Sunday, May 17, 2026
- Advertisement -

जम्मू कश्मीर की जनता के लिए अवसर

Samvad 51

35 25-6 अगस्त 2019 को धारा 370 तथा 35अ हटाए जाने, जम्मू कश्मीर राज्य को दो हिस्सों में बांटकर तथा उसका राज्य का दर्जा छीनकर केंद्रशासित क्षेत्र बनाए जाने के 5 साल बाद अब वहां विधानसभा का पहला चुनाव होने जा रहा है। धारा 370 हटाने का स्वयं कश्मीर पर जो भी असर पड़ा, उससे अधिक उसका दोहन संघ भाजपा ने राष्ट्रीय राजनीति के लिए किया। उस दौर में उनके समर्थकों की निगाह में मोदी सरकार की उपलब्धियों में यह मुद्दा शीर्ष पर था, हालांकि अब वह एक चुका हुआ मुद्दा है। इसे लेकर सरकार का सबसे बड़ा तर्क था कि धारा 370 के कारण कश्मीर भारत का अभिन्न अंग नहीं बन पाया था, अब मोदी सरकार ने इस धारा को हटाकर उसे भारत का अभिन्न अंग बना लिया है।

जाहिर है भावनाएं भड़काने वाली यह बयानबाजी पूरी तरह निराधार और शरारतपूर्ण थी। सच्चाई यह है कि 5 अगस्त 2019 के पूर्व भी कश्मीर भारत का उतना ही अभिन्न अंग था जैसा अब उसके बाद है। दरअसल, ऐतिहासिक तौर पर धारा 370 ही तो कश्मीर के भारत से जुड़ने का माध्यम बनी थी। और तब से दिल्ली में आने वाली तमाम सरकारें न सिर्फ व्यवहार में इसे डाइलूट करती गई, बल्कि जो अधिकार अन्य राज्यों को प्राप्त थे, कश्मीरियों के अधिकार उससे भी कमतर होते गए। वास्तविक जीवन में अब न वहां कोई प्रधानमंत्री था, न अलग विधान था। उल्टे वहां के कथित प्रधानमंत्री भारत सरकार द्वारा लम्बे समय तक जेल में डाले गए। सच तो यह है कि अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए फ्री एंड फेयर चुनाव भी कश्मीरियों को मयस्सर नहीं था। व्यवहारत: धारा 370 का केवल प्रतीकात्मक और भावनात्मक महत्व ही रह गया था।

जाहिर है कश्मीर की जनता के मन में गहरी आशंकाएं घर कर रही हैं। उन्हें डर है कि सरकार नई आबादी बसाकर वहां की डेमोग्राफी को बदलना चाहती है। इसी संदर्भ में परिसीमन आयोग की संस्तुतियों ने भी उनकी आशंकाओं को बल प्रदान किया है, जिसके अनुसार अब हिंदू बहुल जम्मू क्षेत्र की विधानसभा सीटें 37 से बढ़ कर 43 हो गई हैं, जबकि मुस्लिम बहुल कश्मीर में 46 से बढ़कर सीटें मात्र 47 होंगी। कश्मीर में 2014 के बाद से 10 साल से विधानसभा चुनाव नहीं हुए। 2019 से वहां कोई निर्वाचित विधानसभा नहीं है। 5 अगस्त 2019 को न सिर्फ धारा 370 और 35अ हटाई गई, बल्कि जम्मू कश्मीर राज्य के दो टुकड़े कर दिए गए और उसका राज्य का दर्जा छीन कर केंद्रशासित क्षेत्र बना दिया गया। स्वाभाविक है इस पूरे घटनाक्रम ने कश्मीरी जनता के अंदर दिल्ली की हुकूमत से गहरा अलगाव पैदा किया है।

सरकार दावा करती है कि धारा 370 हटाने से आतंकवाद की कमर टूट गई है, लेकिन सच्चाई यह है कि जुलाई तक पिछले 32 महीने में 70 लोग, जिनमें 52 सुरक्षा बल के लोग तथा 18 नागरिक शामिल हैं, मारे जा चुके हैं। पिछले दिनों आतंकी घटनाओं में तेजी आई है। कश्मीर के बाद अब जम्मू क्षेत्र आतंकी घटनाओं का नया केंद्र बन चुका है। कश्मीरी जनता के राजनीतिक अलगाव को चरम पर पहुंचा कर और चप्पे चप्पे पर सेना बैठकर आतंकवाद के खात्मे के सरकारी दावे हवा हवाई साबित हो चुके हैं। दिल्ली की सत्तारूढ़ भाजपा सरकार से कश्मीरी जनता का अलगाव कितना गहरा है इसको इस बात से समझा जा सकता है कि लोकसभा चुनाव में भाजपा कश्मीर घाटी से कोई प्रत्याशी उतारने तक का साहस नहीं कर पाई। प्रधानमंत्री 2019 के 5 साल बाद जब चुनाव आए हैं, तब वहां दौरे पर गए हैं!

