Sunday, April 26, 2026
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जिंदगी है या दर्द का दरिया

  • भाई के अंतिम संस्कार से बहन ने खींच लिए हाथ, एक दिन पहले खा लिया था जहर
  • अंतिम संस्कार में कंधा देने के लिए नहीं पहुंच सके चार रिश्तेदार

जनवाणी संवाददाता |

कंकरखेड़ा: संसार में किस रिश्ते से क्या अपेक्षाएं की जाए? कभी-कभी पवित्र बंधन (रिश्ते) जिस समय जरूरत होती है उस समय ठुकरा देते हैं। ऐसा ही मामला एक दिल्ली निवासी युवक के साथ हुआ। जो कंकरखेड़ा में श्रदापुरी फेज दो में अपने पिता के साथ किराये पर रह रहा था।

हालात यह हो गए कि जीते जी पत्नी ने छोड़ दिया तो मरने के बाद बहन और अन्य परिजनों ने ठुकरा दिया। हालात यह हो गए कि नितिन तंवर की इस जिंदगी के सफर का बहुत दुखद अंत हो गया। कंकरखेड़ा पुलिस ने मानवता के नाते अंतिम संस्कार कर एक मिसाल पेश की। इस दौरान रिश्तेदारों के नाम पर केवल मृतक का साला ही शामिल हो सका। चार कंधा देने के नाम के लिए अन्य कोई रिश्तेदार या परिजन दाह संस्कार में शामिल नहीं हुआ।

साउथ दिल्ली के नारायणा गांव निवासी नितिन तंवर पुत्र राजपाल तंवर ने रविवार को जहरीला पदार्थ का सेवन कर आत्महत्या कर ली थी। यह घटना रविवार सुबह की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा मृतक नितिन बेड पर अचेत पड़ा था और उसके पिता की हालत गंभीर थी।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर परिजनों की तलाश शुरू की पता चला कि मृतक नितिन की बहन निशा उस ज्योति बागपत स्थित टटीरी में रहती है। इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर ने बताया कि पुलिस बहन के पास पहुंची और घटना के बारे में बताया।

तब ज्योति ने मृतक भाई का शव लेने से साफ इनकार कर दिया। पुलिस ने समझाने का प्रयत्न किया लेकिन उसने दो टूक कहा कि नितिन से उसका रिश्ता नहीं है। वह उसका अंतिम संस्कार नहीं कर सकती। पुलिस को उसने लिखित में दे दिया की पुलिस स्वयं अंतिम संस्कार कर दे।

तब इंस्पेक्टर तपेश्वर सागर ने अन्य परिजनों से संपर्क किया लेकिन सभी ने मना कर दिया। पत्नी ने मृत्यु से दो दिन पहले ही तलाक ले लिया था। जिसके बाद नितिन तंवर ने मृत्यु को गले लगा लिया था। सोमवार को कंकरखेड़ा पुलिस पोस्टमार्टम कराने के बाद दाह संस्कार करने के लिए शव को लेकर सूरजकुंड पहुंची। तब वहां पर मृतक नितिन तंवर का साला नीरज अंतिम संस्कार में पहुंचा। पुलिस ने मृतक नितिन के साले नीरज की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

पिता की कौन करेगा देखभाल ?

नितिन के पिता राजपाल के समक्ष विकट समस्या उत्पन्न दिखाई दे रही है। नितिन अपने पिता के साथ कंकरखेड़ा श्रद्धापुरी फेज-दो स्थित सैनिक विहार में किराए के मकान पर रह रहा था। वही अपने पिता राजपाल की देखभाल करता था। दरअसल करीब 15 वर्ष पूर्व एक दुर्घटना में राजपाल की स्थिति गंभीर हो गई थी।

तब से वह बिस्तर पर ही रहता था। अब बेटे की मौत के बाद उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं बचा। ऐसे में पुलिस ने मानवता दिखाते हुए उसे अस्पताल में भर्ती तो करा दिया। लेकिन सवाल यह है कि उसकी देखभाल आखिर कौन करेगा।

वहीं, इस संबंध में कंकरखेड़ा थाना प्रभारी तपेश्वर सागर का कहना है कि मानवता के नाते नितिन के परिजनों को अपने कर्तव्य का पालन करना था, लेकिन जब उसकी बहन और परिवार के अन्य लोग शामिल नहीं हो सके। तब मौके पर पहुंचे नितिन के साले नीरज की मौजूदगी में पुलिस ने अपना फर्ज अदा करते हुए अंतिम संस्कार कर दिया।

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