Tuesday, November 30, 2021
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ठंड से न हो कोई भी जनहानि, खुले में न मिले कोई सोता हुआ

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  • मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से ली बैठक
  • कंबल वितरण प्राथमिकता पर कराये, बेसहारा लोगों को रैन बसेरों में रखे

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मुख्य सचिव आरके तिवारी ने सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नर, डीएम, एसएसपी और अन्य अधिकारियों के साथ राजस्व, धान क्रय, गो संरक्षण, निर्विवादित विरासत आदि विषयों पर समीक्षा बैठक की। मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि सभी अधिकारी व कर्मचारी आमजन से अच्छा व्यवहार रखे।

जन शिकायतों का गुणवत्तापरक व समयबद्ध निस्तारण प्राथमिकता पर सुनिश्चित कराये। निस्तारण उपरान्त शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर आवश्यक रूप से फीड किया जाये क्योंकि मोबाइल नंबर पर ही शासन स्तर से फीड बैक लिया जाता है।

मुख्य सचिव ने निर्देशित किया कि ठंड से कोई भी जनहानि नहीं होनी चाहिए और न ही कोई खुले में सोेते हुये मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शीत ऋतु में कंबल वितरण प्राथमिकता पर कराया जाये तथा बेसहारा लोगों को रैन बसेरों में रखा जाये। उन्होंने निर्देशित किया कि निराश्रित गोवंश स्थलों का डीएम व वरिष्ठ अधिकारी निरीक्षण करें। धान क्रय केन्द्रों पर सभी व्यवस्थाएं ठीक रखे तथा जब तक क्रय केन्द्र पर किसान व धान उपलब्ध है।

तब तक क्रय केन्द्र बंद न किया जाये। किसानों को धान विक्रय करने में कोई परेशानी न हो यह सुनिश्चित किया जाये। अपर मुख्य सचिव कृषि देवेश चतुर्वेदी ने बताया कि आगामी 25 दिसम्बर को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी की जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाया जायेगा। प्रधानमंत्री देश के नौ करोड़ लाभार्थियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की किश्त अंतरित करेंगे जिसमें से प्रदेश के 215 करोड़ किसान लाभार्थी भी है।

25 दिसम्बर को विकास खंड स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। किसानों को बीज, खाद, पानी आदि की कोई समस्या न हो यह सुनिश्चित किया जाये तथा किसानों से बेहतर समन्वय स्थापित किया जाये। प्रमुख सचिव दुग्ध विकास भुवनेश कुमार ने बताया कि प्रदेश में 520 करोड़ पशुओं की टैंगिंग का लक्ष्य है। जिसके सापेक्ष 53 प्रतिशत पूर्ण कराया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि वृहद गो संरक्षण केन्द्र बनाने के लिए शासन स्तर पर 147 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध है। एक वृहद गो संरक्षण केन्द्र के लिए रुपये 1़20 करोड़ दिये जाते हैं, अब तक मात्र 18 ही प्रस्ताव मिले हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि जनपद आवश्यकतानुसार वृहद गो संरक्षण केन्द्र का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजे ताकि धनराशि आवंंटित की जा सके।

प्रदेश में गो आश्रय स्थलों पर तीन लाख कुंतल पराली का संग्रह हुआ है। अधिकारी इसको भी चेक कराये तथा इसका उपयोग सुनिश्चित करें। इस अवसर पर आयुक्त अनीता सी मेश्राम, डीएम के. बालाजी, एसएसपी अजय साहनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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