Wednesday, June 16, 2021
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पुलिस के मेल से चल रहा है खादर में खनन का खेल ?

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  • सैकड़ों वाहनों से होती है वसूली और किया जाता है अवैध परिवहन

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर: अवैध खनन और परिवहन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ये है कि यमुना खादर में खनन माफिया का सिक्का अब भी चल रहा है। चिलकाना क्षेत्र में तो पूरी तरह अंधेरगर्दी मची है। यहां पुलिस की मिली भगत से जमकर खनन और अवैध परिवहन किया जा रहा है। इसमें परिवहन विभाग और सेलटैक्स विभाग की भी संलिप्तता बताई जा रही है।

यह बताने की जरूरत नहीं है कि सहारनपुर उत्तर प्रदेश का आखिरी जिला है। इसकी सीमा उत्तराखंड और हरियाणा तथा हिमाचल प्रदेश से भी मिलती है। यह तीन राज्य से सटा हुआ है। यहां से आसानी से उत्तराखंड और हरियाणा राज्य से परिवहन चलता रहता है। इसी परिवहन की आड़ में खनन माफिया परिवहन विभाग से सांठ-गांठ कर अवैध खनन और उसका परिवहन करते रहते हैं।

अभी हाल ही में सहारनपुर के डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने सख्ती की थी। अवैध खनन को लेकर मिली शिकायतों और उनकी जांच के आधार पर कई थानों में फेरबदल किया गय था। इसके साथ ही कई थाना प्रभारियों पर गाज भी गिरी थी। थाना चिलकाना पर भी कार्रवाई की गई थी। कुछ दिनों तक तो ठीकठाक रहा किंतु अब एक बार फिर से अवैध खनन और परिवहन जारी है।

सूत्रों का कहना है कि थाना चिलकाना पुलिस माफियाओं से मिली हुई है और हरियाणा से आने वाले ओवर-लोडिड अवैध खनन की गाड़ियों को एन्ट्री दी जा रही है। इसकी बार-बार शिकायत किए जाने पर भी कोई कार्रवाई अब नहीं हो रही है। सूत्रों का कहना है कि चिलकाना पुलिस इसमें पूरी तरह से संलिप्त है। परिवहन विभाग की भूमिका संदिग्ध है।

कहा जा रहा है कि इस काले कारोबार के अवैध उगाही का पैसा केवल चिलकाना पुलिस को ही नहीं मिलता है बल्कि इसमें शामिल परिवहन विभाग सेल टैक्स विभाग और सम्बंधित खनन विभाग को भी जाता है। बता दें कि एक तरफ सरकार ने अवैध खनन के परिवहन पर रोक लगाने के लिए परिवहन विभाग, खनन पर राजस्व शुल्क वसूलने के लिए सेल टैक्स विभाग और अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए खनन विभाग को जिम्मेदारी दी हुयी है।

जबकि ये विभाग वसूली कर रहे और इससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही है। हाल ही में अवैध खनन का परिवहन करने वाली लगभग 60 गाड़ियों को चिन्हित किया गया था जो कि हरियाणा से यूपी में आ रही हैं। इन गाड़ियों से हर गाड़ी के हिसाब से 60 हजार रुपए महीना प्रत्येक गाड़ी से वसूला जाता है लेकिन परिवहन विभाग द्वारा अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

बताया जाता है कि खनन माफियाओं ने 20 परसेंट पत्थर के और 80 परसेंट रेत के रवन्ने पास करवा रखे हैं जिनके आधार पर ये लोग पूरे 100 प्रतिशत बनाकर कागजों में हेराफेरी करके पत्थर का पक्का माल हरियाणा से उत्तर प्रदेश में भेजते हैं, जहां ये सहारनपुर नानौता से होते हुए दिल्ली सहित कई जगहों पर भेजे जाते हैं। इस संबंध में एसएसपी एस चिनप्पा का कहना है कि अवैध परिवहन कराने में अगर पुलिस की भूमिका संदिग्ध है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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