Sunday, January 23, 2022
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गन्ना हमारा, जिन्ना उनका : जेपी नड्डा

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  • भाजपा अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा ने पूर्व सीएम अखिलेश पर साधा निशाना

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा ने कहा कि गन्ना भाजपा का है और जिन्ना उनका है। गन्ने का तमाम बकाया भुगतान भाजपा ने किया है। यही नहीं, उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगा को भी छुआ और सचिन और गौरव मर्डर पर भी बोले, कहा कि क्या सचिन और गौरव के मर्डर को आप भूल गए हो। उसमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दंगाइयों को कैसे बचाने का काम किया था? क्या यह भी भूल गए हो?

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा शनिवार को सुभारती विश्वविद्यालय में पश्चिम क्षेत्र के बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि कानून प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वापस ले लिये हैं। क्योंकि हम किसानों को समझा नहीं पाए। कुछ लोग खुद को किसान नेता बता रहे हैं। ये सब जानते है कि किसान नेता कौन हैं?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के लिए कृषि बजट बढ़ाया। किसानों का ऋण माफ किया। डीएपी के रेट कम किए। अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि चाचा पार्टी में आना चाहते हैं, लेकिन अखिलेश चाचा को लेना नहीं चाहते। यह हाल है संस्कारों का। उन्होंने कांग्रेस की घेराबंदी करते हुए कहा कि यह पार्टी तो भाई-बहन की पार्टी है, जिसमें तीसरे को स्थान नहीं है।

यूपी की कानून व्यवस्था को बेहतर बताते हुए कहा कि अब माफिया साफ हैं। अब माफियाओं को यूपी में कोई शरण नहीं मिलती। नहीं किसी व्यापारी को रंगदारी आती है। मुझे ऐसी पार्टी का अध्यक्ष होने का गौरव प्राप्त हुआ कि कोरोना काल में पार्टी का कार्यकर्ता सेवा करने में निकल गया।

उस दौरान तमाम पार्टी के नेता व कार्यकर्ता घरों में क्वारंटाइन थे। भोजन के पैकेज तब लाखों लोगों तक पहुंचाए। बुजुर्गों को दवाई पहुंचाई। ये सिर्फ भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया। साधारण परिवार का आम आदमी प्रधानमंत्री बन सकता है, तो साधारण आदमी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है। दिनेश शर्मा डिप्टी सीएम है। ये सब आम परिवार से है। भविष्य में आप भी बूथ कार्यकर्ता भी पार्टी को नेतृत्व देगा। बाकी पार्टियों में किसी न किसी का बेटा होना आवश्यक है। आपको किसी न किसी का भतीजा होना आवश्यक है।

वर्तमान में तो वंशवाद इतना मजबूत हो गया कि पार्टी के नेता अपने चाचा को भी बख्शने के लिए तैयार नहीं। उन्हें भी छोड़ने को तैयार है। क्षेत्रीय पार्टी बन चुकी हैं। परिवार वाद की पार्टी बन चुकी हैं। कांग्रेस भी परिवार की पार्टी बन गई। …या तो भैय्या जाएंगे या फिर बहन जाएगी। भाजपा में ही सिर्फ साधारण परिवार से निकला हुआ व्यक्ति ही पार्टी का नेतृत्व करता है। दुर्भाग्य है कि सरदार पटेल के साथ जिन्ना को बराबरी करने का षडयंत्र होता है।

बूथ सम्मेलन के मुख्य बिंदु

  • 35 मिनट बोले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा
  • भगवान श्रीराम व श्रीकृष्ण कीभूमि को सर्वप्रथम राष्ट्रीय अध्यक्ष ने नमन किया
  • मंगल पांडे को नमन किया, स्वतंत्रता के लिए आहुति दी
  • देश आजादी में अहम् भूमिका निभाने वाले धन सिंह कोतवाल को भी नमन किया
  • राज्यभा सांसद कांता कर्दम का नाम कदम-कदम बोल गए राष्ट्रीय अध्यक्ष
  • कार्यक्रम में 2200 बूथ अध्यक्षों का हुआ पंजीकरण
  • कार्यकर्ता व पार्टी की पहचान विपत्ति में होती है

