- सेक्टर दो के चौराहे पर अवैध रूप से बनाया जा रहा चाट बाजार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आवास विकास परिषद के अधिकारियों ने अवैध निर्माण को लेकर आंखे मूंद ली हैं। एक ओर अधिकारियों की ओर से अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई के दावे किये जाते हैं। वहीं, दूसरी ओर आवास विकास परिषद कार्यालय के सामने ही अवैध निर्माण किया जा रहा है, लेकिन अधिकारी इस ओर से आंखे मूंदे हैं। इसके अलावा भी क्षेत्र में कई अवैध निर्माण हैं जिन पर विभाग की ओर से कार्रवाई की योजना बनाई गई थी, लेकिन अभी तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
शहर में आवास विकास परिषद की ओर से माधवपुरम, मंगलपांडे नगर, शास्त्रीनगर और जागृति विहार योजना शुरू की गई थी। शहर के इन क्षेत्रों में कई जगहों पर अवैध निर्माण की सूचनाएं विभाग के पास आती रहती हैं, लेकिन विभाग कुछ पर कार्रवाई करता है और कुछ को ऐसे ही छोड़ देता है।
हाल ही में आवास विकास परिषद की ओर से तेजगढ़ी स्थित एक बिल्डिंग को अवैध निर्माण के मामले में सील किया गया था, लेकिन यहां आवास विकास कार्यालय के सामने ही अवैध निर्माण बनाये जाने की सूचना है, लेकिन विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।
इन निर्माणों पर नहीं हुई कार्रवाई
आवास विकास परिषद के अधिकारियों की मानें तो शास्त्रीनगर के एच ब्लॉक में 185, जे-5, ए-126 और एल 1003 में अवैध निर्माण किया गया। जिसे लेकर विभाग की ओर से कार्रवाई करने की योजना भी बनाई गई, लेकिन विभाग की ओर से इन निर्माणों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है जबकि फरवरी माह के शुरू में ही इन निर्माणों पर कार्रवाई की जानी थी। इसके अलावा भी क्षेत्र में कई अवैध निर्माण किये जा रहे हैं। जिनकी विभाग को सूचना नहीं है।
आवासीय भूमि का हो रहा कमर्शियल प्रयोग
क्षेत्र में आवासीय भूमि का जमकर कमर्शियल प्रयोग हो रहा है, लेकिन विभाग नोटिस देकर इन मामलों में इतिश्री कर लेता है। बाद में इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती। क्षेत्र के डिलीशियस बेकर्स का भी कुछ ऐसा ही मामला है। अधिशासी अभियंता नीरज कुमार की मानें तो विभाग में डिलीशियस बेकर्स के खिलाफ शिकायतों का अंबार लगा है। उनकी ओर से इस मामले में सिर्फ नोटिस की कार्रवाई की गई। जिसमें कहा गया कि अगर कार्य बंद नहीं हो तो ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी, लेकिन अभी तक विभाग चुप बैठा है।
कार्यालय के सामने ही किया जा रहा निर्माण
आवास विकास परिषद कार्यालय के ठीक सामने सेक्टर दो एक के चौराहे पर आवासीय भूखंड है, लेकिन इसमें कमर्शियल निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह सब आवास विकास के ठीक सामने हो रहा है। विभागीय अधिकारी अभी इस ओर आंखे मूंदे बैठे हैं बाद में जब यह बनकर तैयार हो जाएगा तो यहां भी नोटिसों का खेल शुरू हो जाएगा। यहां चाट बाजार बनाया जा रहा है जिसके बारे में विभागीय अधिकारियो तक को जानकारी है, लेकिन अभी इस मामले में सब चुप्पी साधे बैठे हैं। इस मामले में विभाग के जेई और एई तक को कोई जानकारी नहीं है।
आवास विकास ने की फ्लैटों की लॉटरी
आवास विकास परिषद की ओर से जागृति विहार एक्सटेंशन स्कीम 11 के सेक्टर पांच के फ्लैटों के लिये बुधवार को आवंटियों के नंबर जारी किये गये। इसके लिये लॉटरी प्रक्रिया का आयोजन जागृति विहार सामूदायिक केन्द्र में किया गया। नंबरिंग के बाद अब विभाग की ओर से आवंटियों को आवंटन पत्र जारी किये जाएंगे। जागृति विहार एक्सटेंशन स्कीम 11 के सेक्टर पांच में आवास विकास परिषद की ओर से 45/75 के 252 फ्लैट बनाये गये हैं।
इसके अलावा 31/63 के 88 फ्लैटों का निर्माण किया गया था। इसके लिये विभाग की ओर से पिछले वर्ष आॅनलाइन रजिस्ट्रेशन कराये गये थे। इन फ्लैटों के नंबर आवंटित करने के लिये बुधवार को जागृति विहार सामुदायिक केन्द्र में लॉटरी निकाली गई। जिसमें आवंटियों को फ्लैटों के नंबर जारी किये गये। अधिकारियों की मानें तो जल्द ही इन फ्लैट के आवंटन पत्र आवंटियों को दे दिये जाएंगे। अधिकारियों की मानें तो 27 फरवरी तक आवंटियों को लेटर जारी कर दिये जाएंगे।

