Tuesday, April 21, 2026
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रैपिड रेल निर्माण कार्य में समय घटाने की तैयारी

  • साहिबाबाद से मेरठ तक मार्च 2023 तक होगा रैपिड रेल का संचालन
  • मोदीनगर में जल निगम के कार्यों ने रोकी निर्माण की रफ्तार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ/गाजियाबाद: एनसीआरटीसी की ओर से साहिबाबाद से दुहाई तक इसी वर्ष रैपिड रेल का ट्रायल किये जाने के दावे पर हो रहे कार्य के बाद अब मुरादनगर, मोदीनगर व मेरठ के हिस्से में भी तेजी से काम हो रहा है। साहिबाबाद से दुहाई तक जो ट्रेन आएगी उसका संचालन मार्च 2023 में मोदीनगर से होते हुये मेरठ के परतापुर तक किया जा सकता है।

यानी अगले साल से साहिबाबाद से मुरादनगर,मोदीनगर होते हुये मेरठ तक आवागमन शुरू होने की उम्मीद है। वैसे इस हिस्से पर मार्च 2024 में रेल संचालन का लक्ष्य है। हालांकि मोदीनगर में जल निगम के कार्य की वजह से मोदीनगर में कार्य करने में देरी हुई थी फिर भी उसे कंपनियों ने दिन-रात कार्य करके नजदीक पहुंचा दिया है। इसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अब दुहाई की तर्ज पर मेरठ में परतापुर चौराहे पर स्टेशन अधिक तेजी से बनाने की शुरुआत हो गई है।

रैपिड रेल परियोजना को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार के गंभीर होने पर कोरोना, प्रदूषण और बारिश आदि वजहों से लगभग सभी परियोजनाओं ने एक साल से अधिक तक का अतिरिक्त समय लेकर लक्ष्य बढ़ा लिया मगर इस परियोजना का लक्ष्य एक से डेढ़ साल तक घटाने की तैयारी हो चुकी है। 82 किमी के इस दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर का शिलान्यास मार्च 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसको 2024 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

इस कारिडोर में 17 किमी का हिस्सा जोे मार्च 2023 में पूरा करने का लक्ष्य है, शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने कार्यों में गति प्रदान होती देख इसका लक्ष्य घटाकर दिसंबर 2022 कर दिया गया है। उसके बाद से पूरी परियोजना का लक्ष्य अलग-अलग हिस्से के लिए घटाने की कोशिश शुरू कर दी गई है। इसके बाद भी इस परियोजना को संचालित करने वाली भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने आधिकारिक तौर पर लक्ष्य घटाने की घोषणा नहीं की है।

साहिबाबाद से दुहाई तक दिसंबर 2022

साहिबाबाद गाजियाबाद जिले में है, लेकिन यह दिल्ली के नजदीक है। यहां से मुरादनगर के नजदीक स्थित दुहाई तक रैपिड रेल इसी साल दिसंबर में संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। उसके अनुसार कार्य तेजी से हो रहा है। वैसे इसका लक्ष्य मार्च 2023 है। यहां पर मार्च में ट्रेन भी आ जाएगी और अप्रैल या मई से ट्रायल भी शुरू हो जाएगा।

मेरठ परतापुर से मोदीपुरम तक मार्च 2024 में

दिल्ली के सराय काले खां से दुहाई से मुरादनगर, मोदीनगर होते हुयें मेरठ के मोदीपुरम तक यानी कुल 82 किमी के कारिडोर पर रेल संचालन का नया लक्ष्य मार्च 2024 करने की तैयारी चल रही है। फिलहाल वर्तमान में यह लक्ष्य 2025 है।

अतिरिक्त समय लगने का कारण

दिल्ली के आनंद विहार में सुरंग बनाई जानी है और भूमिगत स्टेशन भी। इसी तरह से मेरठ में फुटबाल चौक से बेगमपुल तक भूमिगत स्टेशन व सुरंग बनाई जानी है। भूमिगत स्टेशन व सुरंग की शुरुआती तैयारी से लेकर कार्य पूरा करने तक कम से कम चार साल लगते हैं। इसलिए उससे पहले के हिस्से जो एलिवेटेड है उस पर ट्रेन का संचालन हो जाएगा।

जल्द शुरू होगा टनल का काम

शहर में जल्द ही टनल का काम आरंभ होगा। इसकी तैयारी कर ली गई हैं। टनल की खुदाई करने के लिए चाइना की मशीन यहां पहुंच गई हैं। इस मशीन के जरिये ही टनल की खुदाई का काम चालू किया जायेगा। फुटबाल चौराहे से लेकर बेगमपुल तक भूमिगत टनल तैयार की जाएगी, जिसमें रैपिड रेल का ट्रेक तैयार होगा। यहीं पर रैपिड रेल दौडेगी। टनल की खुदाई करने के लिए विशेषज्ञों की टीम लगाई जाएगी। क्योंकि टनल की खुदाई का कार्य बेहद महत्वपूर्ण हैं। कहा जा रहा है कि जमीन में टनल की खुदाई चलती रहेगी, ऊपर लोगों को पता ही नहीं चलेगा कि टनल की खुदाई कम पूरी हो गई।

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