कवाल कांड को दी हवा, अखिलेश रहे निशाने पर

वर्ष 2013 में हुए कवाल कांड को भी भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा ने कुरेद दिया। दंगे के जख्म वर्तमान में भर सा गया है, लेकिन भाजपा फिर से इसे कुरेद रही है, ताकि फिर से हरा हो जाए। मुजफ्फरनगर के लोग भी कवाल कांड को भूल चुके थे। फिर से मुस्लिम व जाट एक साथ दिखाई दे रहे हैं।

कवाल कांड के बाद जो दूरिया दोनों समुदाय के बीच पैदा हुई थी, उसको पाटने के लिए पूर्व सांसद स्व. चौधरी अजित सिंह भी कई सद्भावना कार्यक्रम कर चुके थे। क्योंकि मुजफ्फरनगर दंगों का यदि किसी को राजनीतिक नुकसान हुआ था तो वह रालोद था। धीरे-धीरे समय बीता तो लोग कवाल कांड को भूलने लगे थे, लेकिन भाजपा ने फिर से कवाल कांड के जख्मों को कुरेदने का काम करना आरंभ कर दिया है।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुजफ्फरनगर दंगे और सचिन और गौरव हत्याकांड को जनता को फिर से याद कराया। वेस्ट यूपी भाजपा का एक तरह से मुजफ्फरनगर दंगों के बाद गढ़ बन गया। भाजपा ने विपक्षी दलों का वेस्ट से सफाया ही कर दिया। अब फिर 2022 में यूपी विधानसभा चुनाव हैं। अब भाजपा किसान आंदोलन के बाद कुछ कमजोर पड़ी हैं। यह बात भाजपा के नेता भी मानते हैं।

इसी वजह से भाजपा ने फिर से मुजफ्फरनगर दंगों की याद दिलाते हुए चुनावी बिगुल फूंक दिया है। भाजपा इतनी आसानी से सपा-रालोद को वेस्ट यूपी में पांव जमाने नहीं देगी। यही वजह है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंच से बोल दिया कि क्या मुजफ्फरनगर के दंगों को आप भूल गए हैं। यही नहीं, इससे भी आगे सचिन-गौरव हत्याकांड का जिक्र भी किया, जो कवाल कांड के नाम से जाना जाता है।

दरअसल, कवाल में ही सचिन व गौरव की हत्या कर दी गई थी। यह पूरा घटनाक्रम एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ की घटना के बाद उपजा था। छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने वाले एक विशेष सम्पदाय से ताल्लुक रखते थे, जिसके बाद वेस्ट यूपी को साम्पदायिक दंगों ने अपनी चपेट में ले लिया था। इसके बाद राजनीतिक दलों ने खूब रोटियां भी सेकी। सबसे ज्यादा लाभ भाजपा को ही मिला था।

अब लोग कवाल कांड को करीब-करीब भूल चुके हैं, लेकिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने फिर से कवाल कांड का जिक्र कर जख्मों को हराकर दिया है। इसमें दो राय नहीं है कि भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिस तरह से कवाल कांड का जिक्र किया है, उससे लग रहा है कि भाजपा इस कांड को चुनाव में पूरा फोकस रखने वाली है। मुजफ्फरनगर दंगे और कवाल कांड भाजपा के मुख्य एजेंडे में रहेगा।

हालांकि इस बात को विपक्षी सपा-रालोद भी जानती है, लेकिन भाजपा के इस फंडे का मुकाबला कैसे किया जाए? यह सपा-रालोद के लिए बड़ी चुनौती है। भाजपा के तीर जख्मो पर चले तो सपा के साथ रालोद को भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। इतना अवश्य है कि किसान आंदोलन के बाद जाट-मुस्लिमों के बीच जो खाई पैदा हुई थी, वो किसी हद तक पटी भी है। क्योंकि जाट-मुस्लिमों को नजदीक लाने में भाकियू की भी अहम भूमिका रही है।

