जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानून के विरोध में रालोद कार्यकर्ता मंगलवार को सड़कों पर उतर आए। उन्होंने धरना स्थल पर एकत्र होकर जिला अध्यक्ष राव कैसर के नेतृत्व में सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। यहां पर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष राव कैसर एवं प्रदेश महासचिव चौधरी धीर सिंह ने कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार का किसान विरोधी चेहरा सामने आ गया है। सरकार को किसानों की तनिक भी परवाह नहीं है। इस देश का अन्नदाता इस कड़ी ठंड में सड़कों पर राते गुजारने को विवश हो रहा है। लेकिन सरकार को उनकी जरा भी परवाह नहीं है।
उन्होंने कहा कि किसानों पर लाठीचार्ज और पानी की बौछारें छोड़ना तथा किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़ना अत्यंत निंदनीय है। यह कृत्य ब्रिटिश राज का परिचायक है। यह कृषि बिल अन्नदाता को पूर्ण रूप से बर्बाद कर देगा। किसान विरोधी कानून के फलस्वरूप मंडी समिति एवं एमएसपी समाप्त हो जाएगी।
कारपोरेट जगत द्वारा स्वेच्छा से किसान की उपज की कीमत दी जाएगी। किसानों के बीच संभावित विवादों का निस्तारण भी सिविल कोर्ट में ना होने से किसानों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन होगा। इकरारनामा के माध्यम से किसानों का शोषण होगा और तैयार फसल की कीमत गुणवत्ता का बहाना बनाकर कम दी जाएगी।
भंडारण की सीमा कारपोरेट जगत के पक्ष में समाप्त हो जाएगी जिसका लाभ किसानों को ना मिल कर सीधे पूंजीपतियों को मिलेगा। प्रदर्शनकारियों में मुख्य रूप से अयूब हसन, हाजी सलीम कुरैशी, राव पंवार, हरपाल बाल्मीकि, शौकीन राणा, सागर चौधरी, राव अल्तमस, चौधरी गजेंद्र, आसिफ, पार्षद महावीर सैनी, प्रीतम सैनी, शाहरुख अंसारी, वसीम सभासद, अब्दुल हमीद, सभासद मोहम्मद समीर, राव जान मोहम्मद, राव शाकिर, सतपाल चौहान, अनुज वर्मा, विशाल कंबोज आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।

