Saturday, May 2, 2026
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Tag: अर्थव्यवस्था

क्या नर्मदा ‘मातेसरी’ रह पाएगी?

पिछले कुछ महीनों से नर्मदा को ‘मातेसरी’ मानने वाली, पूजने वाली, परिक्रमावासियों का स्वागत, सम्मान करने वाली, बड़वानी जैसे नर्मदा से कुल 5 किलोमीटर...

भूमंडलीकरण ने बढ़ाई विषमता

विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री रैगनार नर्कसे ने कहा है, ‘पॉवर्टी एनीवेयर इज ए थ्रेट टू प्रोसपेरीटी एवरी वेयर’ यानी अर्थव्यवस्था का यदि कोई क्षेत्र अल्पविकसित...

ज्यादा आबादी अभिशाप या वरदान

संयुक्त राष्ट्र के नए आंकड़ों के मुताबिक भारत दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन गया है। अब भारत की जनसंख्या 142 करोड़...

विपक्ष की राजनीति की कुंद हुई धार

साल 2024 में होने वाले आम चुनाव को लेकर देश की राजनीति में लगतार सक्रियता बनी हुई है। संसद के बजट सत्र में विपक्ष...

वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट और भारत

पिछले दिनों 20 मार्च को इंटरनेशनल डे ऑफ हैप्पीनेस के अवसर पर बर्ल्ड हैपिनेस रिपोर्ट-2023 प्रकाशित हुई है। खुशहाली के मानकों पर 150 देशों...

मुफ्त अनाज के मार्फत सियासत

केंद्र सरकार ने पुन: प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ा दी है, जो स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन कई...
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डॉ विजय गर्ग विकर्षणों और अवसरों से भरी तेजी से...

झूठ का दोहराव सच का आगाज

जॉर्जिया स्टेट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर सारा बारबर द्वारा किए...

लोकतंत्र का आईना या मीडिया का मुखौटा

जब आंकड़ों की चकाचौंध सच का मुखौटा पहनने लगे,...

वेतन के लिए ही नहीं लड़ता मजदूर

मजदूर दिवस पर श्रमिक आंदोलनों की चर्चा अक्सर फैक्टरी...