क्योंकि भाकियू के किसान आंदोलन में दोनों ही समुदाय के लोग जुटे थे। भाकियू का आंदोलन तो खत्म हो गया, लेकिन अब भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत कई मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की बात कह रहे हैं। फिर से गन्ना बकाया भुगतान व बिजली के बढ़ाई गई दरों के मुद्दे को लेकर यूपी सरकार की किसान घेराबंदी कर सकते हैं, जिसके बाद भाजपा को फिर से कठघरे में खड़ा किया जा सकता है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विधायकों की लगाई क्लास

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को बूथ अध्यक्ष सम्मेलन के बाद पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय पर विधायकों व संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों की क्लास लगा दी। विधायकों से दो टूक कह दिया कि आपकी रिपोर्ट नहीं, बल्कि जनता के बीच आपकी क्या छवि है, वो महत्वपूर्ण है। 4.30 बजे आरंभ हुई भाजपा की मीटिंग रात 9.30 बजे तक चली।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विधायकों की क्लास लगाते हुए कहा कि विधायक जनता के बीच बने रहे। जनता के काम कराये। शिकायत मिली है कि कुछ विधायक जनहित के कार्य ही नहीं करा रहे हैं, ऐसे विधायकों की सूची तैयार हो रही है। विधायकों के कार्यों के प्रति भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुछ खास खफा नजर आये।

उन्होंने दो टूक कह दिया कि अब कृषि कानून भी वापस हो गए हैं। ऐसे में किसानों से सीधे संवाद स्थापित करें। किसानों की नाराजगी को दूर करें। किसानों की तमाम मांग मान ली गई, अब इसको किसानों तक पहुंचाये। क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ जब कृषि कानून को वापस लिया गया है। संगठन के लोगों से भी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सांसदों व विधायकों के बारे में फीड बैक लिया। गोद लिये गए गांवों के हालात क्या हैं? वहां पर विधायक व सांसद जा रहे है या फिर नहीं?

इन तमाम बिंदुओं को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जानकारी की। लोगों से जुड़ने वाले मुद्दों को लेकर भी चर्चा की। जिन्ना का जिन जनता के बीच जिंदा रखने के लिए प्रचार करने के लिए भी कहा गया। क्योंकि भाजपा ने जिन्ना को चुनावी मुद्दा बना लिया है। इसके लिए सपा-रालोद को घेरा जा रहा है। क्योंकि वेस्ट यूपी का जो मिजाज है, उसको लेकर ही जिन्ना भाजपा के लिए मुफीद साबित हो सकता है। इसी वजह से बैठक में भी इसको लेकर चर्चा की गई।

किसानों की भूमि पर मैं बोलूंगा…

कृषि कानून को वापस लिया। किसानों की मूल भूमि पर मैं ये बात कहना चाहता हूं। कुछ इस तरह से भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किसानों की समस्याओं को लेकर मंच से चर्चा आरंभ की। कहा कि बहुत से नेताओं ने अपने आपको किसान नेता कहने का प्रयास किया, लेकिन जब किसानों के लिए कुछ करने की बारी आयी। तब क्या किया? मोदी के अलावा किसानों के लिए किसी ने कुछ नहीं किया।

23 हजार करोड़ का बजट कृषि का था। 1.23 लाख का बजट नरेनद्र मोदी ने बनाया। 1.63 हजार करोड़ रुपये दो-दो हजार रुपये की 10 किश्त किसानों के खाते में पहुंचाई। यूरिया लेने के लिए पहले किसानों पर लाठीचार्ज तक हो जाता था। लाइने लगती थी। यूरिया नहीं मिलता नहीं था। किसानों को यूरिया मिलने में दिक्कत नहीं हो, इसकी व्यवस्था की नरेन्द्र मोदी की सरकार ने।

