जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि प्रत्येक जिले में प्रत्येक शनिवार को 3 ग्राम सभाओं में जनता चौपाल का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के लिए आवंटित 8 लाख 63 हजार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के आवासों को दिसंबर 2023 से पहले अनिवार्य रूप से पूरा करा दिया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि सांसद, विधायक निधि के कार्यों को पूरा करने के लिए समयसीमा निर्धारित की जाए। केशव प्रसाद मौर्य मंगलवार को आवास विकास परिषद मुख्यालय लखनऊ के सभागार में आयोजित प्रदेश के सभी परियोजना निदेशक डीआरडीए बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिलों में प्रत्येक शनिवार को 3 ग्राम सभाओं में जनता चौपाल आयोजित की जाए। इसके लिए शीघ्र ही गाइडलाइन जारी की जाए। उन्होंने कहा कि जनता चौपाल से पूर्व गांव में चल रहे या हुए विकास कार्यों का निरीक्षण किया जाएगा तथा ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के साथ-साथ उनके सुझाव भी लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गांवों की व्यवहारिक कठिनाइयों को समझा जाएगा और उनका निराकरण भी किया जाएगा तथा जो जिला व राज्य स्तर से समस्याओं का निराकरण होना हो उनके लिए उच्च स्तर पर सन्दर्भित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनता चौपाल की वीडियोग्राफी भी कराई जाए। उन्होंने कहा कि जनता चौपाल के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लाभार्थियों को अनुमन्य सुविधाएं जैसे शौचालय, 90 दिन का मनरेगा में रोजगार, निशुल्क गैस कनेक्शन, निशुल्क विद्युत कनेक्शन, आयुष्मान कार्ड और हर घर नल योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी की जाए और आवास योजना के सभी लाभार्थियों को इन सभी सुविधाओं से लैस कराया जाए।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में पहली बार दिव्यांगजनों को आवास देने के लिए इन्हें प्राथमिकता श्रेणी में लाया गया है, अब उन्हें चिन्हित करते हुए आवास उपलब्ध कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। आवास योजना सहित अन्य योजनाओं मे प्रदेश में बहुत ही अच्छा कार्य हुआ है और गरीबों के जीवन में खुशहाली आई है। कच्चे मकानों और फूस की झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को पक्का मकान देखकर उन्हें मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
उन्होंने जिलों से आए अधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार से मुक्त करने का संकल्प लेकर के जाना है। भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी को जड़ मूल से समाप्त करना है। उन्होंने कहा कि 1 वर्ष में अभियान चलाकर क्रांतिकारी परिवर्तन ग्राम विकास विभाग में लाना है। भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी कर्मचारी को किसी भी दशा में माफ नहीं किया जाएगा। बैठक में राज्य मंत्री ग्राम्य विकास विजयलक्ष्मी गौतम समेत विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।

