- पक्षकारों को अनावश्यक पूछताछ और भीड़भाड़ से मिली राहत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: महानगर के चार और मवाना-सरधना के दो सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में टोकन डिस्पले शुरू होने से इन कार्यालयों में आने वाले पक्षकारों को अनावश्यक पूछताछ और भीड़भाड़ से राहत मिली है। विभागीय अधिकारी के अनुसार उच्च स्तर पर इस बात को महसूस किया गया कि रजिस्ट्री करने-कराने के लिए आने वाले पक्षकारों को अपना नंबर आने की जिज्ञासा और प्रतीक्षा के बीच असुविधा से दो-चार होना पड़ता है।
पक्षकारों के बार-बार आकर अपनी बारी आने के बारे में पूछते रहने से विभाग के स्टाफ को भी व्यवधान का सामना करना पड़ता है। इसका हल निकालने के लिए करीब डेढ़ माह पूर्व टोकन डिस्पले शुरू किया गया। इसके अंतर्गत नगर निगम परिसर स्थित सब रजिस्ट्रार प्रथम और तृतीय के साथ-साथ जिला मुख्यालय परिसर स्थित सब रजिस्ट्रार द्वितीय और चतुर्थ के कार्यालयों में टोकन डिस्पले की व्यवस्था कराई गई है।
रजिस्ट्री के लिए आने वाले पक्षकारों और उनके अधिवक्ताओं का कहना है कि अभिलेखों का निरीक्षण करने के उपरांत संबंधित लिपिक टोकन नंबर दे देते हैं। जिससे यह अनुमान सहज ही लगाया जा सकता है कि उनके टोकन नंबर तक पहुंचने में कितना समय शेष है। ऐसे में पक्षकार और उनके अधिवक्ता समय अधिक होने की स्थिति में अन्य कार्य निपटा सकते हैं। वहीं टोकन डिस्पले से कार्यालय के भीतर लगी रहने वाली भीड़ में भी कमी आई है, जिससे पक्षकारों के साथ कार्यालय स्टाफ को भी राहत मिली है।
ई-स्टांप ने भी दी राहत
सब रजिस्ट्रार चतुर्थ एके त्रिपाठी का कहना है कि ई-स्टांप लागू होने के कारण रजिस्ट्री कराने के काम में पारदर्शिता के साथ-साथ कार्य सुविधाजनक भी हुआ है। एक ही पेपर पर वांछित राशि के स्टांप की स्वीकृति मिल जाती है। इससे पूर्व की भांति पेपर स्टांप के भारी भरकम दस्तावेजों को सहेजकर रहने वाले बोझिल काम से भी निजात मिल रही है।

