होंने रॉ के भीतर जासूसों की दो पीढ़ियों को तैयार किया था, जिनकी टीम को आज भी ‘काव ब्वॉयज’ के नाम से जाना जाता है।