डीएपी का बोरा 2400 रुपये का था, जो 1200 रुपये में उपलब्ध कराया। पीएम फसल योजना का लाभ भी किसानों ने उठाया। स्वामीनाथन ने कहा था कि लागत की डेढ़ गुना ज्यादा भुगतान किया जाए, वह भी किया। रिकॉर्ड एमएसपी किसानों को दी गई। मैं बात गन्ने की करुं तो भाजपा ने गन्ने का रिकॉर्ड गन्ने का भुगतान किया। गन्ने का एक लाख 41 हजार करोड़ का भुगतान किया। अखिलेश यादव के कार्यकाल का भी 11 हजार करोड़ का भुगतान योगी सरकार ने किया।

समाजवादी से लिपटा जिन्ना का ‘जिन’

जिन्ना समावादी पार्टी से लिपट गए हैं। इसको भाजपा ने अपना प्रमुख मुद्दा बना दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रसाद नड्डा ने मेरठ बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में अपना पूरा फोकस जिन्ना पर कर दिया। कहा कि गन्ना हमारा है, जिन्ना उनका है। ये जिन्न का तुम्हारा काम है। बोतल के अंदर डालना तुम्हाना काम है। जिन्ना वाली मानसिकता का भी पर्दाफाश करने का भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ऐलान कर दिया। इस तरह से भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं को जिन्ना का जिन्न थमा दिया।

वेस्ट यूपी में जहां मुजफ्फरनगर दंगा को लेकर भी भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष स्मरण कराया, वहीं भाजपा इसको लेकर ही चुनाव में पहुंच गई है। जिन्ना का जिन समाजवादी पार्टी से लिपट गया है। अब जिन्ना से सपा कैसे पीछा छुड़ाती है, यह देखना बाकी है। भाजपा कार्यकर्ता जिन्ना का जिन लेकर अब घर-घर घुमने वाले हैं। क्योंकि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिन्ना के जिन को बोतल में बंद करने की बात कही है।

चुनाव में जिन्ना काम करता है या फिर नहीं, यह तो फिलहाल भविष्य के गर्भ में हैं, मगर इतना अवश्य है कि वेस्ट यूपी के माहौल को फिर से मुजफ्फरनगर दंगा हो या फिर सचिन व गौरव की हत्या का मामला, इसको लेकर भाजपा ने वेस्ट के जख्मों को फिर से कुरेदने का काम किया है। जख्म फिर से हरा हुआ तो सपा-रालोद गठबंधन के लिए नुकसान दायक साबित हो सकता है। हालांकि सपा-रालोद सद्भावना का दबथुवा से ऐलान कर गए। अब सद्भावना कितने कदम चलती है, यह देखना बाकी है।

पीएम के बाद अब अध्यक्ष के निशाने पर रही ‘लाल’ टोपी

लाल टोपी भी भाजपा के शीर्ष नेताओं के जहन से निकल नहीं पा रही है। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री गोरखपुर पहुंचे थे तो वहां लाल टोपी को खतरा बताया था। इस तरह से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल टोपी पर अपना फोकस किया। शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मेरठ में बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधन करने पहुंचे थे। उन्होंने भी लाल टोपी का जिक्र किया। कहा कि इस बात का भी ध्यान रखना है कि आपकी लाल टोपी भी केसरिया हो जाएगी। इस बात का भी ध्यान रखना, ये भी होने वाला है।

पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अब भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लाल टोपी पर निशाना साधा है तो इससे साफ है कि समाजवादी पार्टी से भाजपा का सीधे मुकाबला है। भाजपा ने सपा की घेराबंदी आरंभ कर दी है। सपा की लाल टोपी को ही फोकस किया जा रहा है। क्योंकि सपा भी भाजपा के खिलाफ प्रदेश भर में माहौल तैयार कर रही है। हाल ही में मेरठ के दबथुवा में सपा-रालोद ने बड़ी जनसभा कर भाजपा के लिए मुश्किलें पैदा कर दी थी। इसके बाद से ही भाजपा के निशाने पर लाल टोपी आ गई है। लाल टोपी भाजपा के जहन में उतर गई है।