परिसीमन के बाद जम्मू की 43 और 5 नामजद (2 विस्थापित कश्मीरी पंडित, 2 महिलाएं, 1 पाक अधिकृत कश्मीर से विस्थापित प्रतिनिधि) सदस्य मिलकर 48 हो जाते हैं, यह कश्मीर क्षेत्र की 47 सीटों से एक ज्यादा है। इस तरह कश्मीरी जनता को विधानसभा में प्रतिनिधित्व की दृष्टि से अल्पमत में धकेल दिया गया है। विधानसभा चुनाव में भाजपा जम्मू क्षेत्र में ध्रुवीकरण कराकर अपनी सीटों को अधिक करना चाहेगी, दूसरी ओर कश्मीर घाटी क्षेत्र में अपने संभावित संश्रयकारियों की मदद करेगी।
जम्मू की 34 सीटें हिंदू बहुल हैं या जहां हिंदू वोट निर्णायक हैं। जम्मू पुंछ इलाके में पहाड़ी समुदाय को एसटी दर्जा देकर और गुज्जर नेता चौधरी जुल्फिकार अली को शामिल करके भाजपा बड़े उलट फेर की कोशिश में है।

वैसे लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा की बढ़त 29 विधानसभाओं में थी, तो नेशनल कांफ्रेंस 34, कांग्रेस 7, पीडीपी 5, इंजीनियर रशीद की पार्टी को 14 तथा सज्जाद लोन की पार्टी को एक सीट पर बढ़त थी। जम्मू कश्मीर भी देश के उन इलाकों में है जहां राहुल गांधी की लोकप्रियता मोदी से अधिक है। एक सर्वे के अनुसार जहां 35 प्रतिशत लोग राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते थे, वहीं मोदी को मात्र 27 प्रतिशत लोग। यह देखना रोचक होगा कि इंडिया गठबंधन के दल कैसे चुनाव लड़ते हैं। वैसे तो नेशनल कांफ्रेंस ने अलग चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है। महबूबा मुफ्ती की पीडीपी ने इसे गुपकार समझौते की स्पिरिट के खिलाफ बताया है।

वैसे जानकारों का मानना है कि अंतत: नेशनल कांफ्रेंस और कांग्रेस के बीच सीटों का तालमेल हो जाएगा। बेहतर होता इंडिया गठबंधन की घटक पीडीपी भी इसके साथ किसी अंडरस्टैंडिंग में शामिल होती। जहां कश्मीर की दोनों पार्टियां धारा 370 को भी मुद्दा बना रही हैं, वहीं कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर राज्य का दर्जा बहाल करने को मुख्य मुद्दा बनाया है। जम्मू कश्मीर की जनता चुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त देकर तथा इंडिया गठबंधन की सरकार बनाकर पूर्ण राज्य बहाली की अपनी मांग को धार दे सकती है और राष्ट्रीय पटल पर इसे राज्य की जनता के मैंडेट के बतौर पेश कर सकती है।

janwani address 7

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

Rampur: डीएम विवाद में आजम खां को सजा, कोर्ट ने सुनाया दो साल का कारावास

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: रामपुर की कोर्ट ने सपा...

Mamta Benerjee: चुनावी हार के बाद एक्शन में ममता, बोलीं- ‘जो जाना चाहता है, वह जा सकता है’

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में...

Money Laundering Case: शिकोहपुर केस में रॉबर्ट वाड्रा को जमानत, बोले- डर का कोई सवाल नहीं

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े...

Petrol-Diesel: पश्चिम एशिया तनाव के बीच सरकार का बड़ा कदम, ईंधन निर्यात पर नई टैक्स दरें लागू

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों...
spot_imgspot_img