Friday, April 24, 2026
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सांसद व डीएम के साथ वार्ता बेनतीजा, किसानों का धरना जारी

  • गन्ना तौल केंद्र को अलग करने को लेकर तीसरे दिन भी जारी रहा किसानों का अनिश्चितकालीन धरना
  • मिल शुभारंभ पर पहुंचने सांसद का किया घेराव, घंटेभर अधिकारियों के साथ वार्ता में भी नहीं निकला नतीजा

मुख्य संवाददाता |

बागपत: गाधी गांव के किसानों की अलग तौल केंद्र की मांग का समाधान नहीं हो पा रहा है, जिस कारण अनिश्चितकालीन धरना जारी है। धरने के तीसरे दिन सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह व डीएम शकुुंतला गौतम के साथ हुई वार्ता भी बेनतीजा रही और किसानों ने धरने को समाधान नहीं होने तक जारी रखने का ऐलान किया। किसानों ने कहा कि जब तक अलग तौल केंद्र नहीं लगेगा तब तक धरना जारी रहेगा। अधिकारियों ने भी अपने तर्क रखे, जिन पर किसानों ने सहमति नहीं दी।

गौरतलब है कि गाधी गांव के किसान पूर्व प्रधान कुलदीप सिंह के नेतृत्व में जिला गन्ना अधिकारी बागपत के कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। शनिवार से किसान धरने पर बैठे थे, जिसके बाद रविवार को गांव में एडीएम अमित कुमार सिंह, एएसपी मनीष मिश्रा, एसडीएम अनुभव कुमार, सीओ ओमपाल सिंह, जिला गन्ना अधिकारी अनिल कुमार भारती पहुंचे थे और किसानों से बातचीत की थी।

धरनारत किसानों को भी वहां बुलाया था और वार्ता की थी। घंटों वार्ता चली, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। किसान अलग केंद्र की मांग पर ही अडिग रहे। हालांकि किसानों ने कई विकल्प भी अधिकारियों को दिए और दूसरे रास्तों पर तौल केंद्र स्थापित करने का भी सुझाव दिया।

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अस्थाई तौल केंद्र का भी सुझाव दिया, लेकिन अधिकारियों ने सहमति नहीं दी। जिसके बाद वार्ता बेनतीजा रही थी और किसानों का अनिश्चितकालीन धरना भी जारी रहा। सोमवार को बागपत चीनी मिल के शुभारंभ अवसर पर पहुंचे सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह व डीएम शकुंतला गौतम के समक्ष भी किसानों ने मामला उठाया।

मिल का उद्घाटन करने के बाद सांसद मिल प्रांगण से निकलने लगे तो किसान उनकी गाड़ी के सामने खड़े हो गए और समस्या का समाधान करने की मांग की। गाड़ी चालक ने काफी कोशिश की, लेकिन किसान नहीं हटे। आखिर में सांसद को गाड़ी से उतरकर किसानों के बीच जाना पड़ा और उनकी बात सुनी।

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सांसद ने मिल गेस्ट हाउस में पांच किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल बुलाया। यहां सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, डीएम शकुंतला गौतम व किसानों के बीच वार्ता चली। किसानों ने मांग रखी कि ब्राह्मण समाज की ओर उनका तौल केंद्र न रखा जाए, दूसरे मार्गों पर इसे रखा जाए। गांव के बीच से गन्ना ले जाते हैं तो भविष्य में दोनों समुदायों में विवाद पैदा हो सकता है। गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।

अधिकारी किसानों को यह तो कह गए कि गांव के बीच से गन्ना नहीं जाएगा, लेकिन किसानों का कहना है कि तौल केंद्र अगर वहीं रहा तो गन्ना किसी दूसरे रास्ते से नहीं जा सकेगा। गांव के बीच से ही जाएगा। काफी देर चली वार्ता बेनतीजा रही और किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा।

धरने का नेतृत्व कर रहे पूर्व प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्होंने प्रस्ताव रखा था कि टटीरी मार्ग, नौरोजपुर मार्ग पर गन्ना तौल केंद्र स्थापित किया जा सकता है। इसके अलावा यह भी सुझाव दिया गया था कि वह तौल केंद्र का सामान ले आएंगे, अधिकारी तौल कर्मचारी मुहैया करा दें।

जमीन भी किसान ही मुहैया करा देंगे। इन सुझाव पर भी अधिकारियों की सहमति नहीं हो पाई है। किसानों का कहना है कि गन्ना केंद्र नहीं बदला गया तो गांव के बीच से ही गन्ना जाएगा और तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। इस दौरान कुलदीप कुमार, हरेंद्र कुमार, सत्तू प्रधान, सुरेशपाल, टीटू सिंह, आदेश, बिंदर, वीरेंद्र कुमार, महिपाल, बिजेंद्र, रामकुमार, देवेंद्र, संजीव कुमार आदि मौजूद रहे।

युवक की हत्या के बाद बढ़ रहा विवाद

गाधी गांव में जाट व ब्राह्मण समाज के बीच तनाव की स्थिति है। रक्षाबंधन के दिन एक युवक रवित उर्फ रोहित की हत्या गोली मारकर गांव में ही कर दी गई थी। हत्या का आरोप ब्राह्मण समाज के लोगों पर लगा था। जिसके बाद मामला काफी तूल पकड़ा था। दोनों पक्षों की ओर से इसमें मुकदमा दर्ज हुआ है।

इस मामले के बाद से ही तनाव की स्थिति है। वर्तमान में जो गन्ना तौल केंद्र है वह ब्राह्मण समाज की ओर है। जिसके लिए जाट समाज के किसान धरने पर हैं। वह अलग तौल केंद्र की मांग कर रहे हैं। किसानों ने कहा है कि गांव के बीच से गन्ने के वाहन जाएंगे तो तनाव कभी भी बढ़ सकता है। भविष्य में कोई विवाद न हो, इसके लिए तौल केंद्र अलग किया जाए। किसानों का कहना है कि शांति बहाली के लिए दोनों के केंद्र अलग करना अनिवार्य है।

बढ़ न जाए विवाद ?

गाधी गांव के तौल केंद्र के मामले को लेकर अधिकारी भले ही सहमति न जता रहे हों, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लेना भी भारी पड़ सकता है। जिस तरह से दो समाज के बीच तनाव की स्थिति है उसे देखते हुए अधिकारियों को निर्णय लेना होगा। गांव की गलियों से गन्ना न जाए, इसका समाधान अधिकारियों को निकालना होगा, अन्यथा भविष्य में अधिक तनाव बढ़ सकता है?

भाकियू ने दिया समर्थन

भाकियू ने भी किसानों के धरने को समर्थन दिया और अधिकारियों से मांग की है कि उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। इंद्रपाल, पप्पन गुर्जर, सहेंद्र, राजेंद्र आदि ने कहा कि तौल केंद्रों को लेकर जो विवाद बढ़ रहा है उसका समाधान जल्द ही निकालना होगा। अन्यथा किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।

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