- भारी भरकम मशीनों से यमुना में बनाएं जा रहे गहरे गड्ढे
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: खनन पट्टो से अलग हटकर ठेकेदारों ने यमुना की धार को ही मोड दिया है। रेत के बड़े टीले बनाकर धारा को मोडा गया है और उसके बाद रेत से ही दूसरी तरफ के जाने को रास्ता बना लिया गया।
मंडावर, नंगलाराई व खुरगान की ऐसी ही कई वीडियो वायरल हुई है जिसमें यमुना का धारा मोड़ने और रास्ता बनाने का दावा किया जा रहा है। खनन अधिकारी ने इसकी जांच कराने की बात कही है।
जनपद शामली प्रशासन ने ई-टेंडर के माध्यम से कैराना तहसील क्षेत्र के गांव मंडावर, नंगलाराई और खुरगान में 5 साल के लिए रेत खनन के पट्टे आवंटित किए हैं।
साथ ही इन पट्टो के आवंटन के साथ ही पिलर भी लगाए गए हैं और एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के मुताबिक ही वहां रेत खनन किया जाना है। लेकिन खनन ठेकेदारों ने बेखौफ होकर यमुना की धारा को ही मोड दिया है। ठेकेदारों ने बहती यमुना के बीचो-बीच रेत की बडी ढांग लगाकर जलप्रभाव को रोकने के साथ धारा को मोड दिया।

इतना ही नहीं जलप्रभाव रुकने के बाद यमुना के बीच से रास्ता बना लिया। इसकी कई वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुई जिसमें यमुना की धारा मोडने और रास्ता बनाने का दावा किया जा रहा है।
गांव खुरगान निवासी किसान मुस्तकीम ने बताया कि खनन ठेकेदारों ने यमुना के बहाव को रोक दिया इसके साथ ही भारी-भरकम मशीनों से यमुना से रेत उठाया जा रहा हैं। जिस कारण गहरे गड्ढे बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन द्वारा इन पर जल्दी कार्यवाही नहीं की गई तो बरसात के दिनों में खादर क्षेत्र के गांवों में बाढ़ भारी तबाही मचा सकती है। किसानों ने यह भी दावा किया है कि ठेकेदार ने अपने पट्टे से अलग दूसरी भूमि से अवैध खनन करने के लिए ही यमुना की धार को मोडकर रास्ता बनाया है।
अगर खनन पट्टा धारकों ने सीमांकन पिलरों से बाहर अवैध खनन किया जाता है तो कार्रवाई की जाती है। अगर उनके द्वारा यमुना के बीच में रेत के ढांग लगाकर यमुना की धार को मोड़ा गया है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-रंजना सिंह, खनन अधिकारी, जनपद शामली
रेत खनन से बने गड्ढे डूबकर हो चुकी सात मौत
करीब डेढ़ वर्ष पूर्व गांव मलकपुर निवासी कुछ युवक गांव में हुए जागरण की रात गांव नंगलाराई स्थित यमुना में विसर्जन को गए थे। इस दौरान सात युवक खनन के कारण बने गहरे गड्ढों में डूबकर मौत की नींद सो गए थे। उस दौरान लखनऊ तक यह मामला गुंजा था।
जिसके बाद गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने गांव मलकपुर में पहुंचकर मृतकों के परिवारों को सांत्वना दी थी। योगी सरकार ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान किया था। वहीं यमुना में मौजूदा समय में बनाए जा रहे गड्ढों के कारण आने वाले समय में भी हादसों की आशंका बनी हुई है।
अवैध खनन में सीबीआई डाल चुकी जिले में डेरा
करीब 2 साल पहले खादर क्षेत्र में वैद्य खनन पट्टों की आड़ में अवैध रेत खनन किया जा रहा था। उस दौरान शिकायत मिलने पर सीबीआई की टीम ने जनपद में डेरा डाल लिया था। जिसके बाद खनन ठेकेदारों व पुलिस प्रशासन में भी हड़कंप मच गया था।