वे दंगा तंत्र के पुजारी

सपा को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने निशाने पर लेते हुए कहा कि वे दंगा तंत्र के पुजारी। उन्होंने कहा कि ये नई सपा नहीं है, वही पुरानी सपा है।

याद करो इनके कार्यकाल में 700 दंगे हुए। 112 लोग मारे गए। मुजफ्फरनगर के दंगे में सचिन और गौरव को मार दिया गया। अखिलेश यादव ने आरोपियों को थाने से छुड़वा दिया था, क्या आप भूल गए। ये वहीं दंगा कराने वाले हैं। भाजपा शांति चाहती हैं। पूरे प्रदेश में अमन-चैन हैं। कहीं कोई दंगा तो नहीं हुआ।

भाजपा बूथ सम्मेलन की झलकियां

ये रहे मौजूद

केन्द्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह, यूपी के चुनाव सह प्रभारी कैप्टन अभिमन्यु, चुनाव प्रभारी पंकज सिंह, राज्यसभा सांसद सुरेन्द्र नागर, कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, सांसद भोला सिंह, सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, राज्यसभा सांसद कांता कर्दम, राज्यमंत्री भूपेन्द्र चौधरी, अशोक कटारिया, कपिल देव अग्रवाल, अश्विनी त्यागी, अतुल गर्ग, अनिल शर्मा, केन्द्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान, अंकुर राणा, राज्यमंत्री दिनेश खटीक, देवेन्द्र चौधरी, यूपी के चुनाव प्रभारी राधा मोहन सिंह, जेपी एस राठौर, संजय भाटिया, सांसद डा. महेश शर्मा, सांसद प्रदीप चौधरी, राज्यसभा सांसद विजयपाल तोमर आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल ने किया।

एक देश, एक विधान

भाजपा राष्टÑीय अध्यक्ष ने एक देश में दो निशान, दो विधान, दो प्रधान नहीं चलेंगे। इस पर भी कुछ इस अंदाज में बोले। कहा कि एक देश में एक विधान, एक संविधान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने करके दिखाया। धारा 370 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने धराशाई कर दिया। पाकिस्तान व बंग्लादेश में तीन तलाक नहीं हैं, लेकिन भारत में है। मोदी ने इच्छा शक्ति दिखाई, जिसके बाद मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से आजादी दिलाई।

मोदी टीका कैसा लगा…?

किसी ने मास्क नहीं पहना है, ये वैक्सीनेशन का कमाल है। कभी देश में वैक्सीन 20 वर्ष बाद पहुंचती थी। कोरोना की नौ माह के अंदर दो-दो वैक्सीन देश को प्रधानमंत्री ने दी। नेता कह रहे हैं कि ये मोदी की वैक्सीन है। मैं पूछता हूं कि मोदी टीका कैसा लगा? कैसा है बीजेपी का टीका? इस तरह से भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंच से खूब चुटकी ली। क्योंकि कुछ राजनीतिक दलों के नेताओं ने कह दिया था कि ये वैक्सीन मोदी वैक्सीन है, इसे नहीं लगवायेंगे।

विधायकों को नहीं मिला मंच पर स्थान

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के मंच पर भाजपा के विधायकों को जगह नहीं मिली। विधायकों को दर्शक दीर्घा में ही बैठाया गया था। हालांकि कुछ विधायक मंच पर पहुंच गए थे, लेकिन बाद में अध्यक्ष के पहुंचने से पहले विधायकों को दर्शक दीर्घा में भेज दिया गया। पूरे समय विधायक दर्शक दीर्घा में ही बैठे। एक बार अवश्य ही क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल ने विधायकों के दर्शक दीर्घा में मौजूदगी होने की बात कही।

