
होली रंगों का पर्व है। लोग इस त्यौहार को बड़े हर्षाेल्लास से सेलिब्रेट करते हैं। हर घर पर इस दिन पकवान बनाए जाते हैं। गुजिया, पकौड़ी, दही बड़े समेत अन्य चाट पकौड़ी बनाई जाती है। लोग एक दूसरे के घर में गले मिलकर बड़े चाव से इन चाट मसालों को खाते हैं। लेकिन एक बात का विशेष ध्यान रखें। इस दौरान सावधानी भी बहुत अधिक बरतनी है। अधिक चाट पकौड़ी या अन्य पकवान खाने के चक्कर में पेट के बीमार भी बन सकते हैं। इससे हार्ट बर्न के अलावा अन्य गंभीर दिक्कत भी हो सकती हैं।
अदरक दे सकता है राहत
अदरक का प्रयोग पेट खराब होने पर किया जा सकता है। दरअसल, एंटी फंगल, एंटी बैक्टीरियल माना जाता है। पेट में किसी तरह का इन्पफेक्शन या गड़बड़ी होने पर यह राहत दे सकता है। इसके लिए जरूरी है कि अदरक पाउडर बना लें। उसे एक गिलास दूध में मिलाकर इसका सेवन करें।
केला भी करता है फायदा
होली पर अधिक पकवान खाने से पेट खराब हो जाता है। पेट दुरस्त करने में केला एक औषधि के रूप में जाना जाता है। इससे लूज मोशन में तुरंत आराम होता है। इसके अलावा केला में पौटेशियम और केल्शियम भी काफी पाया जाता है। लूजमोशन के बाद बॉडी में आई वीकनेस के लिए भी यह लाभकारी है।
सौंफ भी करती है आराम
एसिडिटी की समस्या होने पर सौंफ भी आराम करती है। यह पेट में ठंडक लाती है। थोड़ी सी सौंफ को कुछ घंटों के लिए पानी में भिगोएं। भोजन करने के बाद खा लें या फिर सीधे ही चबाकर खा सकते हैं।
पुदीने के भी हैं लाभ
बदहजमी से बचाव के लिए पुदीना की गोलियां पेट संबंधी समस्याओं के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। पुदीना डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीक करने में मदद करता है। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-आॅक्सीडेंट्स गुण पाए जाते हैं। यह अपच, बदहजमी जैसी परेशानियोें को दूर करता है।
अधिक फायदे के लिए क्या करें
आमतौर पर कुछ लोगोें को अधिक गैस बनने की समस्या होती है। लंबे समय को राहत के लिए बाजार में मेडिकल स्टोर से एंटासिड्स भी ले सकते हैं। ये एसिड की समस्या को तुरंत खत्म कर देते हैं। परेशानी अधिक है तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

