- निरीक्षण में स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से मांगा जवाब
जनवाणी संवाददाता |
फलावदा: शासन की उदासीनता के चलते करोड़ों की लागत से बनी सीएचसी सफेद हाथी बनी हुई है। निरीक्षण के दौरान डीएम के. बालाजी अस्पताल में मरीजों के इलाज की व्यवस्था न मिलने पर चौक गए।उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से जवाब तलब किया।
कोरोना काल में चिकित्सा व्यवस्था परखने के लिए डीएम के बालाजी शनिवार को फलावदा में नवनिर्मित सीएचसी पर पहुंच गए। करीब 5 करोड़ से अधिक लागत से तैयार हुई यह सीएचसी संसाधनों के अभाव में बरसों से सफेद हाथी बनी हुई है। हालांकि अस्पताल के इस भवन में 4 चिकित्सक रिकॉर्ड में तैनात चल रहे हैं।

डीएम के बालाजी नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज की व्यवस्था नहीं होने पर आश्चर्यचकित रह गए। उन्होंने पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से जवाब तलब किया। डॉक्टर सतीश भास्कर ने उन्हें बताया कि 50 बेड के लिए सामान की मांग शासन से की गई है।
शासन स्तर पर मामला पेंडिंग चल रहा है। डीएम के बालाजी ने बताया कि शीघ्र ही स्वास्थ्य केंद्र को शुरू कराया जाएगा। उन्होंने डॉक्टरों को लक्ष्य बढ़ाकर वैक्सीन लगाने के निर्देश दिए। वहीं नगर पंचायत के चेयरमैन अब्दुस समद ने बताया कि उन्होंने गत 17 मई को क्षेत्रीय सांसद और विधायक से नवनिर्मित अस्पताल में रोगियों के इलाज की सुविधा कराने का आग्रह किया था।निरीक्षण के दौरान डीएम के. बालाजी के साथ एसडीएम मवाना कमलेश गोयल, सीएचसी मवाना के प्रभारी डॉ सतीश भास्कर, डॉक्टर विपिन कुमार वार्ष्णेय आदि अन्य अफसर भी मौजूद थे।

