Monday, April 27, 2026
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यौन-कुंठा का इतना वीभत्स रूप कभी देखने को नहीं मिला

जनवाणी ब्यूरो |

हरिद्वार: ऋषिकुल में मासूम के साथ दरिंदगी की हदें पार कर दरिंदों ने गला घोंटकर हत्या कर दी। इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। इससे सभी लोगों में भारी गुस्सा है। आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। नगर पालिका शिवालिक नगर की सभासद रीना तोमर ने कहा कि आरोपियों को कठोर से कठोर सजा दी जाए, ताकि दोबारा कोई भविष्य में ऐसी हरकत न कर पाए।

बेटियों की सुरक्षा के लिए सरकार को कड़े कानून बनाने चाहिए। महिला अपराध बढ़ रहे हैं। शर्मनाक है ऐसी स्थिति। इससे ज्यादा चिंताजनक स्थिति यह भी है कि अब ऐसा कृत्य करने वाले मासूम बच्चियों को भी यौन शोषण का शिकार बनाने लगे हैं। बच्चियों के साथ रेप किया जा रहा है, रेप के प्रयास किये जा रहे हैं। घृणित कृत्य के साथ जघन्यता की पराकाष्ठा दिखाई जाने लगी है।

ऐसा लगने लगा है जैसे समाज से संवेदनशीलता, मानवीयता पूरी तरह समाप्त हो गई है। यौन-कुंठा का इतना वीभत्स रूप शायद की कभी देखने को मिला हो। सभासद रीना तोमर ने कहा है कि दिनों-दिन बढ़ती बलात्कार की घटनाएँ समाज में आ रहे मानवीय मूल्यों के अवमूल्यन का दुष्परिणाम हैं। देश में प्रतिदिन पचास से अधिक महिलाएं बलात्कार का शिकार होती हैं, लगभग पाँच सौ महिलाएँ छेड़खानी का शिकार होती हैं।

पचास प्रतिशत कामकाजी महिलाओं को अपने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। लगभग पच्चीस प्रतिशत महिलाएँ स्पर्श जैसे उत्पीड़न की पीड़ा सहती हैं। समाज को इस ओर जागरूक होना होगा और इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने वाले लोगों का सामाजिक बहिष्कार करना होगा।

एक जागरूक अभिभावक के नाते सभी को इस तरह की घटना घटित ना हो इसके लिए अपने स्तर से हर संभव प्रयास करने होंगे। जब तक हम सब बेटियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं होंगे तब तक इस तरह के अपराध पर अंकुश नहीं लग सकेगा।

ऋषिकुल में मासूम की हत्या करने वाले आरोपियों को जितनी भी सख्त से सख्त सजा दी जा सकती है। वह उन्हें दी जानी चाहिए। आरोपियों को फांसी की सजा हो इसके लिए अभियोजन पक्ष को प्रभावी ढंग से पैरवी करनी चाहिए।

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