वो अनुशान का पाठ पढ़ते रहे, फिर भी नहीं डिगे

बार-बार कहने पर भी कार्यकर्ता मंच से बाई तरफ खड़े रहे। जब मंच से कहा जा रहा था, इसके बाद केन्द्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान से रहा नहीं गया। मंच छोड़कर डा. संजीव बालियान कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच गए तथा प्रयास किया कि तमाम कार्यकर्ता पीछे खाली पड़ी कुर्सियों पर बैठे। काफी देर तक संजीव बालियान कार्यकर्ताओं से बैठाने को लेकर संवाद स्थापित करते दिखाई दिये।

बूथ जीता तो चुनाव जीता: स्वत्रंत देव

भाजपा पूर्ण रूप से कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। विधानसभा में जीत का मंत्र है बूथ जीता, तो चुनाव जीता। यह बात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधानसभा सदस्य स्वतंत्र देव सिंह ने बूथ अध्यक्ष सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में जो गुंडागर्दी थी वह आपने देखी है। कार्यकर्ता बूथ पर फोकस करों, निश्चित रूप से जीत मिलेगी।

कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दे गए। स्वतंत्र देव सिंह ने सपा को गुंडों की पार्टी बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ट्रस्ट चला रहा है। जनता की खुशहाली सिर्फ भाजपा के साथ है। आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता दिखा देगी कि वह पूर्ण रुप से भाजपा के साथ है। 300 से अधिक सीटों पर जीत का किया दावा।

भाजपा के नेताओं को वोट देकर पूर्ण समर्थन मिलेगा। स्वतंत्र देव सिंह ने स्पष्ट कहा कि भाजपा इस विधानसभा चुनाव में 300 से अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेगी। कहा कि कार्यकर्ता के दम पर चुनाव कोई व्यापार नहीं है यह एक मिशन है। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में बूथ अध्यक्ष सम्मेलन इस मार्ग को प्रशस्त करेगा। भाजपा के सभी बूथ अध्यक्ष ईमानदार और लगन के साथ अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में मजबूती से लगे हैं। मिशन 2022 को कार्यकर्ता मजबूती से प्राप्त करेंगे।

कांवड़ यात्रा पर होती है पुष्प वर्षा: दिनेश

डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने कहा कि बूथ के हजारों कार्यकर्ता एकत्र हैं तो रैली होगी तो भीड़ का क्या हाल होगा? यूपी में जो परिवर्तन की लहर 2014 के बाद आरंभ हुई। रोजगार के मामले में यूपी सरकार टॉप पर है। वेस्ट यूपी उपजाऊ भूमि के मामले में बड़ा स्थान रखता। पहले कांवड़ यात्रा पर पत्थर बरसते थे, अब योगी सरकार में पुष्प वर्षा की जाती है। गन्ना किसानों को बकाया भुगतान पूरा किया। यूपी सरकार ने रिकॉर्ड गेहूं की खरीद की।

डीएपी खूब मिल रहा है। पानी नहरों में फ्री दिया जा रहा है। विपक्ष के पास विकास का मुद्दा नहीं हैं। क्षेत्र व जाति के नाम पर बांटना चाहते हैं। विपक्ष के दुष्प्रचार से सतर्क रहना हैं। पिछला रिकॉर्ड भाजपा का पार्टी कार्यकर्ता ही तोड़े। मां शाकुंभरी के लिए यह क्षेत्र जाना जाता था। मां-बहन घर से बाहर नहीं निकलती थी। माफिया तंत्र सक्रिय था। अराजक तत्वों का मकानों पर कब्जे हो जाते थे। माफिया जेल भेजे गए।

कहा कि गुंडों को योगी सरकार ने सबक सिखाया है। उन्होंने कहा कि यूपी में क्राइम कंट्रोल हुआ है। कब कहां किसकी हत्या हो जाती थी, कुछ पता नहीं, अब अपराधियों में खाकी का खौफ है। अपराधियों के जगह अब जेल है। गुंडा एक्ट और रासुका तक अपराधियों के खिलाफ लगाई जा रही है।

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