Saturday, June 12, 2021
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सीएचसी-पीएचसी पर दम दोड़ रही स्वास्थ्य सेवाएं

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  • डाक्टर-स्टाफ समेत मूलभूत सेवाओं का है अभाव

जनवाणी संवाददाता |

कांधला: कस्बे का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व ग्रामीण अंचलों में स्थापित 6 पीएचसी पर सुविधा के अभाव में स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। यही वजह है कि बीमार होने वाले मरीज या तो प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज कराने को मजबूर हो रहे हैं या फिर झोलाछाप डाक्टरों से इलाज करा रहे हैं। ऐसे में मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ होना तय है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांधला और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों, स्टाफ नर्स, कम्युनिटी हैल्थ वर्करों व फार्मासिस्ट की कमी के कारण मरीजों को संपूर्ण इलाज नहीं मिल पा रहा है। कांधला ब्लांक क्षेत्र में दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व नगर पंचायत एलम, गंगेरू, लिसाढ़, जसाला, राजपुर छाजपुर व फुगाना समेत छह प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मूल भूत सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों को जरूरी इलाज भी नहीं मिल पा रहा है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आठ डाक्टरों की आवश्यकता है, जबकि यहां एक दंत चिकित्सक के साथ बच्चों के डाक्टर के रूप में खुद सामुदायिक स्वास्थ्य प्रभारी रामबीर उपाध्याय है। प्रभारी रामबीर उपाध्याय ने बताया कि उनके अनुसार आवश्यकता पड़ने पर वह अकेले ही सभी कार्यो को देख लेते है।

वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में जनरल सर्जन, फिजीशियन, ऐनेस्थेटिस्ट, स्त्री रोग विशेषज्ञ, डेंटल सर्जन, उपचारिका, फार्मासिस्ट, प्रयोगशाला प्राविधिक, स्वास्थ्य प्रर्यवेक्षक (महिला), महिला चिकित्सा अधिकारी, नेत्र सर्जन, लैब टेक्नीशियन, एक्स रे टेक्नीशियन, एचईसी, चौकीदार, आयुष फार्मास्सिट के पद के साथ-साथ लिपिक के दोनों पद रिक्त चल रहे है।

विभाग लिपिक का सभी कार्य शामली से होकर आता है। इसी प्रकार एलम, गंगेरू, राजपुर छाजपुर लिसाढ़, फुगाना, जसाला के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में से वर्तमान में एलम में डाक्टर भी नहीं है। जबकि एलम में सफाई कर्मचारी है तो अन्य किसी भी पीएचसी पर सफाई कर्मचारी भी नहीं है। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर सफाई व्यवस्था बदहाल है। स्वास्थ्य केन्द्र के प्रांगण में नगर पालिका परिषद के शौचालयों में गंद्गी का अंबार है। जिस कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी रामबीर उपाध्याय यह तो मानते है कि सामुदायिक केन्द्रों पर डाक्टरों व अन्य स्टाफ का अभाव है किन्तु कैमरे के सामने बोलने से वह बचते हुए नजर आते है। इस मामले में वह कहते है कि यह उनके कार्यक्षेत्र का मामला नहीं है इस मामले में सीएमओ शामली से वार्ता कर जानकारी करने के लिए कहते है।

मुजफ्फरनगर के गांवों को भी सेवाएं दे रहा कांधला

विकास खंड कांधला में गांव सभी की बात करे तो उसके अन्तर्गत 33 गांव पंचायतें आती है। किन्तु सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लगभग 65 गांवों को अपनी सेवाएं दे रहा है। चिकित्सा प्रभारी रामबीर उपाध्याय ने बताया कि राजपुर छाजपुर व फुगाना दोनों प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जनपद मुजफ्फरनगर के क्षेत्र है किन्तु उनकी स्वास्थ्य सेवाएं कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के अन्तर्गत है, उक्त दोनों प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अन्तर्गत 14 गांव पंचायतें जनपद मुजफ्फरनगर की आती है।

जसाला में नियुक्त एक चिकित्स वो कांधला पहुंचे

विकास खंड के अन्तर्गत पड़ने वाली ग्राम पंचायत जसाला में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित है। अप्रैल 2020 में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भी बनकर तैयार हो गया था। जो सभी सुविधाओं से लैंस है। कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में तैनात एक कर्मचारी के अनुसार वहां के अधिकतम कैमरों में एसी लगे हुए है। शासन के द्वारा उक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में अभी तक उसमें मात्र एक दंत चिकित्सक की तैनाती की गई है, किन्तु वहां पर अन्य स्टाफ की तैनाती ना होने के कारण दंत चिकित्सक को भी कांधला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर भेज दिए गए है। वहीं जसाला सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र धूल खाता नजर आ रहा है तथा रख रखाव के अभाव में खराब होने लगा है।

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