जनवाणी ब्यूरो |
नई दिलली: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में शनिवार देर रात से रविवार सुबह तक हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचा दी। तेज बारिश के चलते कई इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुईं। अब तक 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसों में कम से कम चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं।
सुरनकोट तहसील सबसे अधिक प्रभावित
बारिश का सबसे ज्यादा असर सुरनकोट तहसील में देखने को मिला, जहां कई मकान भूस्खलन की चपेट में आ गए। प्रशासन, पुलिस और सेना की संयुक्त टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
लोअर मड़ा गांव में भूस्खलन के कारण एक मकान मलबे में दब गया। इस हादसे में मकान मालिक मोहम्मद लतीफ और उनके परिवार के पांच अन्य सदस्य लापता हो गए। बचाव अभियान के दौरान मलबे से आठ शव बरामद किए जा चुके हैं।
कई गांवों में जान-माल का नुकसान
संगलेयानी गांव में मकान ढहने से 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। वहीं मरहोट गांव में इरम नाम की एक नाबालिग लड़की तेज बहाव वाले नाले में बह गई, जिससे उसकी जान चली गई। धुंधक लठूंग पुल के पास एक नाले से एक अज्ञात महिला का शव भी बरामद हुआ है।
नूनाबांडी गांव में भारी बारिश के कारण एक मकान गिरने से 28 वर्षीय नाजिया कौसर की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हफीज और दो से छह वर्ष की उम्र के तीन बच्चों को घायल अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी घायलों का इलाज राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में चल रहा है।
मड़ा गांव में बचाव अभियान जारी
सुरनकोट के मड़ा गांव में क्षतिग्रस्त मकान के मलबे से शव निकालने का अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक आठ शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि गांव में छह अन्य लोगों के लापता होने की सूचना है।
प्रभावित इलाकों में राहत दल तैनात कर दिए गए हैं। फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने, मलबा हटाने और प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
अधिकारियों ने लिया जायजा
पुंछ के उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शफकत हुसैन ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। प्रशासन, पुलिस और सेना की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चलाकर प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता लोगों की सुरक्षित निकासी और राहत कार्यों को तेजी से पूरा करना है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। भारी बारिश के मद्देनजर जिले के संवेदनशील इलाकों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

